
२ डिसेम्बर २०२७
ने.सं. ११४८ थिंलाथ्व पञ्चमी
शक संवत् १९४९ (प्लवङ्ग संवत्सर)
| वार | बुधवार |
बुद्धि तीक्ष्ण हुने र कुरा बुझ्ने क्षमता राम्रो रहने। बोल्नमा निपुण र नयाँ कुरा सिक्न सधैं उत्सुक रहने। | |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
शुक्ल पक्ष (बढ्दो चन्द्रमा) मा जन्म हुनाले, यसले बाह्य विकास, ऊर्जा वृद्धि, सकारात्मकता र प्रगतिको सङ्केत गर्दछ। | |
| तिथि | ![]() |
कुल अवधि: २६ घण्टा ३० मिनेट पञ्चमी तिथि बिहीबार बिहान ८:१३ AM देखि शुक्रबार बिहान १०:४३ AM सम्म पञ्चमी तिथिका स्वामी नाग देवता हुन्। यो तिथि विद्या प्राप्ति (सरस्वती पूजा), कला, औषधि सेवन र सम्बन्ध सुधारका लागि निकै राम्रो मानिन्छ। | |
| नक्षत्र | उत्तराषाढा३ पाउ |
कुल अवधि: २६ घण्टा ४४ मिनेट उत्तराषाढा नक्षत्र बुधबार साँझ ६:१५ PM देखि बिहीबार साँझ ८:५९ PM सम्म तपाईंको जन्म नक्षत्र तपाईंको कुण्डलीको सबैभन्दा महत्त्वपूर्ण नक्षत्र हो, जसले तपाईंको गहिरो सोच, व्यक्तित्व र जीवन मार्गलाई आकार दिन्छ। १ पाउ बुधबार साँझ ६:१५ PM देखि बिहीबार राति १२:५६ AM सम्म (भे) २ पाउ राति १२:५६ AM देखि बिहान ७:३७ AM सम्म (भो) ३ पाउ बिहान ७:३७ AM देखि दिउँसो २:१८ PM सम्म (जा)हालको पाउ ४ पाउ दिउँसो २:१८ PM देखि साँझ ८:५९ PM सम्म (जी) | |
| योग | वृद्धि |
कुल अवधि: २४ घण्टा ४१ मिनेट वृद्धि योग बुधबार साँझ ९:१० PM देखि बिहीबार साँझ ९:५१ PM सम्म सूर्य र चन्द्रमाको संयुक्त देशान्तरबाट निकालिने यो योगले तपाईंको स्वास्थ्य, समृद्धि र आपसी सम्बन्धलाई प्रभाव पार्छ। | |
| करण | बव |
कुल अवधि: १३ घण्टा १२ मिनेट बव करण बिहीबार बिहान ८:१३ AM देखि बिहीबार साँझ ९:२६ PM सम्म करणले तिथिको आधा भाग प्रतिनिधित्व गर्दछ, जसले तपाईंको कार्यक्षमता, कामप्रतिको दृष्टिकोण र व्यावसायिक झुकावलाई सङ्केत गर्छ। | |
| चन्द्र राशि | मकर |
कुल अवधि: ६० घण्टा ३३ मिनेट मकर राशि बुधबार साँझ ५:२३ PM देखि शनिबार बिहान ५:५६ AM सम्म मकर राशिमा चन्द्रमा हुनाले, शनिदेवको प्रभावले तपाईंलाई अनुशासित जीवनशैली, कडा परिश्रम गर्ने बानी र उच्च कर्तव्यबोध प्रदान गर्दछ। | |
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | कुम्भ | ८° ०२' ४९" | शतभिषा(१)- राहु | -- | -- | -- | -- |
सूर्य | वृश्चिक | १५° ३४' ३४" | अनुराधा(४)- शनि | युवा | अमात्यकारक | मित्रवर्गोत्तमदिग्बली | मार्गी |
चन्द्र | मकर | २° ४०' ०८" | उत्तराषाढा(२)- सूर्य | मृत | ज्ञातिकारक | समवर्गोत्तम | मार्गीउदय |
मङ्गल | धनु | १०° ४०' २१" | मूला(४)- केतु | कुमार | मातृकारक | मित्र | मार्गीउदय |
बुध | वृश्चिक | १०° १२' ०९" | अनुराधा(३)- शनि | वृद्ध | पुत्रकारक | सम | मार्गीअस्त |
बृहस्पति | कन्या | ०° ४२' ३७" | उत्तराफाल्गुनी(२)- सूर्य | मृत | दारककारक | शत्रु | मार्गीउदय |
शुक्र | धनु | १४° ०७' २०" | पूर्वाषाढा(१)- शुक्र | युवा | भ्रातृकारक | सम | मार्गीउदय |
शनि | मीन | २७° १२' ०४" | रेवती(४)- बुध | बाल | आत्मकारक | समवर्गोत्तम | वक्रीउदय |
राहु🪷 | मकर | ९° १८' ५६" | उत्तराषाढा(४)- सूर्य | वृद्ध | -- | मित्रपुष्कर | वक्री |
केतु🪷 | कर्कट | ९° १८' ५६" | पुष्य(२)- शनि | वृद्ध | -- | शत्रुपुष्कर | वक्री |