
२६ नोभेम्बर २०२७
ने.सं. ११४८ थिंलागा चतुर्दशी
शक संवत् १९४९ (प्लवङ्ग संवत्सर)
| वार | बिहीवार |
ज्ञान र नयाँ कुरा सिक्न रुचि रहने। राम्रो सोच, धैर्य र असल कुराप्रतिको सम्मानले सही बाटो रोज्न सहयोग गर्ने। | |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
कृष्ण पक्ष (घट्दो चन्द्रमा) मा जन्म हुनाले, यसले आन्तरिक चिन्तन, विवेक, गम्भीरता र आत्मिक शक्तिलाई अनुकूल बनाउँछ। | |
| तिथि | ![]() |
कुल अवधि: २३ घण्टा १९ मिनेट चतुर्दशी तिथि शुक्रबार बिहान ४:१७ AM देखि शनिबार राति ३:३७ AM सम्म तपाईंको जन्मको तिथिले तपाईंको भावनात्मक सम्बन्ध, साझेदारी र मानसिक अवस्थालाई मार्गनिर्देशन गर्दछ। | |
| नक्षत्र | स्वाति४ पाउ |
कुल अवधि: २३ घण्टा ४२ मिनेट स्वाति नक्षत्र बिहीबार दिउँसो १२:४६ PM देखि शुक्रबार दिउँसो १२:२९ PM सम्म स्वाती नक्षत्रका स्वामी राहु हुन् र यसका देवता वायु हुन्। यसले स्वतन्त्रता, व्यापारिक चेत र अनुकूलन क्षमतालाई बुझाउँछ। १ पाउ दिउँसो १२:४६ PM देखि साँझ ६:४२ PM सम्म (रू) २ पाउ बिहीबार साँझ ६:४२ PM देखि शुक्रबार राति १२:३८ AM सम्म (रे) ३ पाउ राति १२:३८ AM देखि बिहान ६:३३ AM सम्म (रो) ४ पाउ बिहान ६:३३ AM देखि दिउँसो १२:२९ PM सम्म (ता)हालको पाउ | |
| योग | शोभन |
कुल अवधि: २२ घण्टा १३ मिनेट शोभन योग शुक्रबार राति १:४८ AM देखि शनिबार राति १२:०१ AM सम्म सूर्य र चन्द्रमाको संयुक्त देशान्तरबाट निकालिने यो योगले तपाईंको स्वास्थ्य, समृद्धि र आपसी सम्बन्धलाई प्रभाव पार्छ। | |
| करण | विष्टि |
कुल अवधि: ११ घण्टा ३६ मिनेट विष्टि करण शुक्रबार बिहान ४:१७ AM देखि शुक्रबार दिउँसो ३:५४ PM सम्म करणले तिथिको आधा भाग प्रतिनिधित्व गर्दछ, जसले तपाईंको कार्यक्षमता, कामप्रतिको दृष्टिकोण र व्यावसायिक झुकावलाई सङ्केत गर्छ। | |
| चन्द्र राशि | तुला |
कुल अवधि: ५३ घण्टा १५ मिनेट तुला राशि बुधबार साँझ ६:२६ PM देखि शुक्रबार राति ११:४१ PM सम्म तुला राशिमा चन्द्रमा हुनाले, शुक्र ग्रहले तपाईंलाई सन्तुलनप्रिय स्वभाव, मधुर सम्बन्ध बनाउने कला र कलात्मक दृष्टिकोण प्रदान गर्दछ। | |
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | कुम्भ | ०° २०' ४१" | धनिष्ठा(३)- मङ्गल | -- | -- | -- | -- |
सूर्य🪷 | वृश्चिक | ९° २९' ५४" | अनुराधा(२)- शनि | वृद्ध | मातृकारक | मित्रपुष्करदिग्बली | मार्गी |
चन्द्र | तुला | १६° ३०' २४" | स्वाति(३)- राहु | युवा | भ्रातृकारक | सम | मार्गीउदय |
मङ्गल | धनु | ६° ०६' ५७" | मूला(२)- केतु | कुमार | ज्ञातिकारक | मित्र | मार्गीउदय |
बुध🪷 | वृश्चिक | ०° ४४' ३०" | विशाखा(४)- बृहस्पति | मृत | दारककारक | समपुष्कर | मार्गीअस्त |
बृहस्पति🪷 | सिंह | २९° ५७' ४२" | उत्तराफाल्गुनी(१)- सूर्य | मृत | आत्मकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
शुक्र | धनु | ६° ४१' ३२" | मूला(३)- केतु | कुमार | पुत्रकारक | सम | मार्गीउदय |
शनि | मीन | २७° २७' ४३" | रेवती(४)- बुध | बाल | अमात्यकारक | समवर्गोत्तम | वक्रीउदय |
राहु | मकर | १०° ०३' ०६" | श्रवण(१)- चन्द्र | वृद्ध | -- | मित्र | वक्री |
केतु | कर्कट | १०° ०३' ०६" | पुष्य(३)- शनि | वृद्ध | -- | शत्रु | वक्री |