
३० अगस्ट २०२३
ने.सं. ११४३ ञंलाथ्व पूर्णिमा
शक संवत् १९४५ (शोभकृत संवत्सर)
| वार | बुधवार |
बुद्धि तीक्ष्ण हुने र कुरा बुझ्ने क्षमता राम्रो रहने। बोल्नमा निपुण र नयाँ कुरा सिक्न सधैं उत्सुक रहने। | |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
शुक्ल पक्ष (बढ्दो चन्द्रमा) मा जन्म हुनाले, यसले बाह्य विकास, ऊर्जा वृद्धि, सकारात्मकता र प्रगतिको सङ्केत गर्दछ। | |
| तिथि | ![]() |
कुल अवधि: २० घण्टा ७ मिनेट पूर्णिमा तिथि बुधबार बिहान ५:२८ AM देखि बिहीबार राति १:३५ AM सम्म तपाईंको जन्मको तिथिले तपाईंको भावनात्मक सम्बन्ध, साझेदारी र मानसिक अवस्थालाई मार्गनिर्देशन गर्दछ। | |
| नक्षत्र | धनिष्ठा४ पाउ |
कुल अवधि: २० घण्टा ५७ मिनेट धनिष्ठा नक्षत्र मंगलबार साँझ ६:१९ PM देखि बुधबार दिउँसो ३:१६ PM सम्म तपाईंको जन्म नक्षत्र तपाईंको कुण्डलीको सबैभन्दा महत्त्वपूर्ण नक्षत्र हो, जसले तपाईंको गहिरो सोच, व्यक्तित्व र जीवन मार्गलाई आकार दिन्छ। १ पाउ साँझ ६:१९ PM देखि राति ११:३३ PM सम्म (गा) २ पाउ मंगलबार राति ११:३३ PM देखि बुधबार बिहान ४:४८ AM सम्म (गी) ३ पाउ बिहान ४:४८ AM देखि बिहान १०:०२ AM सम्म (गू) ४ पाउ बिहान १०:०२ AM देखि दिउँसो ३:१६ PM सम्म (गे)हालको पाउ | |
| योग | अतिगण्ड |
कुल अवधि: १९ घण्टा ४२ मिनेट अतिगण्ड योग मंगलबार साँझ ८:१९ PM देखि बुधबार साँझ ४:०१ PM सम्म सूर्य र चन्द्रमाको संयुक्त देशान्तरबाट निकालिने यो योगले तपाईंको स्वास्थ्य, समृद्धि र आपसी सम्बन्धलाई प्रभाव पार्छ। | |
| करण | विष्टि |
कुल अवधि: १० घण्टा ३ मिनेट विष्टि करण बुधबार बिहान ५:२८ AM देखि बुधबार दिउँसो ३:३१ PM सम्म करणले तिथिको आधा भाग प्रतिनिधित्व गर्दछ, जसले तपाईंको कार्यक्षमता, कामप्रतिको दृष्टिकोण र व्यावसायिक झुकावलाई सङ्केत गर्छ। | |
| चन्द्र राशि | कुम्भ |
कुल अवधि: ४७ घण्टा १३ मिनेट कुम्भ राशि मंगलबार राति १०:५३ PM देखि बिहीबार राति १०:०६ PM सम्म कुम्भ राशिमा चन्द्रमा हुनाले, तपाईंमा नवीन सोच, सामाजिक हितको चाहना, बौद्धिक स्वतन्त्रता र प्रगतिशील दृष्टिकोण रहन्छ। | |
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | वृश्चिक | ४° २२' ५७" | अनुराधा(१)- शनि | -- | -- | -- | -- |
सूर्य | सिंह | १२° २७' २२" | मघा(४)- केतु | युवा | मातृकारक | मूलत्रिकोणदिग्बली | मार्गी |
चन्द्र | कुम्भ | ०° ५४' ५०" | धनिष्ठा(३)- मङ्गल | बाल | दारककारक | समदिग्बली | मार्गीउदय |
मङ्गल🪷 | कन्या | ७° ३२' ५८" | उत्तराफाल्गुनी(४)- सूर्य | वृद्ध | ज्ञातिकारक | शत्रुपुष्कर | मार्गीउदय |
बुध | सिंह | २५° ३८' ५०" | पूर्वाफाल्गुनी(४)- शुक्र | मृत | आत्मकारक | मित्र | वक्रीउदय |
बृहस्पति🪷 | मेष | २१° २०' ५७" | भरणी(३)- शुक्र | वृद्ध | अमात्यकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
शुक्र | कर्कट | १८° २८' ४०" | आश्लेषा(१)- बुध | कुमार | भ्रातृकारक | शत्रु | वक्रीउदय |
शनि | कुम्भ | ९° २५' ४५" | शतभिषा(१)- राहु | कुमार | पुत्रकारक | मूलत्रिकोण | वक्रीउदय |
राहु | मेष | १° ४८' १०" | अश्विनी(१)- केतु | बाल | -- | शत्रुवर्गोत्तम | वक्री |
केतु | तुला | १° ४८' १०" | चित्रा(३)- मङ्गल | बाल | -- | मित्रवर्गोत्तम | वक्री |