
४ सेप्टेम्बर २०२३
ने.सं. ११४३ ञंलागा षष्ठी
शक संवत् १९४५ (शोभकृत संवत्सर)
| वार | सोमवार |
मन कोमल र मायालु हुने। परिवार र आफ्ना मानिसप्रति गहिरो माया रहने र सम्बन्धमा शान्ति तथा आत्मीयता खोज्ने। | |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
कृष्ण पक्ष (घट्दो चन्द्रमा) मा जन्म हुनाले, यसले आन्तरिक चिन्तन, विवेक, गम्भीरता र आत्मिक शक्तिलाई अनुकूल बनाउँछ। | |
| तिथि | ![]() |
कुल अवधि: २३ घण्टा ४ मिनेट षष्ठी तिथि सोमबार बिहान ११:१२ AM देखि मंगलबार बिहान १०:१६ AM सम्म तपाईंको जन्मको तिथिले तपाईंको भावनात्मक सम्बन्ध, साझेदारी र मानसिक अवस्थालाई मार्गनिर्देशन गर्दछ। | |
| नक्षत्र | भरणी२ पाउ |
कुल अवधि: २३ घण्टा ३३ मिनेट भरणी नक्षत्र सोमबार राति ३:५६ AM देखि मंगलबार राति ३:२९ AM सम्म तपाईंको जन्म नक्षत्र तपाईंको कुण्डलीको सबैभन्दा महत्त्वपूर्ण नक्षत्र हो, जसले तपाईंको गहिरो सोच, व्यक्तित्व र जीवन मार्गलाई आकार दिन्छ। १ पाउ राति ३:५६ AM देखि बिहान ९:४९ AM सम्म (ली) २ पाउ बिहान ९:४९ AM देखि दिउँसो ३:४३ PM सम्म (लू)हालको पाउ ३ पाउ दिउँसो ३:४३ PM देखि साँझ ९:३६ PM सम्म (ले) ४ पाउ सोमबार साँझ ९:३६ PM देखि मंगलबार राति ३:२९ AM सम्म (लो) | |
| योग | ध्रुव |
कुल अवधि: २१ घण्टा ४७ मिनेट ध्रुव योग आइतबार साँझ ९:४० PM देखि सोमबार साँझ ७:२७ PM सम्म सूर्य र चन्द्रमाको संयुक्त देशान्तरबाट निकालिने यो योगले तपाईंको स्वास्थ्य, समृद्धि र आपसी सम्बन्धलाई प्रभाव पार्छ। | |
| करण | गरज |
कुल अवधि: ११ घण्टा २६ मिनेट गरज करण सोमबार बिहान ११:१२ AM देखि सोमबार राति १०:३८ PM सम्म करणले तिथिको आधा भाग प्रतिनिधित्व गर्दछ, जसले तपाईंको कार्यक्षमता, कामप्रतिको दृष्टिकोण र व्यावसायिक झुकावलाई सङ्केत गर्छ। | |
| चन्द्र राशि | मेष |
कुल अवधि: ५१ घण्टा ५४ मिनेट मेष राशि शनिबार राति १०:४९ PM देखि मंगलबार राति २:४३ AM सम्म मेष राशिमा चन्द्रमा हुनाले, मङ्गल ग्रहले तपाईंलाई साहस, स्वतन्त्र स्वभाव र कार्यहरूमा अग्रसर हुने दृढ संकल्प प्रदान गर्दछ। | |
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | वृश्चिक | ८° ३५' ४९" | अनुराधा(२)- शनि | -- | -- | -- | -- |
सूर्य | सिंह | १७° १७' ३१" | पूर्वाफाल्गुनी(२)- शुक्र | युवा | मातृकारक | मूलत्रिकोणदिग्बली | मार्गी |
चन्द्र | मेष | १४° ३९' ३१" | भरणी(१)- शुक्र | युवा | पुत्रकारक | सम | मार्गीउदय |
मङ्गल | कन्या | १०° ४६' १३" | हस्त(१)- चन्द्र | वृद्ध | ज्ञातिकारक | शत्रु | मार्गीउदय |
बुध🪷 | सिंह | २१° ३३' ५३" | पूर्वाफाल्गुनी(३)- शुक्र | वृद्ध | आत्मकारक | मित्रपुष्कर | वक्रीअस्त |
बृहस्पति🪷 | मेष | २१° २३' ४५" | भरणी(३)- शुक्र | वृद्ध | अमात्यकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
शुक्र | कर्कट | १८° ०१' ०८" | आश्लेषा(१)- बुध | कुमार | भ्रातृकारक | शत्रु | मार्गीउदय |
शनि | कुम्भ | ९° ०३' १२" | शतभिषा(१)- राहु | कुमार | दारककारक | मूलत्रिकोण | वक्रीउदय |
राहु | मेष | १° ३२' १३" | अश्विनी(१)- केतु | बाल | -- | शत्रुवर्गोत्तम | मार्गी |
केतु | तुला | १° ३२' १३" | चित्रा(३)- मङ्गल | बाल | -- | मित्रवर्गोत्तम | मार्गी |