
| वार | मङ्गलवार |
साहस र जोश राम्रो हुने। दृढ सोचका साथ कठिनाइको सामना गर्ने र लक्ष्यतर्फ निरन्तर अघि बढ्ने। | |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
कृष्ण पक्ष (घट्दो चन्द्रमा) मा जन्म हुनाले, यसले आन्तरिक चिन्तन, विवेक, गम्भीरता र आत्मिक शक्तिलाई अनुकूल बनाउँछ। | |
| तिथि | ![]() |
कुल अवधि: २३ घण्टा ६ मिनेट दशमी तिथि मंगलबार साँझ ७:०५ PM देखि बुधबार साँझ ६:११ PM सम्म दशमी तिथिका स्वामी यमराज तथा दश दिक्पाल हुन्। यो तिथि सम्पूर्ण शुभ कार्य, नयाँ जागिर वा व्यवसाय सुरु गर्न र सामाजिक प्रतिष्ठाका लागि शुभ छ। | |
| नक्षत्र | चित्रा(३ पाउ) |
कुल अवधि: २३ घण्टा ४४ मिनेट चित्रा नक्षत्र मंगलबार साँझ ६:५५ PM देखि बुधबार साँझ ६:३९ PM सम्म चित्र नक्षत्रका स्वामी मङ्गल हुन् र यसका देवता विश्वकर्मा हुन्। यसले कला, सृजनात्मकता र वास्तुकलाको क्षेत्रलाई जनाउँछ। १ पाउ मंगलबार साँझ ६:५५ PM देखि बुधबार राति १२:५१ AM सम्म (पे) २ पाउ राति १२:५१ AM देखि बिहान ६:४७ AM सम्म (पो) ३ पाउ बिहान ६:४७ AM देखि दिउँसो १२:४३ PM सम्म (रा)हालको पाउ ४ पाउ दिउँसो १२:४३ PM देखि साँझ ६:३९ PM सम्म (री) | |
| योग | शोभन |
कुल अवधि: २१ घण्टा ५५ मिनेट शोभन योग मंगलबार बिहान १०:०३ AM देखि बुधबार बिहान ७:५८ AM सम्म सूर्य र चन्द्रमाको संयुक्त देशान्तरबाट निकालिने यो योगले तपाईंको स्वास्थ्य, समृद्धि र आपसी सम्बन्धलाई प्रभाव पार्छ। | |
| करण | वणिज |
कुल अवधि: ११ घण्टा ३० मिनेट वणिज करण मंगलबार साँझ ७:०५ PM देखि बुधबार बिहान ६:३५ AM सम्म करणले तिथिको आधा भाग प्रतिनिधित्व गर्दछ, जसले तपाईंको कार्यक्षमता, कामप्रतिको दृष्टिकोण र व्यावसायिक झुकावलाई सङ्केत गर्छ। | |
| चन्द्र राशि | कन्या |
कुल अवधि: ५४ घण्टा १० मिनेट कन्या राशि बुधबार राति १२:०२ AM देखि शुक्रबार बिहान ६:१२ AM सम्म कन्या राशिमा चन्द्रमा हुनाले, बुध ग्रहले तपाईंलाई विश्लेषणात्मक बुद्धि, व्यावहारिक सोच, कर्तव्यपरायणता र सूक्ष्म कुराहरूमा ध्यान दिने बानी दिन्छ। | |
समग्र जीवन, शरीर र तात्कालिक आकाशीय ग्रह गोचर फल
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | मीन | ५° १६' २६" | उत्तरभाद्रपदा(१)- शनि | -- | -- | -- | -- |
सूर्य | धनु | ५° ५३' ५६" | मूला(२)- केतु | बाल | ज्ञातिकारक | मित्रदिग्बली | मार्गी |
चन्द्र | कन्या | २९° ४३' २८" | चित्रा(२)- मङ्गल | बाल | आत्मकारक | मित्रवर्गोत्तम | मार्गीउदय |
मङ्गल | धनु | २६° ०३' ५४" | पूर्वाषाढा(४)- शुक्र | मृत | भ्रातृकारक | मित्रदिग्बली | मार्गीउदय |
बुध | धनु | ११° ४३' २७" | मूला(४)- केतु | कुमार | मातृकारक | सम | मार्गीअस्त |
बृहस्पति | कन्या | २° ३३' ३७" | उत्तराफाल्गुनी(२)- सूर्य | मृत | दारककारक | शत्रु | मार्गीउदय |
शुक्र🪷 | मकर | ८° ४८' १०" | उत्तराषाढा(४)- सूर्य | वृद्ध | पुत्रकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
शनि | मीन | २६° ४६' १९" | रेवती(४)- बुध | बाल | अमात्यकारक | समवर्गोत्तम | वक्रीउदय |
राहु🪷 | मकर | ८° ३६' ०१" | उत्तराषाढा(४)- सूर्य | वृद्ध | -- | मित्रपुष्कर | वक्री |
केतु🪷 | कर्कट | ८° ३६' ०१" | पुष्य(२)- शनि | वृद्ध | -- | शत्रुपुष्कर | वक्री |