
३ सेप्टेम्बर २०२३
ने.सं. ११४३ ञंलागा चतुर्थी
शक संवत् १९४५ (शोभकृत संवत्सर)
| वार | आइतवार |
आत्मविश्वास बलियो हुने र आफ्नै निर्णयमा अघि बढ्ने। अरूलाई साथ लिएर नेतृत्व गर्न सक्ने र मनमा न्यानोपन रहने। | |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
कृष्ण पक्ष (घट्दो चन्द्रमा) मा जन्म हुनाले, यसले आन्तरिक चिन्तन, विवेक, गम्भीरता र आत्मिक शक्तिलाई अनुकूल बनाउँछ। | |
| तिथि | ![]() |
कुल अवधि: २१ घण्टा ३५ मिनेट चतुर्थी तिथि शनिबार दिउँसो ३:१९ PM देखि आइतबार दिउँसो १२:५४ PM सम्म तपाईंको जन्मको तिथिले तपाईंको भावनात्मक सम्बन्ध, साझेदारी र मानसिक अवस्थालाई मार्गनिर्देशन गर्दछ। | |
| नक्षत्र | अश्विनी२ पाउ |
कुल अवधि: २२ घण्टा ४८ मिनेट अश्विनी नक्षत्र आइतबार बिहान ५:०८ AM देखि सोमबार राति ३:५६ AM सम्म अश्विनी नक्षत्रका स्वामी केतु हुन् र यसका देवता अश्विनी कुमार हुन्। यस नक्षत्रमा जन्मिएका व्यक्तिहरू ऊर्जावान्, फुर्तिला, साहसी र बुद्धिमान् हुन्छन्। १ पाउ बिहान ५:०८ AM देखि बिहान १०:५० AM सम्म (चू) २ पाउ बिहान १०:५० AM देखि साँझ ४:३२ PM सम्म (चे)हालको पाउ ३ पाउ साँझ ४:३२ PM देखि राति १०:१४ PM सम्म (चो) ४ पाउ आइतबार राति १०:१४ PM देखि सोमबार राति ३:५६ AM सम्म (ला) | |
| योग | वृद्धि |
कुल अवधि: २१ घण्टा ११ मिनेट वृद्धि योग आइतबार राति १२:२९ AM देखि आइतबार साँझ ९:४० PM सम्म सूर्य र चन्द्रमाको संयुक्त देशान्तरबाट निकालिने यो योगले तपाईंको स्वास्थ्य, समृद्धि र आपसी सम्बन्धलाई प्रभाव पार्छ। | |
| करण | बालव |
कुल अवधि: १० घण्टा ५२ मिनेट बालव करण आइतबार राति २:०२ AM देखि आइतबार दिउँसो १२:५४ PM सम्म करणले तिथिको आधा भाग प्रतिनिधित्व गर्दछ, जसले तपाईंको कार्यक्षमता, कामप्रतिको दृष्टिकोण र व्यावसायिक झुकावलाई सङ्केत गर्छ। | |
| चन्द्र राशि | मेष |
कुल अवधि: ५१ घण्टा ५४ मिनेट मेष राशि शनिबार राति १०:४९ PM देखि मंगलबार राति २:४३ AM सम्म मेष राशिमा चन्द्रमा हुनाले, मङ्गल ग्रहले तपाईंलाई साहस, स्वतन्त्र स्वभाव र कार्यहरूमा अग्रसर हुने दृढ संकल्प प्रदान गर्दछ। | |
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | वृश्चिक | ७° ४५' १२" | अनुराधा(२)- शनि | -- | -- | -- | -- |
सूर्य | सिंह | १६° १९' २६" | पूर्वाफाल्गुनी(१)- शुक्र | युवा | मातृकारक | मूलत्रिकोणवर्गोत्तमदिग्बली | मार्गी |
चन्द्र | मेष | ०° ३९' ३०" | अश्विनी(१)- केतु | बाल | दारककारक | समवर्गोत्तम | मार्गीउदय |
मङ्गल | कन्या | १०° ०७' २९" | हस्त(१)- चन्द्र | वृद्ध | पुत्रकारक | शत्रु | मार्गीउदय |
बुध🪷 | सिंह | २२° ३०' ०४" | पूर्वाफाल्गुनी(३)- शुक्र | वृद्ध | आत्मकारक | मित्रपुष्कर | वक्रीअस्त |
बृहस्पति🪷 | मेष | २१° २३' ३६" | भरणी(३)- शुक्र | वृद्ध | अमात्यकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
शुक्र | कर्कट | १८° ०१' ५०" | आश्लेषा(१)- बुध | कुमार | भ्रातृकारक | शत्रु | वक्रीउदय |
शनि | कुम्भ | ९° ०७' ४१" | शतभिषा(१)- राहु | कुमार | ज्ञातिकारक | मूलत्रिकोण | वक्रीउदय |
राहु | मेष | १° ३१' ४७" | अश्विनी(१)- केतु | बाल | -- | शत्रुवर्गोत्तम | वक्री |
केतु | तुला | १° ३१' ४७" | चित्रा(३)- मङ्गल | बाल | -- | मित्रवर्गोत्तम | वक्री |