
२६ अगस्ट २०२३
ने.सं. ११४३ ञंलाथ्व दशमी
शक संवत् १९४५ (शोभकृत संवत्सर)
| वार | शनिवार |
धैर्य र मेहनतमा विश्वास गर्ने। जिम्मेवारी पूरा गर्न सक्ने र कठिन समयमा पनि हिम्मत नहार्ने। | |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
शुक्ल पक्ष (बढ्दो चन्द्रमा) मा जन्म हुनाले, यसले बाह्य विकास, ऊर्जा वृद्धि, सकारात्मकता र प्रगतिको सङ्केत गर्दछ। | |
| तिथि | ![]() |
कुल अवधि: २२ घण्टा ६ मिनेट दशमी तिथि शुक्रबार साँझ ८:३२ PM देखि शनिबार साँझ ६:३८ PM सम्म तपाईंको जन्मको तिथिले तपाईंको भावनात्मक सम्बन्ध, साझेदारी र मानसिक अवस्थालाई मार्गनिर्देशन गर्दछ। | |
| नक्षत्र | मूला२ पाउ |
कुल अवधि: २२ घण्टा ३८ मिनेट मूला नक्षत्र शनिबार राति ३:०७ AM देखि आइतबार राति १:४५ AM सम्म मूल नक्षत्रका स्वामी केतु हुन् र यसकी देवी निरृति हुन्। यसले अनुसन्धान, जरासम्म पुग्ने र सत्यको खोजलाई बुझाउँछ। १ पाउ राति ३:०७ AM देखि बिहान ८:४६ AM सम्म (ये) २ पाउ बिहान ८:४६ AM देखि दिउँसो २:२६ PM सम्म (यो)हालको पाउ ३ पाउ दिउँसो २:२६ PM देखि साँझ ८:०६ PM सम्म (भा) ४ पाउ शनिबार साँझ ८:०६ PM देखि आइतबार राति १:४५ AM सम्म (भी) | |
| योग | प्रीति |
कुल अवधि: २१ घण्टा प्रीति योग शनिबार बिहान १०:५४ AM देखि आइतबार बिहान ७:५५ AM सम्म सूर्य र चन्द्रमाको संयुक्त देशान्तरबाट निकालिने यो योगले तपाईंको स्वास्थ्य, समृद्धि र आपसी सम्बन्धलाई प्रभाव पार्छ। | |
| करण | गरज |
कुल अवधि: १० घण्टा ५७ मिनेट गरज करण शनिबार बिहान ७:४० AM देखि शनिबार साँझ ६:३८ PM सम्म करणले तिथिको आधा भाग प्रतिनिधित्व गर्दछ, जसले तपाईंको कार्यक्षमता, कामप्रतिको दृष्टिकोण र व्यावसायिक झुकावलाई सङ्केत गर्छ। | |
| चन्द्र राशि | धनु |
कुल अवधि: ५० घण्टा २७ मिनेट धनु राशि शुक्रबार साँझ ८:३५ PM देखि आइतबार राति ११:०२ PM सम्म धनु राशिमा चन्द्रमा हुनाले, देवगुरु बृहस्पतिको कृपाले तपाईंलाई सकारात्मक सोच, दार्शनिक दृष्टिकोण र ज्ञान प्राप्तिको अभिलाषा दिन्छ। | |
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | वृश्चिक | १° ००' ५३" | विशाखा(४)- बृहस्पति | -- | -- | -- | -- |
सूर्य | सिंह | ८° ३५' ४३" | मघा(३)- केतु | कुमार | पुत्रकारक | मूलत्रिकोणदिग्बली | मार्गी |
चन्द्र | धनु | १° ४८' ५२" | मूला(१)- केतु | बाल | दारककारक | सम | मार्गीउदय |
मङ्गल | कन्या | ४° ५९' ०७" | उत्तराफाल्गुनी(३)- सूर्य | मृत | ज्ञातिकारक | शत्रु | मार्गीउदय |
बुध🪷 | सिंह | २७° २२' ५९" | उत्तराफाल्गुनी(१)- सूर्य | मृत | आत्मकारक | मित्रपुष्कर | वक्रीउदय |
बृहस्पति🪷 | मेष | २१° १५' ०९" | भरणी(३)- शुक्र | वृद्ध | अमात्यकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
शुक्र | कर्कट | १९° ३३' ४८" | आश्लेषा(१)- बुध | कुमार | भ्रातृकारक | शत्रु | वक्रीउदय |
शनि | कुम्भ | ९° ४३' ५५" | शतभिषा(१)- राहु | कुमार | मातृकारक | मूलत्रिकोण | वक्रीउदय |
राहु | मेष | २° १२' ४३" | अश्विनी(१)- केतु | बाल | -- | शत्रुवर्गोत्तम | वक्री |
केतु | तुला | २° १२' ४३" | चित्रा(३)- मङ्गल | बाल | -- | मित्रवर्गोत्तम | वक्री |