
२५ अगस्ट २०२३
ने.सं. ११४३ ञंलाथ्व नवमी
शक संवत् १९४५ (शोभकृत संवत्सर)
| वार | शुक्रवार |
मायालु र मिलनसार हुने। कला, सौन्दर्य र राम्रा कुराप्रति रुचि रहने तथा सम्बन्धमा मेलमिलापलाई महत्व दिने। | |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
शुक्ल पक्ष (बढ्दो चन्द्रमा) मा जन्म हुनाले, यसले बाह्य विकास, ऊर्जा वृद्धि, सकारात्मकता र प्रगतिको सङ्केत गर्दछ। | |
| तिथि | ![]() |
कुल अवधि: २२ घण्टा ५२ मिनेट नवमी तिथि बिहीबार साँझ ९:४० PM देखि शुक्रबार साँझ ८:३२ PM सम्म तपाईंको जन्मको तिथिले तपाईंको भावनात्मक सम्बन्ध, साझेदारी र मानसिक अवस्थालाई मार्गनिर्देशन गर्दछ। | |
| नक्षत्र | ज्येष्ठा२ पाउ |
कुल अवधि: २३ घण्टा २३ मिनेट ज्येष्ठा नक्षत्र शुक्रबार राति ३:४४ AM देखि शनिबार राति ३:०७ AM सम्म ज्येष्ठा नक्षत्रका स्वामी बुध हुन् र यसका देवता इन्द्र हुन्। यसले ज्येष्ठता, साहस र नेतृत्व क्षमतालाई जनाउँछ। १ पाउ राति ३:४४ AM देखि बिहान ९:३४ AM सम्म (नो) २ पाउ बिहान ९:३४ AM देखि दिउँसो ३:२५ PM सम्म (या)हालको पाउ ३ पाउ दिउँसो ३:२५ PM देखि साँझ ९:१६ PM सम्म (यी) ४ पाउ शुक्रबार साँझ ९:१६ PM देखि शनिबार राति ३:०७ AM सम्म (यू) | |
| योग | वैधृति |
कुल अवधि: २२ घण्टा १४ मिनेट वैधृति योग बिहीबार दिउँसो ३:०५ PM देखि शुक्रबार दिउँसो १:१९ PM सम्म सूर्य र चन्द्रमाको संयुक्त देशान्तरबाट निकालिने यो योगले तपाईंको स्वास्थ्य, समृद्धि र आपसी सम्बन्धलाई प्रभाव पार्छ। | |
| करण | कौलव |
कुल अवधि: ११ घण्टा २० मिनेट कौलव करण शुक्रबार बिहान ९:१२ AM देखि शुक्रबार साँझ ८:३२ PM सम्म करणले तिथिको आधा भाग प्रतिनिधित्व गर्दछ, जसले तपाईंको कार्यक्षमता, कामप्रतिको दृष्टिकोण र व्यावसायिक झुकावलाई सङ्केत गर्छ। | |
| चन्द्र राशि | वृश्चिक |
कुल अवधि: ५४ घण्टा १३ मिनेट वृश्चिक राशि बुधबार दिउँसो २:२२ PM देखि शुक्रबार साँझ ८:३५ PM सम्म वृश्चिक राशिमा चन्द्रमा हुनाले, मङ्गल र केतुको प्रभावले तपाईंमा गहिरो अन्तर्ज्ञान, दृढ इच्छाशक्ति र रहस्यहरू बुझ्ने क्षमता रहन्छ। | |
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | वृश्चिक | ०° १०' २२" | विशाखा(४)- बृहस्पति | -- | -- | -- | -- |
सूर्य | सिंह | ७° ३७' ५२" | मघा(३)- केतु | कुमार | ज्ञातिकारक | मूलत्रिकोणदिग्बली | मार्गी |
चन्द्र | वृश्चिक | १८° ०४' ४०" | ज्येष्ठा(१)- बुध | कुमार | मातृकारक | नीच | मार्गीउदय |
मङ्गल | कन्या | ४° २०' ४६" | उत्तराफाल्गुनी(३)- सूर्य | मृत | दारककारक | शत्रु | मार्गीउदय |
बुध🪷 | सिंह | २७° ३४' १०" | उत्तराफाल्गुनी(१)- सूर्य | मृत | आत्मकारक | मित्रपुष्कर | वक्रीउदय |
बृहस्पति🪷 | मेष | २१° १३' १३" | भरणी(३)- शुक्र | वृद्ध | अमात्यकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
शुक्र | कर्कट | १९° ५५' ४७" | आश्लेषा(१)- बुध | कुमार | भ्रातृकारक | शत्रु | वक्रीउदय |
शनि | कुम्भ | ९° ४८' २७" | शतभिषा(१)- राहु | कुमार | पुत्रकारक | मूलत्रिकोण | वक्रीउदय |
राहु | मेष | २° १५' ११" | अश्विनी(१)- केतु | बाल | -- | शत्रुवर्गोत्तम | वक्री |
केतु | तुला | २° १५' ११" | चित्रा(३)- मङ्गल | बाल | -- | मित्रवर्गोत्तम | वक्री |