
२५ नोभेम्बर २०२७
ने.सं. ११४८ थिंलागा त्रयोदशी
शक संवत् १९४९ (प्लवङ्ग संवत्सर)
| वार | बुधवार |
बुद्धि तीक्ष्ण हुने र कुरा बुझ्ने क्षमता राम्रो रहने। बोल्नमा निपुण र नयाँ कुरा सिक्न सधैं उत्सुक रहने। | |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
कृष्ण पक्ष (घट्दो चन्द्रमा) मा जन्म हुनाले, यसले आन्तरिक चिन्तन, विवेक, गम्भीरता र आत्मिक शक्तिलाई अनुकूल बनाउँछ। | |
| तिथि | ![]() |
कुल अवधि: २२ घण्टा ५७ मिनेट त्रयोदशी तिथि बिहीबार बिहान ५:२० AM देखि शुक्रबार बिहान ४:१७ AM सम्म तपाईंको जन्मको तिथिले तपाईंको भावनात्मक सम्बन्ध, साझेदारी र मानसिक अवस्थालाई मार्गनिर्देशन गर्दछ। | |
| नक्षत्र | चित्रा४ पाउ |
कुल अवधि: २३ घण्टा २४ मिनेट चित्रा नक्षत्र बुधबार दिउँसो १:२३ PM देखि बिहीबार दिउँसो १२:४६ PM सम्म चित्र नक्षत्रका स्वामी मङ्गल हुन् र यसका देवता विश्वकर्मा हुन्। यसले कला, सृजनात्मकता र वास्तुकलाको क्षेत्रलाई जनाउँछ। १ पाउ दिउँसो १:२३ PM देखि साँझ ७:१४ PM सम्म (पे) २ पाउ बुधबार साँझ ७:१४ PM देखि बिहीबार राति १:०५ AM सम्म (पो) ३ पाउ राति १:०५ AM देखि बिहान ६:५५ AM सम्म (रा) ४ पाउ बिहान ६:५५ AM देखि दिउँसो १२:४६ PM सम्म (री)हालको पाउ | |
| योग | सौभाग्य |
कुल अवधि: २१ घण्टा ५६ मिनेट सौभाग्य योग बिहीबार राति ३:५२ AM देखि शुक्रबार राति १:४८ AM सम्म सूर्य र चन्द्रमाको संयुक्त देशान्तरबाट निकालिने यो योगले तपाईंको स्वास्थ्य, समृद्धि र आपसी सम्बन्धलाई प्रभाव पार्छ। | |
| करण | गरज |
कुल अवधि: ११ घण्टा २६ मिनेट गरज करण बिहीबार बिहान ५:२० AM देखि बिहीबार साँझ ४:४६ PM सम्म करणले तिथिको आधा भाग प्रतिनिधित्व गर्दछ, जसले तपाईंको कार्यक्षमता, कामप्रतिको दृष्टिकोण र व्यावसायिक झुकावलाई सङ्केत गर्छ। | |
| चन्द्र राशि | तुला |
कुल अवधि: ५३ घण्टा १५ मिनेट तुला राशि बुधबार साँझ ६:२६ PM देखि शुक्रबार राति ११:४१ PM सम्म तुला राशिमा चन्द्रमा हुनाले, शुक्र ग्रहले तपाईंलाई सन्तुलनप्रिय स्वभाव, मधुर सम्बन्ध बनाउने कला र कलात्मक दृष्टिकोण प्रदान गर्दछ। | |
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | मकर | २९° ०५' २३" | धनिष्ठा(२)- मङ्गल | -- | -- | -- | -- |
सूर्य🪷 | वृश्चिक | ८° २९' १२" | अनुराधा(२)- शनि | वृद्ध | मातृकारक | मित्रपुष्कर | मार्गी |
चन्द्र | तुला | २° ५७' २३" | चित्रा(३)- मङ्गल | बाल | दारककारक | समवर्गोत्तम | मार्गीउदय |
मङ्गल | धनु | ५° २१' ३४" | मूला(२)- केतु | बाल | ज्ञातिकारक | मित्र | मार्गीउदय |
बुध | तुला | २९° ०९' ४१" | विशाखा(३)- बृहस्पति | मृत | अमात्यकारक | मित्र | मार्गीअस्त |
बृहस्पति🪷 | सिंह | २९° ४९' ४५" | उत्तराफाल्गुनी(१)- सूर्य | मृत | आत्मकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
शुक्र | धनु | ५° २७' १२" | मूला(२)- केतु | बाल | पुत्रकारक | सम | मार्गीउदय |
शनि | मीन | २७° ३०' ३९" | रेवती(४)- बुध | बाल | भ्रातृकारक | समवर्गोत्तम | वक्रीउदय |
राहु | मकर | १०° १३' २८" | श्रवण(१)- चन्द्र | वृद्ध | -- | मित्र | वक्री |
केतु | कर्कट | १०° १३' २८" | पुष्य(३)- शनि | वृद्ध | -- | शत्रु | वक्री |