
| वार | शनिवार |
धैर्य र मेहनतमा विश्वास गर्ने। जिम्मेवारी पूरा गर्न सक्ने र कठिन समयमा पनि हिम्मत नहार्ने। | |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
कृष्ण पक्ष (घट्दो चन्द्रमा) मा जन्म हुनाले, यसले आन्तरिक चिन्तन, विवेक, गम्भीरता र आत्मिक शक्तिलाई अनुकूल बनाउँछ। | |
| तिथि | ![]() |
कुल अवधि: २१ घण्टा ३० मिनेट पञ्चमी तिथि शनिबार बिहान ४:१० AM देखि आइतबार राति १:३९ AM सम्म पञ्चमी तिथिका स्वामी नाग देवता हुन्। यो तिथि विद्या प्राप्ति (सरस्वती पूजा), कला, औषधि सेवन र सम्बन्ध सुधारका लागि निकै राम्रो मानिन्छ। | |
| नक्षत्र | उत्तरभाद्रपदा(३ पाउ) |
कुल अवधि: २२ घण्टा १० मिनेट उत्तरभाद्रपदा नक्षत्र शुक्रबार राति ११:१४ PM देखि शनिबार साँझ ९:२४ PM सम्म तपाईंको जन्म नक्षत्र तपाईंको कुण्डलीको सबैभन्दा महत्त्वपूर्ण नक्षत्र हो, जसले तपाईंको गहिरो सोच, व्यक्तित्व र जीवन मार्गलाई आकार दिन्छ। १ पाउ शुक्रबार राति ११:१४ PM देखि शनिबार बिहान ४:४६ AM सम्म (दू) २ पाउ बिहान ४:४६ AM देखि बिहान १०:१९ AM सम्म (थ) ३ पाउ बिहान १०:१९ AM देखि दिउँसो ३:५१ PM सम्म (झ)हालको पाउ ४ पाउ दिउँसो ३:५१ PM देखि साँझ ९:२४ PM सम्म (ञ) | |
| योग | सुकर्मा |
कुल अवधि: २० घण्टा ४३ मिनेट सुकर्मा योग शुक्रबार साँझ ८:५७ PM देखि शनिबार साँझ ५:४० PM सम्म सूर्य र चन्द्रमाको संयुक्त देशान्तरबाट निकालिने यो योगले तपाईंको स्वास्थ्य, समृद्धि र आपसी सम्बन्धलाई प्रभाव पार्छ। | |
| करण | कौलव |
कुल अवधि: १० घण्टा ४० मिनेट कौलव करण शनिबार बिहान ४:१० AM देखि शनिबार दिउँसो २:५० PM सम्म करणले तिथिको आधा भाग प्रतिनिधित्व गर्दछ, जसले तपाईंको कार्यक्षमता, कामप्रतिको दृष्टिकोण र व्यावसायिक झुकावलाई सङ्केत गर्छ। | |
| चन्द्र राशि | मीन |
कुल अवधि: ५० घण्टा २ मिनेट मीन राशि शुक्रबार बिहान ११:४० AM देखि आइतबार दिउँसो १:४२ PM सम्म मीन राशिमा चन्द्रमा हुनाले, तपाईंमा कल्पनाशीलता, आध्यात्मिक झुकाव, गहिरो सहानुभूति र कलाप्रतिको विशेष रुचि रहन्छ। | |
समग्र जीवन, शरीर र तात्कालिक आकाशीय ग्रह गोचर फल
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | तुला | १३° १५' ४०" | स्वाति(२)- राहु | -- | -- | -- | -- |
सूर्य | कर्कट | १८° २४' ५७" | आश्लेषा(१)- बुध | कुमार | भ्रातृकारक | मित्रदिग्बली | मार्गी |
चन्द्र🪷 | मीन | ७° ३५' २१" | उत्तरभाद्रपदा(२)- शनि | वृद्ध | ज्ञातिकारक | समपुष्कर | मार्गीउदय |
मङ्गल🪷 | सिंह | २१° ४२' २३" | पूर्वाफाल्गुनी(३)- शुक्र | वृद्ध | आत्मकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
बुध | सिंह | १५° १८' ०७" | पूर्वाफाल्गुनी(१)- शुक्र | युवा | मातृकारक | मित्रवर्गोत्तम | मार्गीउदय |
बृहस्पति | मेष | १९° ५५' २५" | भरणी(२)- शुक्र | वृद्ध | अमात्यकारक | मित्र | मार्गीउदय |
शुक्र | सिंह | १° ०१' ३२" | मघा(१)- केतु | बाल | दारककारक | शत्रु | वक्रीउदय |
शनि | कुम्भ | ११° १५' १२" | शतभिषा(२)- राहु | कुमार | पुत्रकारक | मूलत्रिकोण | वक्रीउदय |
राहु | मेष | ३° ४६' ०७" | अश्विनी(२)- केतु | बाल | -- | शत्रुदिग्बली | वक्री |
केतु | तुला | ३° ४६' ०७" | चित्रा(४)- मङ्गल | बाल | -- | मित्र | वक्री |