
२ सेप्टेम्बर २०२३
ने.सं. ११४३ ञंलागा तृतीया
शक संवत् १९४५ (शोभकृत संवत्सर)
| वार | शनिवार |
धैर्य र मेहनतमा विश्वास गर्ने। जिम्मेवारी पूरा गर्न सक्ने र कठिन समयमा पनि हिम्मत नहार्ने। | |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
कृष्ण पक्ष (घट्दो चन्द्रमा) मा जन्म हुनाले, यसले आन्तरिक चिन्तन, विवेक, गम्भीरता र आत्मिक शक्तिलाई अनुकूल बनाउँछ। | |
| तिथि | ![]() |
कुल अवधि: २० घण्टा ५९ मिनेट तृतीया तिथि शुक्रबार साँझ ६:२० PM देखि शनिबार दिउँसो ३:१९ PM सम्म तपाईंको जन्मको तिथिले तपाईंको भावनात्मक सम्बन्ध, साझेदारी र मानसिक अवस्थालाई मार्गनिर्देशन गर्दछ। | |
| नक्षत्र | रेवती१ पाउ |
कुल अवधि: २२ घण्टा ८ मिनेट रेवती नक्षत्र शनिबार बिहान ७:०० AM देखि आइतबार बिहान ५:०८ AM सम्म तपाईंको जन्म नक्षत्र तपाईंको कुण्डलीको सबैभन्दा महत्त्वपूर्ण नक्षत्र हो, जसले तपाईंको गहिरो सोच, व्यक्तित्व र जीवन मार्गलाई आकार दिन्छ। १ पाउ बिहान ७:०० AM देखि दिउँसो १२:३२ PM सम्म (दे)हालको पाउ २ पाउ दिउँसो १२:३२ PM देखि साँझ ६:०४ PM सम्म (दो) ३ पाउ साँझ ६:०४ PM देखि राति ११:३६ PM सम्म (चा) ४ पाउ शनिबार राति ११:३६ PM देखि आइतबार बिहान ५:०८ AM सम्म (ची) | |
| योग | गण्ड |
कुल अवधि: २० घण्टा ३९ मिनेट गण्ड योग शनिबार राति ३:५० AM देखि आइतबार राति १२:२९ AM सम्म सूर्य र चन्द्रमाको संयुक्त देशान्तरबाट निकालिने यो योगले तपाईंको स्वास्थ्य, समृद्धि र आपसी सम्बन्धलाई प्रभाव पार्छ। | |
| करण | विष्टि |
कुल अवधि: १० घण्टा ३४ मिनेट विष्टि करण शनिबार बिहान ४:४५ AM देखि शनिबार दिउँसो ३:१९ PM सम्म करणले तिथिको आधा भाग प्रतिनिधित्व गर्दछ, जसले तपाईंको कार्यक्षमता, कामप्रतिको दृष्टिकोण र व्यावसायिक झुकावलाई सङ्केत गर्छ। | |
| चन्द्र राशि | मीन |
कुल अवधि: ४८ घण्टा ४३ मिनेट मीन राशि बिहीबार राति १०:०६ PM देखि शनिबार राति १०:४९ PM सम्म मीन राशिमा चन्द्रमा हुनाले, तपाईंमा कल्पनाशीलता, आध्यात्मिक झुकाव, गहिरो सहानुभूति र कलाप्रतिको विशेष रुचि रहन्छ। | |
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | वृश्चिक | ६° ५४' ३७" | अनुराधा(२)- शनि | -- | -- | -- | -- |
सूर्य | सिंह | १५° २१' २२" | पूर्वाफाल्गुनी(१)- शुक्र | युवा | पुत्रकारक | मूलत्रिकोणवर्गोत्तमदिग्बली | मार्गी |
चन्द्र | मीन | १६° १२' ०४" | उत्तरभाद्रपदा(४)- शनि | युवा | मातृकारक | सम | मार्गीउदय |
मङ्गल🪷 | कन्या | ९° २८' ४७" | उत्तराफाल्गुनी(४)- सूर्य | वृद्ध | ज्ञातिकारक | शत्रुपुष्कर | मार्गीउदय |
बुध | सिंह | २३° २३' २९" | पूर्वाफाल्गुनी(४)- शुक्र | वृद्ध | आत्मकारक | मित्र | वक्रीअस्त |
बृहस्पति🪷 | मेष | २१° २३' १४" | भरणी(३)- शुक्र | वृद्ध | अमात्यकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
शुक्र | कर्कट | १८° ०४' ५५" | आश्लेषा(१)- बुध | कुमार | भ्रातृकारक | शत्रु | वक्रीउदय |
शनि | कुम्भ | ९° १२' ११" | शतभिषा(१)- राहु | कुमार | दारककारक | मूलत्रिकोण | वक्रीउदय |
राहु | मेष | १° ३२' ४१" | अश्विनी(१)- केतु | बाल | -- | शत्रुवर्गोत्तम | वक्री |
केतु | तुला | १° ३२' ४१" | चित्रा(३)- मङ्गल | बाल | -- | मित्रवर्गोत्तम | वक्री |