
११ अगस्ट २०२३
ने.सं. ११४३ गुंलागा एकादशी
शक संवत् १९४५ (शोभकृत संवत्सर)
| वार | शुक्रवार |
मायालु र मिलनसार हुने। कला, सौन्दर्य र राम्रा कुराप्रति रुचि रहने तथा सम्बन्धमा मेलमिलापलाई महत्व दिने। | |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
कृष्ण पक्ष (घट्दो चन्द्रमा) मा जन्म हुनाले, यसले आन्तरिक चिन्तन, विवेक, गम्भीरता र आत्मिक शक्तिलाई अनुकूल बनाउँछ। | |
| तिथि | ![]() |
कुल अवधि: २५ घण्टा २५ मिनेट एकादशी तिथि बिहीबार राति ११:३६ PM देखि शनिबार राति १:०१ AM सम्म तपाईंको जन्मको तिथिले तपाईंको भावनात्मक सम्बन्ध, साझेदारी र मानसिक अवस्थालाई मार्गनिर्देशन गर्दछ। | |
| नक्षत्र | मृगशीर्ष(३ पाउ) |
कुल अवधि: २६ घण्टा १ मिनेट मृगशीर्ष नक्षत्र बिहीबार राति १०:३० PM देखि शनिबार राति १२:३२ AM सम्म तपाईंको जन्म नक्षत्र तपाईंको कुण्डलीको सबैभन्दा महत्त्वपूर्ण नक्षत्र हो, जसले तपाईंको गहिरो सोच, व्यक्तित्व र जीवन मार्गलाई आकार दिन्छ। १ पाउ बिहीबार राति १०:३० PM देखि शुक्रबार बिहान ५:०१ AM सम्म (वे) २ पाउ बिहान ५:०१ AM देखि बिहान ११:३१ AM सम्म (वो) ३ पाउ बिहान ११:३१ AM देखि साँझ ६:०२ PM सम्म (का)हालको पाउ ४ पाउ शुक्रबार साँझ ६:०२ PM देखि शनिबार राति १२:३२ AM सम्म (की) | |
| योग | हर्षण |
कुल अवधि: २४ घण्टा १७ मिनेट हर्षण योग शुक्रबार बिहान ९:३४ AM देखि शनिबार बिहान ९:५१ AM सम्म सूर्य र चन्द्रमाको संयुक्त देशान्तरबाट निकालिने यो योगले तपाईंको स्वास्थ्य, समृद्धि र आपसी सम्बन्धलाई प्रभाव पार्छ। | |
| करण | बव |
कुल अवधि: १२ घण्टा ३९ मिनेट बव करण बिहीबार राति ११:३६ PM देखि शुक्रबार दिउँसो १२:१५ PM सम्म करणले तिथिको आधा भाग प्रतिनिधित्व गर्दछ, जसले तपाईंको कार्यक्षमता, कामप्रतिको दृष्टिकोण र व्यावसायिक झुकावलाई सङ्केत गर्छ। | |
| चन्द्र राशि | मिथुन |
कुल अवधि: ५९ घण्टा १५ मिनेट मिथुन राशि शुक्रबार बिहान ४:०८ AM देखि आइतबार दिउँसो ३:२२ PM सम्म मिथुन राशिमा चन्द्रमा हुनाले, बुध ग्रहले तपाईंलाई राम्रो अभिव्यक्ति क्षमता, जिज्ञासा र बौद्धिक क्षमता प्रदान गर्दछ। | |
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | तुला | १८° २१' २४" | स्वाति(४)- राहु | -- | -- | -- | -- |
सूर्य | कर्कट | २४° ०९' ५५" | आश्लेषा(३)- बुध | बाल | मातृकारक | मित्रदिग्बली | मार्गी |
चन्द्र | वृष | २७° १९' ०६" | मृगशीर्ष(२)- मङ्गल | बाल | अमात्यकारक | उच्च | मार्गीउदय |
मङ्गल | सिंह | २५° २८' ०७" | पूर्वाफाल्गुनी(४)- शुक्र | मृत | भ्रातृकारक | मित्र | मार्गीउदय |
बुध🪷 | सिंह | २१° २८' १८" | पूर्वाफाल्गुनी(३)- शुक्र | वृद्ध | पुत्रकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
बृहस्पति🪷 | मेष | २०° २६' १८" | भरणी(३)- शुक्र | वृद्ध | ज्ञातिकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
शुक्र | कर्कट | २७° ३९' ०१" | आश्लेषा(४)- बुध | बाल | आत्मकारक | शत्रु | वक्रीअस्त |
शनि | कुम्भ | १०° ५०' ३०" | शतभिषा(२)- राहु | कुमार | दारककारक | मूलत्रिकोण | वक्रीउदय |
राहु | मेष | ३° ३७' ४२" | अश्विनी(२)- केतु | बाल | -- | शत्रुदिग्बली | वक्री |
केतु | तुला | ३° ३७' ४२" | चित्रा(४)- मङ्गल | बाल | -- | मित्र | वक्री |