
| वार | सोमवार |
मन कोमल र मायालु हुने। परिवार र आफ्ना मानिसप्रति गहिरो माया रहने र सम्बन्धमा शान्ति तथा आत्मीयता खोज्ने। | |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
कृष्ण पक्ष (घट्दो चन्द्रमा) मा जन्म हुनाले, यसले आन्तरिक चिन्तन, विवेक, गम्भीरता र आत्मिक शक्तिलाई अनुकूल बनाउँछ। | |
| तिथि | ![]() |
कुल अवधि: २२ घण्टा ४२ मिनेट नवमी तिथि सोमबार साँझ ८:२२ PM देखि मंगलबार साँझ ७:०४ PM सम्म तपाईंको जन्मको तिथिले तपाईंको भावनात्मक सम्बन्ध, साझेदारी र मानसिक अवस्थालाई मार्गनिर्देशन गर्दछ। | |
| नक्षत्र | हस्त(३ पाउ) |
कुल अवधि: २३ घण्टा २० मिनेट हस्त नक्षत्र सोमबार साँझ ७:३४ PM देखि मंगलबार साँझ ६:५५ PM सम्म हस्त नक्षत्रका स्वामी चन्द्रमा हुन् र यसका देवता सविता हुन्। यो नक्षत्र हस्तकला, सीप र मानसिक चतुरताको प्रतीक हो। १ पाउ सोमबार साँझ ७:३४ PM देखि मंगलबार राति १:२४ AM सम्म (पू) २ पाउ राति १:२४ AM देखि बिहान ७:१४ AM सम्म (ष) ३ पाउ बिहान ७:१४ AM देखि दिउँसो १:०५ PM सम्म (ण)हालको पाउ ४ पाउ दिउँसो १:०५ PM देखि साँझ ६:५५ PM सम्म (ठ) | |
| योग | शोभन |
कुल अवधि: २१ घण्टा ५५ मिनेट शोभन योग मंगलबार बिहान १०:०१ AM देखि बुधबार बिहान ७:५७ AM सम्म सूर्य र चन्द्रमाको संयुक्त देशान्तरबाट निकालिने यो योगले तपाईंको स्वास्थ्य, समृद्धि र आपसी सम्बन्धलाई प्रभाव पार्छ। | |
| करण | गरज |
कुल अवधि: ११ घण्टा २४ मिनेट गरज करण मंगलबार बिहान ७:४० AM देखि मंगलबार साँझ ७:०४ PM सम्म करणले तिथिको आधा भाग प्रतिनिधित्व गर्दछ, जसले तपाईंको कार्यक्षमता, कामप्रतिको दृष्टिकोण र व्यावसायिक झुकावलाई सङ्केत गर्छ। | |
| चन्द्र राशि | कन्या |
कुल अवधि: ५२ घण्टा १० मिनेट कन्या राशि आइतबार साँझ ७:५१ PM देखि बुधबार राति १२:०२ AM सम्म कन्या राशिमा चन्द्रमा हुनाले, बुध ग्रहले तपाईंलाई विश्लेषणात्मक बुद्धि, व्यावहारिक सोच, कर्तव्यपरायणता र सूक्ष्म कुराहरूमा ध्यान दिने बानी दिन्छ। | |
समग्र जीवन, शरीर र तात्कालिक आकाशीय ग्रह गोचर फल
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | मीन | ३° ५२' ५९" | उत्तरभाद्रपदा(१)- शनि | -- | -- | -- | -- |
सूर्य | धनु | ४° ५२' ५०" | मूला(२)- केतु | बाल | ज्ञातिकारक | मित्रदिग्बली | मार्गी |
चन्द्र🪷 | कन्या | १६° ०७' १३" | हस्त(२)- चन्द्र | युवा | भ्रातृकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
मङ्गल | धनु | २५° १७' १९" | पूर्वाषाढा(४)- शुक्र | मृत | अमात्यकारक | मित्रदिग्बली | मार्गीउदय |
बुध | धनु | १०° ०७' ५४" | मूला(४)- केतु | कुमार | मातृकारक | सम | मार्गीअस्त |
बृहस्पति | कन्या | २° २९' ३७" | उत्तराफाल्गुनी(२)- सूर्य | मृत | दारककारक | शत्रु | मार्गीउदय |
शुक्र🪷 | मकर | ७° ३४' २२" | उत्तराषाढा(४)- सूर्य | वृद्ध | पुत्रकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
शनि | मीन | २६° ४६' ३५" | रेवती(४)- बुध | बाल | आत्मकारक | समवर्गोत्तम | वक्रीउदय |
राहु🪷 | मकर | ८° ३८' ०७" | उत्तराषाढा(४)- सूर्य | वृद्ध | -- | मित्रपुष्कर | वक्री |
केतु🪷 | कर्कट | ८° ३८' ०७" | पुष्य(२)- शनि | वृद्ध | -- | शत्रुपुष्कर | वक्री |