
१२ अगस्ट २०२३
ने.सं. ११४३ गुंलागा द्वादशी
शक संवत् १९४५ (शोभकृत संवत्सर)
| वार | शनिवार |
धैर्य र मेहनतमा विश्वास गर्ने। जिम्मेवारी पूरा गर्न सक्ने र कठिन समयमा पनि हिम्मत नहार्ने। | |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
कृष्ण पक्ष (घट्दो चन्द्रमा) मा जन्म हुनाले, यसले आन्तरिक चिन्तन, विवेक, गम्भीरता र आत्मिक शक्तिलाई अनुकूल बनाउँछ। | |
| तिथि | ![]() |
कुल अवधि: २५ घण्टा ४८ मिनेट द्वादशी तिथि शनिबार राति १:०१ AM देखि आइतबार राति २:४९ AM सम्म तपाईंको जन्मको तिथिले तपाईंको भावनात्मक सम्बन्ध, साझेदारी र मानसिक अवस्थालाई मार्गनिर्देशन गर्दछ। | |
| नक्षत्र | आर्द्रा(२ पाउ) |
कुल अवधि: २६ घण्टा २४ मिनेट आर्द्रा नक्षत्र शनिबार राति १२:३२ AM देखि आइतबार राति २:५६ AM सम्म आर्द्रा नक्षत्रका स्वामी राहु हुन् र यसका देवता रुद्र हुन्। यो नक्षत्रले आँधीबेहरी, भावना र जीवनको तीव्र रूपान्तरणलाई बुझाउँछ। १ पाउ राति १२:३२ AM देखि बिहान ७:०८ AM सम्म (कु) २ पाउ बिहान ७:०८ AM देखि दिउँसो १:४४ PM सम्म (घ)हालको पाउ ३ पाउ दिउँसो १:४४ PM देखि साँझ ८:२० PM सम्म (ङ) ४ पाउ शनिबार साँझ ८:२० PM देखि आइतबार राति २:५६ AM सम्म (छ) | |
| योग | वज्र |
कुल अवधि: २४ घण्टा ३३ मिनेट वज्र योग शनिबार बिहान ९:५१ AM देखि आइतबार बिहान १०:२३ AM सम्म सूर्य र चन्द्रमाको संयुक्त देशान्तरबाट निकालिने यो योगले तपाईंको स्वास्थ्य, समृद्धि र आपसी सम्बन्धलाई प्रभाव पार्छ। | |
| करण | कौलव |
कुल अवधि: १२ घण्टा ५२ मिनेट कौलव करण शनिबार राति १:०१ AM देखि शनिबार दिउँसो १:५३ PM सम्म करणले तिथिको आधा भाग प्रतिनिधित्व गर्दछ, जसले तपाईंको कार्यक्षमता, कामप्रतिको दृष्टिकोण र व्यावसायिक झुकावलाई सङ्केत गर्छ। | |
| चन्द्र राशि | मिथुन |
कुल अवधि: ५९ घण्टा १५ मिनेट मिथुन राशि शुक्रबार बिहान ४:०८ AM देखि आइतबार दिउँसो ३:२२ PM सम्म मिथुन राशिमा चन्द्रमा हुनाले, बुध ग्रहले तपाईंलाई राम्रो अभिव्यक्ति क्षमता, जिज्ञासा र बौद्धिक क्षमता प्रदान गर्दछ। | |
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | तुला | १९° १२' १४" | स्वाति(४)- राहु | -- | -- | -- | -- |
सूर्य | कर्कट | २५° ०७' ३०" | आश्लेषा(३)- बुध | बाल | भ्रातृकारक | मित्रदिग्बली | मार्गी |
चन्द्र | मिथुन | ९° ३३' ४९" | आर्द्रा(१)- राहु | कुमार | दारककारक | मित्र | मार्गीउदय |
मङ्गल | सिंह | २६° ०५' ५३" | पूर्वाफाल्गुनी(४)- शुक्र | मृत | अमात्यकारक | मित्र | मार्गीउदय |
बुध🪷 | सिंह | २२° २०' १२" | पूर्वाफाल्गुनी(३)- शुक्र | वृद्ध | मातृकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
बृहस्पति🪷 | मेष | २०° ३०' ५०" | भरणी(३)- शुक्र | वृद्ध | पुत्रकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
शुक्र | कर्कट | २७° ०२' ०६" | आश्लेषा(४)- बुध | बाल | आत्मकारक | शत्रु | वक्रीअस्त |
शनि | कुम्भ | १०° ४६' १४" | शतभिषा(२)- राहु | कुमार | ज्ञातिकारक | मूलत्रिकोण | वक्रीउदय |
राहु | मेष | ३° ३०' २७" | अश्विनी(२)- केतु | बाल | -- | शत्रुदिग्बली | वक्री |
केतु | तुला | ३° ३०' २७" | चित्रा(४)- मङ्गल | बाल | -- | मित्र | वक्री |