
| वार | बुधवार |
बुद्धि तीक्ष्ण हुने र कुरा बुझ्ने क्षमता राम्रो रहने। बोल्नमा निपुण र नयाँ कुरा सिक्न सधैं उत्सुक रहने। | |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
कृष्ण पक्ष (घट्दो चन्द्रमा) मा जन्म हुनाले, यसले आन्तरिक चिन्तन, विवेक, गम्भीरता र आत्मिक शक्तिलाई अनुकूल बनाउँछ। | |
| तिथि | ![]() |
कुल अवधि: २३ घण्टा ३१ मिनेट एकादशी तिथि बुधबार साँझ ६:११ PM देखि बिहीबार साँझ ५:४२ PM सम्म एकादशी तिथिका स्वामी भगवान विष्णु हुन्। यो तिथि व्रत बस्न र आध्यात्मिक उन्नतिको लागि वर्षकै सबैभन्दा पवित्र मानिन्छ। यस दिन अन्न त्याग गर्दा पाप क्षय हुने विश्वास छ। | |
| नक्षत्र | स्वाति(३ पाउ) |
कुल अवधि: २४ घण्टा ८ मिनेट स्वाति नक्षत्र बुधबार साँझ ६:३९ PM देखि बिहीबार साँझ ६:४७ PM सम्म स्वाती नक्षत्रका स्वामी राहु हुन् र यसका देवता वायु हुन्। यसले स्वतन्त्रता, व्यापारिक चेत र अनुकूलन क्षमतालाई बुझाउँछ। १ पाउ बुधबार साँझ ६:३९ PM देखि बिहीबार राति १२:४१ AM सम्म (रू) २ पाउ राति १२:४१ AM देखि बिहान ६:४३ AM सम्म (रे) ३ पाउ बिहान ६:४३ AM देखि दिउँसो १२:४५ PM सम्म (रो)हालको पाउ ४ पाउ दिउँसो १२:४५ PM देखि साँझ ६:४७ PM सम्म (ता) | |
| योग | अतिगण्ड |
कुल अवधि: २२ घण्टा १५ मिनेट अतिगण्ड योग बुधबार बिहान ७:५८ AM देखि बिहीबार बिहान ६:१३ AM सम्म सूर्य र चन्द्रमाको संयुक्त देशान्तरबाट निकालिने यो योगले तपाईंको स्वास्थ्य, समृद्धि र आपसी सम्बन्धलाई प्रभाव पार्छ। | |
| करण | बव |
कुल अवधि: ११ घण्टा ४२ मिनेट बव करण बुधबार साँझ ६:११ PM देखि बिहीबार बिहान ५:५३ AM सम्म करणले तिथिको आधा भाग प्रतिनिधित्व गर्दछ, जसले तपाईंको कार्यक्षमता, कामप्रतिको दृष्टिकोण र व्यावसायिक झुकावलाई सङ्केत गर्छ। | |
| चन्द्र राशि | तुला |
कुल अवधि: ५४ घण्टा १० मिनेट तुला राशि बुधबार राति १२:०२ AM देखि शुक्रबार बिहान ६:१२ AM सम्म तुला राशिमा चन्द्रमा हुनाले, शुक्र ग्रहले तपाईंलाई सन्तुलनप्रिय स्वभाव, मधुर सम्बन्ध बनाउने कला र कलात्मक दृष्टिकोण प्रदान गर्दछ। | |
समग्र जीवन, शरीर र तात्कालिक आकाशीय ग्रह गोचर फल
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | मीन | ६° ३९' ५४" | उत्तरभाद्रपदा(१)- शनि | -- | -- | -- | -- |
सूर्य | धनु | ६° ५५' ०३" | मूला(३)- केतु | कुमार | ज्ञातिकारक | मित्रदिग्बली | मार्गी |
चन्द्र | तुला | १३° ०५' ५८" | स्वाति(२)- राहु | युवा | मातृकारक | सम | मार्गीउदय |
मङ्गल🪷 | धनु | २६° ५०' ३२" | उत्तराषाढा(१)- सूर्य | मृत | आत्मकारक | मित्रवर्गोत्तम पुष्करदिग्बली | मार्गीउदय |
बुध | धनु | १३° १९' १०" | मूला(४)- केतु | युवा | भ्रातृकारक | सम | मार्गीअस्त |
बृहस्पति | कन्या | २° ३७' २७" | उत्तराफाल्गुनी(२)- सूर्य | मृत | दारककारक | शत्रु | मार्गीउदय |
शुक्र | मकर | १०° ०१' ५६" | श्रवण(१)- चन्द्र | वृद्ध | पुत्रकारक | मित्र | मार्गीउदय |
शनि | मीन | २६° ४६' १०" | रेवती(४)- बुध | बाल | अमात्यकारक | समवर्गोत्तम | वक्रीउदय |
राहु🪷 | मकर | ८° ३२' १२" | उत्तराषाढा(४)- सूर्य | वृद्ध | -- | मित्रपुष्कर | वक्री |
केतु🪷 | कर्कट | ८° ३२' १२" | पुष्य(२)- शनि | वृद्ध | -- | शत्रुपुष्कर | वक्री |