
| वार | बिहीवार |
ज्ञान र नयाँ कुरा सिक्न रुचि रहने। राम्रो सोच, धैर्य र असल कुराप्रतिको सम्मानले सही बाटो रोज्न सहयोग गर्ने। | |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
कृष्ण पक्ष (घट्दो चन्द्रमा) मा जन्म हुनाले, यसले आन्तरिक चिन्तन, विवेक, गम्भीरता र आत्मिक शक्तिलाई अनुकूल बनाउँछ। | |
| तिथि | ![]() |
कुल अवधि: २० घण्टा ११ मिनेट द्वितीया तिथि बुधबार दिउँसो २:३६ PM देखि बिहीबार बिहान १०:४७ AM सम्म द्वितीया तिथिका स्वामी सृष्टि कर्ता ब्रह्मा हुन्। विवाह, गृहनिर्माण र लामो यात्रा सुरुवातका लागि यो तिथि निकै उत्तम मानिन्छ। यसले जीवनमा साझेदारी र सहकार्यको विकास गर्दछ। | |
| नक्षत्र | धनिष्ठा |
कुल अवधि: २० घण्टा ५८ मिनेट धनिष्ठा नक्षत्र बुधबार बिहान ७:२८ AM देखि बिहीबार बिहान ४:२६ AM सम्म तपाईंको जन्म नक्षत्र तपाईंको कुण्डलीको सबैभन्दा महत्त्वपूर्ण नक्षत्र हो, जसले तपाईंको गहिरो सोच, व्यक्तित्व र जीवन मार्गलाई आकार दिन्छ। १ पाउ बिहान ७:२८ AM देखि दिउँसो १२:४२ PM सम्म (गा) २ पाउ दिउँसो १२:४२ PM देखि साँझ ५:५७ PM सम्म (गी) ३ पाउ साँझ ५:५७ PM देखि राति ११:११ PM सम्म (गू) ४ पाउ बुधबार राति ११:११ PM देखि बिहीबार बिहान ४:२६ AM सम्म (गे) | |
| योग | सौभाग्य |
कुल अवधि: १९ घण्टा ४४ मिनेट सौभाग्य योग बुधबार बिहान ९:०३ AM देखि बिहीबार बिहान ४:४७ AM सम्म सूर्य र चन्द्रमाको संयुक्त देशान्तरबाट निकालिने यो योगले तपाईंको स्वास्थ्य, समृद्धि र आपसी सम्बन्धलाई प्रभाव पार्छ। | |
| करण | तैतिल |
कुल अवधि: १० घण्टा ४ मिनेट तैतिल करण बुधबार दिउँसो २:३६ PM देखि बिहीबार राति १२:४० AM सम्म करणले तिथिको आधा भाग प्रतिनिधित्व गर्दछ, जसले तपाईंको कार्यक्षमता, कामप्रतिको दृष्टिकोण र व्यावसायिक झुकावलाई सङ्केत गर्छ। | |
| चन्द्र राशि | कुम्भ |
कुल अवधि: ४७ घण्टा ३९ मिनेट कुम्भ राशि बुधबार दिउँसो १२:०१ PM देखि शुक्रबार बिहान ११:४० AM सम्म कुम्भ राशिमा चन्द्रमा हुनाले, तपाईंमा नवीन सोच, सामाजिक हितको चाहना, बौद्धिक स्वतन्त्रता र प्रगतिशील दृष्टिकोण रहन्छ। | |
समग्र जीवन, शरीर र तात्कालिक आकाशीय ग्रह गोचर फल
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | तुला | ११° ३३' २५" | स्वाति(२)- राहु | -- | -- | -- | -- |
सूर्य | कर्कट | १६° ३०' ०८" | पुष्य(४)- शनि | युवा | भ्रातृकारक | मित्रदिग्बली | मार्गी |
चन्द्र | कुम्भ | ७° ४८' ५७" | शतभिषा(१)- राहु | कुमार | ज्ञातिकारक | सम | मार्गीउदय |
मङ्गल🪷 | सिंह | २०° २७' २९" | पूर्वाफाल्गुनी(३)- शुक्र | वृद्ध | आत्मकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
बुध | सिंह | १२° ५४' ५९" | मघा(४)- केतु | युवा | मातृकारक | मित्र | मार्गीउदय |
बृहस्पति | मेष | १९° ४३' ४७" | भरणी(२)- शुक्र | वृद्ध | अमात्यकारक | मित्र | मार्गीउदय |
शुक्र | सिंह | १° ५७' १०" | मघा(१)- केतु | बाल | दारककारक | शत्रु | वक्रीउदय |
शनि | कुम्भ | ११° २३' ०४" | शतभिषा(२)- राहु | कुमार | पुत्रकारक | मूलत्रिकोण | वक्रीउदय |
राहु | मेष | ३° ५८' २५" | अश्विनी(२)- केतु | बाल | -- | शत्रुदिग्बली | वक्री |
केतु | तुला | ३° ५८' २५" | चित्रा(४)- मङ्गल | बाल | -- | मित्र | वक्री |