
२९ अगस्ट २०२३
ने.सं. ११४३ ञंलाथ्व चतुर्दशी
शक संवत् १९४५ (शोभकृत संवत्सर)
| वार | मङ्गलवार |
साहस र जोश राम्रो हुने। दृढ सोचका साथ कठिनाइको सामना गर्ने र लक्ष्यतर्फ निरन्तर अघि बढ्ने। | |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
शुक्ल पक्ष (बढ्दो चन्द्रमा) मा जन्म हुनाले, यसले बाह्य विकास, ऊर्जा वृद्धि, सकारात्मकता र प्रगतिको सङ्केत गर्दछ। | |
| तिथि | ![]() |
कुल अवधि: २० घण्टा ११ मिनेट चतुर्दशी तिथि मंगलबार बिहान ९:१८ AM देखि बुधबार बिहान ५:२८ AM सम्म तपाईंको जन्मको तिथिले तपाईंको भावनात्मक सम्बन्ध, साझेदारी र मानसिक अवस्थालाई मार्गनिर्देशन गर्दछ। | |
| नक्षत्र | श्रवण३ पाउ |
कुल अवधि: २१ घण्टा ७ मिनेट श्रवण नक्षत्र सोमबार साँझ ९:१३ PM देखि मंगलबार साँझ ६:१९ PM सम्म तपाईंको जन्म नक्षत्र तपाईंको कुण्डलीको सबैभन्दा महत्त्वपूर्ण नक्षत्र हो, जसले तपाईंको गहिरो सोच, व्यक्तित्व र जीवन मार्गलाई आकार दिन्छ। १ पाउ सोमबार साँझ ९:१३ PM देखि मंगलबार राति २:२९ AM सम्म (खी) २ पाउ राति २:२९ AM देखि बिहान ७:४६ AM सम्म (खू) ३ पाउ बिहान ७:४६ AM देखि दिउँसो १:०३ PM सम्म (खे)हालको पाउ ४ पाउ दिउँसो १:०३ PM देखि साँझ ६:१९ PM सम्म (खो) | |
| योग | शोभन |
कुल अवधि: १९ घण्टा ४९ मिनेट शोभन योग मंगलबार राति १२:३० AM देखि मंगलबार साँझ ८:१९ PM सम्म सूर्य र चन्द्रमाको संयुक्त देशान्तरबाट निकालिने यो योगले तपाईंको स्वास्थ्य, समृद्धि र आपसी सम्बन्धलाई प्रभाव पार्छ। | |
| करण | गरज |
कुल अवधि: १० घण्टा ६ मिनेट गरज करण मंगलबार बिहान ९:१८ AM देखि मंगलबार साँझ ७:२४ PM सम्म करणले तिथिको आधा भाग प्रतिनिधित्व गर्दछ, जसले तपाईंको कार्यक्षमता, कामप्रतिको दृष्टिकोण र व्यावसायिक झुकावलाई सङ्केत गर्छ। | |
| चन्द्र राशि | मकर |
कुल अवधि: ४७ घण्टा ५१ मिनेट मकर राशि आइतबार राति ११:०२ PM देखि मंगलबार राति १०:५३ PM सम्म मकर राशिमा चन्द्रमा हुनाले, शनिदेवको प्रभावले तपाईंलाई अनुशासित जीवनशैली, कडा परिश्रम गर्ने बानी र उच्च कर्तव्यबोध प्रदान गर्दछ। | |
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | वृश्चिक | ३° ३२' २६" | अनुराधा(१)- शनि | -- | -- | -- | -- |
सूर्य | सिंह | ११° २९' २५" | मघा(४)- केतु | कुमार | पुत्रकारक | मूलत्रिकोणदिग्बली | मार्गी |
चन्द्र🪷 | मकर | १५° ४०' ५५" | श्रवण(२)- चन्द्र | युवा | मातृकारक | समपुष्कर | मार्गीउदय |
मङ्गल🪷 | कन्या | ६° ५४' २७" | उत्तराफाल्गुनी(४)- सूर्य | वृद्ध | दारककारक | शत्रुपुष्कर | मार्गीउदय |
बुध | सिंह | २६° १३' ३९" | पूर्वाफाल्गुनी(४)- शुक्र | मृत | आत्मकारक | मित्र | वक्रीउदय |
बृहस्पति🪷 | मेष | २१° १९' ४७" | भरणी(३)- शुक्र | वृद्ध | अमात्यकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
शुक्र | कर्कट | १८° ४१' २५" | आश्लेषा(१)- बुध | कुमार | भ्रातृकारक | शत्रु | वक्रीउदय |
शनि | कुम्भ | ९° ३०' १७" | शतभिषा(१)- राहु | कुमार | ज्ञातिकारक | मूलत्रिकोण | वक्रीउदय |
राहु | मेष | १° ५५' ११" | अश्विनी(१)- केतु | बाल | -- | शत्रुवर्गोत्तम | वक्री |
केतु | तुला | १° ५५' ११" | चित्रा(३)- मङ्गल | बाल | -- | मित्रवर्गोत्तम | वक्री |