
२४ अगस्ट २०२३
ने.सं. ११४३ ञंलाथ्व अष्टमी
शक संवत् १९४५ (शोभकृत संवत्सर)
| वार | बिहीवार |
ज्ञान र नयाँ कुरा सिक्न रुचि रहने। राम्रो सोच, धैर्य र असल कुराप्रतिको सम्मानले सही बाटो रोज्न सहयोग गर्ने। | |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
शुक्ल पक्ष (बढ्दो चन्द्रमा) मा जन्म हुनाले, यसले बाह्य विकास, ऊर्जा वृद्धि, सकारात्मकता र प्रगतिको सङ्केत गर्दछ। | |
| तिथि | ![]() |
कुल अवधि: २३ घण्टा ३९ मिनेट अष्टमी तिथि बुधबार राति १०:०१ PM देखि बिहीबार साँझ ९:४० PM सम्म तपाईंको जन्मको तिथिले तपाईंको भावनात्मक सम्बन्ध, साझेदारी र मानसिक अवस्थालाई मार्गनिर्देशन गर्दछ। | |
| नक्षत्र | अनुराधा२ पाउ |
कुल अवधि: २४ घण्टा १० मिनेट अनुराधा नक्षत्र बिहीबार राति ३:३३ AM देखि शुक्रबार राति ३:४४ AM सम्म अनुराधा नक्षत्रका स्वामी शनि हुन् र यसका देवता मित्र हुन्। यो नक्षत्र मित्रता, भक्ति र सामूहिक कार्यको प्रतीक हो। १ पाउ राति ३:३३ AM देखि बिहान ९:३६ AM सम्म (ना) २ पाउ बिहान ९:३६ AM देखि दिउँसो ३:३८ PM सम्म (नी)हालको पाउ ३ पाउ दिउँसो ३:३८ PM देखि साँझ ९:४१ PM सम्म (नू) ४ पाउ बिहीबार साँझ ९:४१ PM देखि शुक्रबार राति ३:४४ AM सम्म (ने) | |
| योग | इन्द्र |
कुल अवधि: २२ घण्टा ५२ मिनेट इन्द्र योग बुधबार साँझ ४:१३ PM देखि बिहीबार दिउँसो ३:०५ PM सम्म सूर्य र चन्द्रमाको संयुक्त देशान्तरबाट निकालिने यो योगले तपाईंको स्वास्थ्य, समृद्धि र आपसी सम्बन्धलाई प्रभाव पार्छ। | |
| करण | बव |
कुल अवधि: ११ घण्टा ४४ मिनेट बव करण बिहीबार बिहान ९:५६ AM देखि बिहीबार साँझ ९:४० PM सम्म करणले तिथिको आधा भाग प्रतिनिधित्व गर्दछ, जसले तपाईंको कार्यक्षमता, कामप्रतिको दृष्टिकोण र व्यावसायिक झुकावलाई सङ्केत गर्छ। | |
| चन्द्र राशि | वृश्चिक |
कुल अवधि: ५४ घण्टा १३ मिनेट वृश्चिक राशि बुधबार दिउँसो २:२२ PM देखि शुक्रबार साँझ ८:३५ PM सम्म वृश्चिक राशिमा चन्द्रमा हुनाले, मङ्गल र केतुको प्रभावले तपाईंमा गहिरो अन्तर्ज्ञान, दृढ इच्छाशक्ति र रहस्यहरू बुझ्ने क्षमता रहन्छ। | |
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | तुला | २९° १९' ५१" | विशाखा(३)- बृहस्पति | -- | -- | -- | -- |
सूर्य | सिंह | ६° ४०' ०१" | मघा(३)- केतु | कुमार | पुत्रकारक | मूलत्रिकोण | मार्गी |
चन्द्र | वृश्चिक | ४° ४७' ३५" | अनुराधा(१)- शनि | मृत | ज्ञातिकारक | नीच | मार्गीउदय |
मङ्गल | कन्या | ३° ४२' २७" | उत्तराफाल्गुनी(३)- सूर्य | मृत | दारककारक | शत्रु | मार्गीउदय |
बुध🪷 | सिंह | २७° ३९' २९" | उत्तराफाल्गुनी(१)- सूर्य | मृत | आत्मकारक | मित्रपुष्कर | वक्रीउदय |
बृहस्पति🪷 | मेष | २१° ११' ०५" | भरणी(३)- शुक्र | वृद्ध | अमात्यकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
शुक्र | कर्कट | २०° १९' ५४" | आश्लेषा(२)- बुध | कुमार | भ्रातृकारक | शत्रु | वक्रीउदय |
शनि | कुम्भ | ९° ५२' ६०" | शतभिषा(१)- राहु | कुमार | मातृकारक | मूलत्रिकोण | वक्रीउदय |
राहु | मेष | २° १५' ४२" | अश्विनी(१)- केतु | बाल | -- | शत्रुवर्गोत्तमदिग्बली | मार्गी |
केतु | तुला | २° १५' ४२" | चित्रा(३)- मङ्गल | बाल | -- | मित्रवर्गोत्तम | मार्गी |