
| वार | बिहीवार |
ज्ञान र नयाँ कुरा सिक्न रुचि रहने। राम्रो सोच, धैर्य र असल कुराप्रतिको सम्मानले सही बाटो रोज्न सहयोग गर्ने। | |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
कृष्ण पक्ष (घट्दो चन्द्रमा) मा जन्म हुनाले, यसले आन्तरिक चिन्तन, विवेक, गम्भीरता र आत्मिक शक्तिलाई अनुकूल बनाउँछ। | |
| तिथि | ![]() |
कुल अवधि: २४ घण्टा ५५ मिनेट दशमी तिथि बुधबार राति १०:४१ PM देखि बिहीबार राति ११:३६ PM सम्म तपाईंको जन्मको तिथिले तपाईंको भावनात्मक सम्बन्ध, साझेदारी र मानसिक अवस्थालाई मार्गनिर्देशन गर्दछ। | |
| नक्षत्र | रोहिणी(३ पाउ) |
कुल अवधि: २५ घण्टा ३२ मिनेट रोहिणी नक्षत्र बुधबार साँझ ८:५८ PM देखि बिहीबार राति १०:३० PM सम्म रोहिणी नक्षत्रका स्वामी चन्द्रमा हुन् र यसका देवता ब्रह्मा हुन्। यस नक्षत्रमा जन्मिएका व्यक्तिहरू कलात्मक, आकर्षक र पारिवारिक स्वभावका हुन्छन्। १ पाउ बुधबार साँझ ८:५८ PM देखि बिहीबार राति ३:२१ AM सम्म (ओ) २ पाउ राति ३:२१ AM देखि बिहान ९:४४ AM सम्म (वा) ३ पाउ बिहान ९:४४ AM देखि साँझ ४:०७ PM सम्म (वी)हालको पाउ ४ पाउ साँझ ४:०७ PM देखि राति १०:३० PM सम्म (वू) | |
| योग | व्याघात |
कुल अवधि: २३ घण्टा ५६ मिनेट व्याघात योग बिहीबार बिहान ९:३८ AM देखि शुक्रबार बिहान ९:३४ AM सम्म सूर्य र चन्द्रमाको संयुक्त देशान्तरबाट निकालिने यो योगले तपाईंको स्वास्थ्य, समृद्धि र आपसी सम्बन्धलाई प्रभाव पार्छ। | |
| करण | विष्टि |
कुल अवधि: १२ घण्टा ३२ मिनेट विष्टि करण बिहीबार बिहान ११:०४ AM देखि बिहीबार राति ११:३६ PM सम्म करणले तिथिको आधा भाग प्रतिनिधित्व गर्दछ, जसले तपाईंको कार्यक्षमता, कामप्रतिको दृष्टिकोण र व्यावसायिक झुकावलाई सङ्केत गर्छ। | |
| चन्द्र राशि | वृष |
कुल अवधि: ५६ घण्टा ५४ मिनेट वृष राशि मंगलबार साँझ ७:१४ PM देखि शुक्रबार बिहान ४:०८ AM सम्म वृष राशिमा चन्द्रमा हुनाले, शुक्र ग्रहले तपाईंलाई स्थिरता, कलात्मक दृष्टिकोण, धैर्यता र एउटा भरपर्दो व्यक्तित्व प्रदान गर्दछ। | |
समग्र जीवन, शरीर र तात्कालिक आकाशीय ग्रह गोचर फल
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | तुला | १७° ३०' ३३" | स्वाति(४)- राहु | -- | -- | -- | -- |
सूर्य | कर्कट | २३° १२' २२" | आश्लेषा(२)- बुध | कुमार | भ्रातृकारक | मित्रदिग्बली | मार्गी |
चन्द्र🪷 | वृष | १४° ५२' २२" | रोहिणी(२)- चन्द्र | युवा | ज्ञातिकारक | उच्चवर्गोत्तम पुष्कर | मार्गीउदय |
मङ्गल | सिंह | २४° ५०' २३" | पूर्वाफाल्गुनी(४)- शुक्र | मृत | अमात्यकारक | मित्र | मार्गीउदय |
बुध🪷 | सिंह | २०° ३३' २३" | पूर्वाफाल्गुनी(३)- शुक्र | वृद्ध | मातृकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
बृहस्पति🪷 | मेष | २०° २१' ३५" | भरणी(३)- शुक्र | वृद्ध | पुत्रकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
शुक्र | कर्कट | २८° १५' २२" | आश्लेषा(४)- बुध | बाल | आत्मकारक | शत्रु | वक्रीअस्त |
शनि | कुम्भ | १०° ५४' ४३" | शतभिषा(२)- राहु | कुमार | दारककारक | मूलत्रिकोण | वक्रीउदय |
राहु | मेष | ३° ४२' १०" | अश्विनी(२)- केतु | बाल | -- | शत्रुदिग्बली | वक्री |
केतु | तुला | ३° ४२' १०" | चित्रा(४)- मङ्गल | बाल | -- | मित्र | वक्री |