
२८ अगस्ट २०२३
ने.सं. ११४३ ञंलाथ्व द्वादशी
शक संवत् १९४५ (शोभकृत संवत्सर)
| वार | सोमवार |
मन कोमल र मायालु हुने। परिवार र आफ्ना मानिसप्रति गहिरो माया रहने र सम्बन्धमा शान्ति तथा आत्मीयता खोज्ने। | |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
शुक्ल पक्ष (बढ्दो चन्द्रमा) मा जन्म हुनाले, यसले बाह्य विकास, ऊर्जा वृद्धि, सकारात्मकता र प्रगतिको सङ्केत गर्दछ। | |
| तिथि | ![]() |
कुल अवधि: २० घण्टा ५० मिनेट द्वादशी तिथि आइतबार साँझ ४:०२ PM देखि सोमबार दिउँसो १२:५२ PM सम्म तपाईंको जन्मको तिथिले तपाईंको भावनात्मक सम्बन्ध, साझेदारी र मानसिक अवस्थालाई मार्गनिर्देशन गर्दछ। | |
| नक्षत्र | उत्तराषाढा३ पाउ |
कुल अवधि: २१ घण्टा २८ मिनेट उत्तराषाढा नक्षत्र आइतबार राति ११:४५ PM देखि सोमबार साँझ ९:१३ PM सम्म तपाईंको जन्म नक्षत्र तपाईंको कुण्डलीको सबैभन्दा महत्त्वपूर्ण नक्षत्र हो, जसले तपाईंको गहिरो सोच, व्यक्तित्व र जीवन मार्गलाई आकार दिन्छ। १ पाउ आइतबार राति ११:४५ PM देखि सोमबार बिहान ५:०७ AM सम्म (भे) २ पाउ बिहान ५:०७ AM देखि बिहान १०:२९ AM सम्म (भो) ३ पाउ बिहान १०:२९ AM देखि दिउँसो ३:५१ PM सम्म (जा)हालको पाउ ४ पाउ दिउँसो ३:५१ PM देखि साँझ ९:१३ PM सम्म (जी) | |
| योग | सौभाग्य |
कुल अवधि: २० घण्टा ५ मिनेट सौभाग्य योग सोमबार बिहान ४:२४ AM देखि मंगलबार राति १२:३० AM सम्म सूर्य र चन्द्रमाको संयुक्त देशान्तरबाट निकालिने यो योगले तपाईंको स्वास्थ्य, समृद्धि र आपसी सम्बन्धलाई प्रभाव पार्छ। | |
| करण | बालव |
कुल अवधि: १० घण्टा २१ मिनेट बालव करण सोमबार राति २:३१ AM देखि सोमबार दिउँसो १२:५२ PM सम्म करणले तिथिको आधा भाग प्रतिनिधित्व गर्दछ, जसले तपाईंको कार्यक्षमता, कामप्रतिको दृष्टिकोण र व्यावसायिक झुकावलाई सङ्केत गर्छ। | |
| चन्द्र राशि | मकर |
कुल अवधि: ४७ घण्टा ५१ मिनेट मकर राशि आइतबार राति ११:०२ PM देखि मंगलबार राति १०:५३ PM सम्म मकर राशिमा चन्द्रमा हुनाले, शनिदेवको प्रभावले तपाईंलाई अनुशासित जीवनशैली, कडा परिश्रम गर्ने बानी र उच्च कर्तव्यबोध प्रदान गर्दछ। | |
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | वृश्चिक | २° ४१' ५५" | विशाखा(४)- बृहस्पति | -- | -- | -- | -- |
सूर्य | सिंह | १०° ३१' ३०" | मघा(४)- केतु | कुमार | मातृकारक | मूलत्रिकोणदिग्बली | मार्गी |
चन्द्र | मकर | ०° ४०' १९" | उत्तराषाढा(२)- सूर्य | मृत | दारककारक | समवर्गोत्तम | मार्गीउदय |
मङ्गल | कन्या | ६° १५' ५८" | उत्तराफाल्गुनी(३)- सूर्य | वृद्ध | ज्ञातिकारक | शत्रु | मार्गीउदय |
बुध🪷 | सिंह | २६° ४२' ४३" | उत्तराफाल्गुनी(१)- सूर्य | मृत | आत्मकारक | मित्रपुष्कर | वक्रीउदय |
बृहस्पति🪷 | मेष | २१° १८' २६" | भरणी(३)- शुक्र | वृद्ध | अमात्यकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
शुक्र | कर्कट | १८° ५६' ३३" | आश्लेषा(१)- बुध | कुमार | भ्रातृकारक | शत्रु | वक्रीउदय |
शनि | कुम्भ | ९° ३४' ४९" | शतभिषा(१)- राहु | कुमार | पुत्रकारक | मूलत्रिकोण | वक्रीउदय |
राहु | मेष | २° ०२' ०२" | अश्विनी(१)- केतु | बाल | -- | शत्रुवर्गोत्तम | वक्री |
केतु | तुला | २° ०२' ०२" | चित्रा(३)- मङ्गल | बाल | -- | मित्रवर्गोत्तम | वक्री |