
| वार | शुक्रवार |
मायालु र मिलनसार हुने। कला, सौन्दर्य र राम्रा कुराप्रति रुचि रहने तथा सम्बन्धमा मेलमिलापलाई महत्व दिने। | |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
कृष्ण पक्ष (घट्दो चन्द्रमा) मा जन्म हुनाले, यसले आन्तरिक चिन्तन, विवेक, गम्भीरता र आत्मिक शक्तिलाई अनुकूल बनाउँछ। | |
| तिथि | ![]() |
कुल अवधि: २० घण्टा ५५ मिनेट चतुर्थी तिथि शुक्रबार बिहान ७:१५ AM देखि शनिबार बिहान ४:१० AM सम्म तपाईंको जन्मको तिथिले तपाईंको भावनात्मक सम्बन्ध, साझेदारी र मानसिक अवस्थालाई मार्गनिर्देशन गर्दछ। | |
| नक्षत्र | पूर्वभाद्रपदा(२ पाउ) |
कुल अवधि: २१ घण्टा ३६ मिनेट पूर्वभाद्रपदा नक्षत्र शुक्रबार राति १:३७ AM देखि शुक्रबार राति ११:१४ PM सम्म तपाईंको जन्म नक्षत्र तपाईंको कुण्डलीको सबैभन्दा महत्त्वपूर्ण नक्षत्र हो, जसले तपाईंको गहिरो सोच, व्यक्तित्व र जीवन मार्गलाई आकार दिन्छ। १ पाउ राति १:३७ AM देखि बिहान ७:०१ AM सम्म (से) २ पाउ बिहान ७:०१ AM देखि दिउँसो १२:२६ PM सम्म (सो)हालको पाउ ३ पाउ दिउँसो १२:२६ PM देखि साँझ ५:५० PM सम्म (दा) ४ पाउ साँझ ५:५० PM देखि राति ११:१४ PM सम्म (दी) | |
| योग | अतिगण्ड |
कुल अवधि: २० घण्टा १६ मिनेट अतिगण्ड योग शुक्रबार राति १२:४२ AM देखि शुक्रबार साँझ ८:५७ PM सम्म सूर्य र चन्द्रमाको संयुक्त देशान्तरबाट निकालिने यो योगले तपाईंको स्वास्थ्य, समृद्धि र आपसी सम्बन्धलाई प्रभाव पार्छ। | |
| करण | बव |
कुल अवधि: १० घण्टा २४ मिनेट बव करण शुक्रबार बिहान ७:१५ AM देखि शुक्रबार साँझ ५:३८ PM सम्म करणले तिथिको आधा भाग प्रतिनिधित्व गर्दछ, जसले तपाईंको कार्यक्षमता, कामप्रतिको दृष्टिकोण र व्यावसायिक झुकावलाई सङ्केत गर्छ। | |
| चन्द्र राशि | कुम्भ |
कुल अवधि: ५० घण्टा २ मिनेट कुम्भ राशि शुक्रबार बिहान ११:४० AM देखि आइतबार दिउँसो १:४२ PM सम्म कुम्भ राशिमा चन्द्रमा हुनाले, तपाईंमा नवीन सोच, सामाजिक हितको चाहना, बौद्धिक स्वतन्त्रता र प्रगतिशील दृष्टिकोण रहन्छ। | |
समग्र जीवन, शरीर र तात्कालिक आकाशीय ग्रह गोचर फल
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | तुला | १२° २४' ३४" | स्वाति(२)- राहु | -- | -- | -- | -- |
सूर्य | कर्कट | १७° २७' ३२" | आश्लेषा(१)- बुध | युवा | मातृकारक | मित्रदिग्बली | मार्गी |
चन्द्र | कुम्भ | २२° ५२' २४" | पूर्वभाद्रपदा(१)- बृहस्पति | वृद्ध | आत्मकारक | सम | मार्गीउदय |
मङ्गल🪷 | सिंह | २१° ०४' ५५" | पूर्वाफाल्गुनी(३)- शुक्र | वृद्ध | अमात्यकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
बुध | सिंह | १४° ०७' ४१" | पूर्वाफाल्गुनी(१)- शुक्र | युवा | पुत्रकारक | मित्रवर्गोत्तम | मार्गीउदय |
बृहस्पति | मेष | १९° ४९' ४१" | भरणी(२)- शुक्र | वृद्ध | भ्रातृकारक | मित्र | मार्गीउदय |
शुक्र | सिंह | १° ३०' १७" | मघा(१)- केतु | बाल | दारककारक | शत्रु | वक्रीउदय |
शनि | कुम्भ | ११° १९' १०" | शतभिषा(२)- राहु | कुमार | ज्ञातिकारक | मूलत्रिकोण | वक्रीउदय |
राहु | मेष | ३° ५०' ४८" | अश्विनी(२)- केतु | बाल | -- | शत्रुदिग्बली | वक्री |
केतु | तुला | ३° ५०' ४८" | चित्रा(४)- मङ्गल | बाल | -- | मित्र | वक्री |