
३१ अगस्ट २०२३
ने.सं. ११४३ ञंलागा प्रतिपदा
शक संवत् १९४५ (शोभकृत संवत्सर)
| वार | बिहीवार |
ज्ञान र नयाँ कुरा सिक्न रुचि रहने। राम्रो सोच, धैर्य र असल कुराप्रतिको सम्मानले सही बाटो रोज्न सहयोग गर्ने। | |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
कृष्ण पक्ष (घट्दो चन्द्रमा) मा जन्म हुनाले, यसले आन्तरिक चिन्तन, विवेक, गम्भीरता र आत्मिक शक्तिलाई अनुकूल बनाउँछ। | |
| तिथि | ![]() |
कुल अवधि: २० घण्टा १४ मिनेट प्रतिपदा तिथि बिहीबार राति १:३५ AM देखि बिहीबार साँझ ९:४९ PM सम्म तपाईंको जन्मको तिथिले तपाईंको भावनात्मक सम्बन्ध, साझेदारी र मानसिक अवस्थालाई मार्गनिर्देशन गर्दछ। | |
| नक्षत्र | शतभिषा४ पाउ |
कुल अवधि: २० घण्टा ५८ मिनेट शतभिषा नक्षत्र बुधबार दिउँसो ३:१६ PM देखि बिहीबार दिउँसो १२:१४ PM सम्म शतभिषा नक्षत्रका स्वामी राहु हुन् र यसका देवता वरुण हुन्। यसले निको पार्ने क्षमता (आरोग्य), चिकित्सा र रहस्यलाई बुझाउँछ। १ पाउ दिउँसो ३:१६ PM देखि साँझ ८:३१ PM सम्म (गो) २ पाउ बुधबार साँझ ८:३१ PM देखि बिहीबार राति १:४५ AM सम्म (सा) ३ पाउ राति १:४५ AM देखि बिहान ७:०० AM सम्म (सी) ४ पाउ बिहान ७:०० AM देखि दिउँसो १२:१४ PM सम्म (सू)हालको पाउ | |
| योग | धृति |
कुल अवधि: १९ घण्टा ५४ मिनेट धृति योग बिहीबार बिहान ११:४४ AM देखि शुक्रबार बिहान ७:३८ AM सम्म सूर्य र चन्द्रमाको संयुक्त देशान्तरबाट निकालिने यो योगले तपाईंको स्वास्थ्य, समृद्धि र आपसी सम्बन्धलाई प्रभाव पार्छ। | |
| करण | कौलव |
कुल अवधि: १० घण्टा ८ मिनेट कौलव करण बिहीबार बिहान ११:४० AM देखि बिहीबार साँझ ९:४९ PM सम्म करणले तिथिको आधा भाग प्रतिनिधित्व गर्दछ, जसले तपाईंको कार्यक्षमता, कामप्रतिको दृष्टिकोण र व्यावसायिक झुकावलाई सङ्केत गर्छ। | |
| चन्द्र राशि | कुम्भ |
कुल अवधि: ४७ घण्टा १३ मिनेट कुम्भ राशि मंगलबार राति १०:५३ PM देखि बिहीबार राति १०:०६ PM सम्म कुम्भ राशिमा चन्द्रमा हुनाले, तपाईंमा नवीन सोच, सामाजिक हितको चाहना, बौद्धिक स्वतन्त्रता र प्रगतिशील दृष्टिकोण रहन्छ। | |
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | वृश्चिक | ५° १३' २९" | अनुराधा(१)- शनि | -- | -- | -- | -- |
सूर्य | सिंह | १३° २५' २१" | पूर्वाफाल्गुनी(१)- शुक्र | युवा | पुत्रकारक | मूलत्रिकोणवर्गोत्तमदिग्बली | मार्गी |
चन्द्र | कुम्भ | १६° ११' ४१" | शतभिषा(३)- राहु | युवा | मातृकारक | समवर्गोत्तमदिग्बली | मार्गीउदय |
मङ्गल🪷 | कन्या | ८° ११' ३२" | उत्तराफाल्गुनी(४)- सूर्य | वृद्ध | दारककारक | शत्रुपुष्कर | मार्गीउदय |
बुध | सिंह | २४° ५८' ३३" | पूर्वाफाल्गुनी(४)- शुक्र | मृत | आत्मकारक | मित्र | वक्रीअस्त |
बृहस्पति🪷 | मेष | २१° २१' ५४" | भरणी(३)- शुक्र | वृद्ध | अमात्यकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
शुक्र | कर्कट | १८° १८' २०" | आश्लेषा(१)- बुध | कुमार | भ्रातृकारक | शत्रु | वक्रीउदय |
शनि | कुम्भ | ९° २१' १३" | शतभिषा(१)- राहु | कुमार | ज्ञातिकारक | मूलत्रिकोण | वक्रीउदय |
राहु | मेष | १° ४१' २३" | अश्विनी(१)- केतु | बाल | -- | शत्रुवर्गोत्तम | वक्री |
केतु | तुला | १° ४१' २३" | चित्रा(३)- मङ्गल | बाल | -- | मित्रवर्गोत्तम | वक्री |