
| वार | बुधवार |
बुद्धि तीक्ष्ण हुने र कुरा बुझ्ने क्षमता राम्रो रहने। बोल्नमा निपुण र नयाँ कुरा सिक्न सधैं उत्सुक रहने। | |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
कृष्ण पक्ष (घट्दो चन्द्रमा) मा जन्म हुनाले, यसले आन्तरिक चिन्तन, विवेक, गम्भीरता र आत्मिक शक्तिलाई अनुकूल बनाउँछ। | |
| तिथि | ![]() |
कुल अवधि: २४ घण्टा १९ मिनेट नवमी तिथि मंगलबार राति १०:२२ PM देखि बुधबार राति १०:४१ PM सम्म तपाईंको जन्मको तिथिले तपाईंको भावनात्मक सम्बन्ध, साझेदारी र मानसिक अवस्थालाई मार्गनिर्देशन गर्दछ। | |
| नक्षत्र | कृत्तिका(३ पाउ) |
कुल अवधि: २४ घण्टा ५७ मिनेट कृत्तिका नक्षत्र मंगलबार साँझ ८:०२ PM देखि बुधबार साँझ ८:५८ PM सम्म कृत्तिका नक्षत्रका स्वामी सूर्य हुन् र यसका देवता अग्नि हुन्। यो नक्षत्रले तेज, शुद्धीकरण र दृढ संकल्पलाई जनाउँछ। १ पाउ मंगलबार साँझ ८:०२ PM देखि बुधबार राति २:१६ AM सम्म (अ) २ पाउ राति २:१६ AM देखि बिहान ८:३० AM सम्म (ई) ३ पाउ बिहान ८:३० AM देखि दिउँसो २:४४ PM सम्म (उ)हालको पाउ ४ पाउ दिउँसो २:४४ PM देखि साँझ ८:५८ PM सम्म (ए) | |
| योग | ध्रुव |
कुल अवधि: २३ घण्टा ३० मिनेट ध्रुव योग बुधबार बिहान १०:०९ AM देखि बिहीबार बिहान ९:३८ AM सम्म सूर्य र चन्द्रमाको संयुक्त देशान्तरबाट निकालिने यो योगले तपाईंको स्वास्थ्य, समृद्धि र आपसी सम्बन्धलाई प्रभाव पार्छ। | |
| करण | गरज |
कुल अवधि: १२ घण्टा १४ मिनेट गरज करण बुधबार बिहान १०:२६ AM देखि बुधबार राति १०:४१ PM सम्म करणले तिथिको आधा भाग प्रतिनिधित्व गर्दछ, जसले तपाईंको कार्यक्षमता, कामप्रतिको दृष्टिकोण र व्यावसायिक झुकावलाई सङ्केत गर्छ। | |
| चन्द्र राशि | वृष |
कुल अवधि: ५६ घण्टा ५४ मिनेट वृष राशि मंगलबार साँझ ७:१४ PM देखि शुक्रबार बिहान ४:०८ AM सम्म वृष राशिमा चन्द्रमा हुनाले, शुक्र ग्रहले तपाईंलाई स्थिरता, कलात्मक दृष्टिकोण, धैर्यता र एउटा भरपर्दो व्यक्तित्व प्रदान गर्दछ। | |
समग्र जीवन, शरीर र तात्कालिक आकाशीय ग्रह गोचर फल
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | तुला | १६° ३९' ३९" | स्वाति(३)- राहु | -- | -- | -- | -- |
सूर्य | कर्कट | २२° १४' ५१" | आश्लेषा(२)- बुध | कुमार | भ्रातृकारक | मित्रदिग्बली | मार्गी |
चन्द्र | वृष | २° १०' ०२" | कृत्तिका(२)- सूर्य | मृत | दारककारक | उच्च | मार्गीउदय |
मङ्गल | सिंह | २४° १२' ४२" | पूर्वाफाल्गुनी(४)- शुक्र | मृत | अमात्यकारक | मित्र | मार्गीउदय |
बुध | सिंह | १९° ३५' ३५" | पूर्वाफाल्गुनी(२)- शुक्र | वृद्ध | पुत्रकारक | मित्र | मार्गीउदय |
बृहस्पति🪷 | मेष | २०° १६' ४१" | भरणी(३)- शुक्र | वृद्ध | मातृकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
शुक्र | कर्कट | २८° ५०' ५८" | आश्लेषा(४)- बुध | बाल | आत्मकारक | शत्रु | वक्रीअस्त |
शनि | कुम्भ | १०° ५८' ५४" | शतभिषा(२)- राहु | कुमार | ज्ञातिकारक | मूलत्रिकोण | वक्रीउदय |
राहु | मेष | ३° ४३' ५६" | अश्विनी(२)- केतु | बाल | -- | शत्रुदिग्बली | वक्री |
केतु | तुला | ३° ४३' ५६" | चित्रा(४)- मङ्गल | बाल | -- | मित्र | वक्री |