
१ डिसेम्बर २०२७
ने.सं. ११४८ थिंलाथ्व चतुर्थी
शक संवत् १९४९ (प्लवङ्ग संवत्सर)
| वार | मङ्गलवार |
साहस र जोश राम्रो हुने। दृढ सोचका साथ कठिनाइको सामना गर्ने र लक्ष्यतर्फ निरन्तर अघि बढ्ने। | |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
शुक्ल पक्ष (बढ्दो चन्द्रमा) मा जन्म हुनाले, यसले बाह्य विकास, ऊर्जा वृद्धि, सकारात्मकता र प्रगतिको सङ्केत गर्दछ। | |
| तिथि | ![]() |
कुल अवधि: २६ घण्टा ४ मिनेट चतुर्थी तिथि बुधबार बिहान ६:०९ AM देखि बिहीबार बिहान ८:१३ AM सम्म तपाईंको जन्मको तिथिले तपाईंको भावनात्मक सम्बन्ध, साझेदारी र मानसिक अवस्थालाई मार्गनिर्देशन गर्दछ। | |
| नक्षत्र | पूर्वाषाढा४ पाउ |
कुल अवधि: २६ घण्टा १६ मिनेट पूर्वाषाढा नक्षत्र मंगलबार दिउँसो ३:५९ PM देखि बुधबार साँझ ६:१५ PM सम्म तपाईंको जन्म नक्षत्र तपाईंको कुण्डलीको सबैभन्दा महत्त्वपूर्ण नक्षत्र हो, जसले तपाईंको गहिरो सोच, व्यक्तित्व र जीवन मार्गलाई आकार दिन्छ। १ पाउ दिउँसो ३:५९ PM देखि राति १०:३३ PM सम्म (भू) २ पाउ मंगलबार राति १०:३३ PM देखि बुधबार बिहान ५:०७ AM सम्म (धा) ३ पाउ बिहान ५:०७ AM देखि बिहान ११:४१ AM सम्म (फा) ४ पाउ बिहान ११:४१ AM देखि साँझ ६:१५ PM सम्म (ढा)हालको पाउ | |
| योग | गण्ड |
कुल अवधि: २४ घण्टा १९ मिनेट गण्ड योग मंगलबार साँझ ८:५१ PM देखि बुधबार साँझ ९:१० PM सम्म सूर्य र चन्द्रमाको संयुक्त देशान्तरबाट निकालिने यो योगले तपाईंको स्वास्थ्य, समृद्धि र आपसी सम्बन्धलाई प्रभाव पार्छ। | |
| करण | वणिज |
कुल अवधि: १२ घण्टा ५८ मिनेट वणिज करण बुधबार बिहान ६:०९ AM देखि बुधबार साँझ ७:०७ PM सम्म करणले तिथिको आधा भाग प्रतिनिधित्व गर्दछ, जसले तपाईंको कार्यक्षमता, कामप्रतिको दृष्टिकोण र व्यावसायिक झुकावलाई सङ्केत गर्छ। | |
| चन्द्र राशि | धनु |
कुल अवधि: ५८ घण्टा १६ मिनेट धनु राशि सोमबार बिहान ७:०७ AM देखि बुधबार साँझ ५:२३ PM सम्म धनु राशिमा चन्द्रमा हुनाले, देवगुरु बृहस्पतिको कृपाले तपाईंलाई सकारात्मक सोच, दार्शनिक दृष्टिकोण र ज्ञान प्राप्तिको अभिलाषा दिन्छ। | |
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | कुम्भ | ६° ४४' ३७" | शतभिषा(१)- राहु | -- | -- | -- | -- |
सूर्य | वृश्चिक | १४° ३३' ४४" | अनुराधा(४)- शनि | युवा | भ्रातृकारक | मित्रवर्गोत्तमदिग्बली | मार्गी |
चन्द्र🪷 | धनु | २०° ३६' ०५" | पूर्वाषाढा(३)- शुक्र | वृद्ध | अमात्यकारक | समपुष्कर | मार्गीउदय |
मङ्गल | धनु | ९° ५४' ३९" | मूला(३)- केतु | कुमार | पुत्रकारक | मित्र | मार्गीउदय |
बुध🪷 | वृश्चिक | ८° ३७' ४३" | अनुराधा(२)- शनि | वृद्ध | ज्ञातिकारक | समपुष्कर | मार्गीअस्त |
बृहस्पति | कन्या | ०° ३५' २८" | उत्तराफाल्गुनी(२)- सूर्य | मृत | दारककारक | शत्रु | मार्गीउदय |
शुक्र | धनु | १२° ५३' ०४" | मूला(४)- केतु | युवा | मातृकारक | सम | मार्गीउदय |
शनि | मीन | २७° १४' २७" | रेवती(४)- बुध | बाल | आत्मकारक | समवर्गोत्तम | वक्रीउदय |
राहु🪷 | मकर | ९° २१' ०२" | उत्तराषाढा(४)- सूर्य | वृद्ध | -- | मित्रपुष्कर | वक्री |
केतु🪷 | कर्कट | ९° २१' ०२" | पुष्य(२)- शनि | वृद्ध | -- | शत्रुपुष्कर | वक्री |