
२३ अगस्ट २०२३
ने.सं. ११४३ ञंलाथ्व सप्तमी
शक संवत् १९४५ (शोभकृत संवत्सर)
| वार | बुधवार |
बुद्धि तीक्ष्ण हुने र कुरा बुझ्ने क्षमता राम्रो रहने। बोल्नमा निपुण र नयाँ कुरा सिक्न सधैं उत्सुक रहने। | |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
शुक्ल पक्ष (बढ्दो चन्द्रमा) मा जन्म हुनाले, यसले बाह्य विकास, ऊर्जा वृद्धि, सकारात्मकता र प्रगतिको सङ्केत गर्दछ। | |
| तिथि | ![]() |
कुल अवधि: २४ घण्टा २५ मिनेट सप्तमी तिथि मंगलबार साँझ ९:३६ PM देखि बुधबार राति १०:०१ PM सम्म तपाईंको जन्मको तिथिले तपाईंको भावनात्मक सम्बन्ध, साझेदारी र मानसिक अवस्थालाई मार्गनिर्देशन गर्दछ। | |
| नक्षत्र | विशाखा२ पाउ |
कुल अवधि: २४ घण्टा ५६ मिनेट विशाखा नक्षत्र बुधबार राति २:३७ AM देखि बिहीबार राति ३:३३ AM सम्म विशाखा नक्षत्रका स्वामी बृहस्पति हुन् र यसका देवता इन्द्राग्नि हुन्। यसले विजय, कडा मिहिनेत र लक्ष्य प्राप्तिको प्रतिनिधित्व गर्दछ। १ पाउ राति २:३७ AM देखि बिहान ८:५१ AM सम्म (ती) २ पाउ बिहान ८:५१ AM देखि दिउँसो ३:०५ PM सम्म (तू)हालको पाउ ३ पाउ दिउँसो ३:०५ PM देखि साँझ ९:१९ PM सम्म (ते) ४ पाउ बुधबार साँझ ९:१९ PM देखि बिहीबार राति ३:३३ AM सम्म (तो) | |
| योग | ब्रह्म |
कुल अवधि: २३ घण्टा २७ मिनेट ब्रह्म योग मंगलबार साँझ ४:४६ PM देखि बुधबार साँझ ४:१३ PM सम्म सूर्य र चन्द्रमाको संयुक्त देशान्तरबाट निकालिने यो योगले तपाईंको स्वास्थ्य, समृद्धि र आपसी सम्बन्धलाई प्रभाव पार्छ। | |
| करण | वणिज |
कुल अवधि: १२ घण्टा ७ मिनेट वणिज करण बुधबार बिहान ९:५४ AM देखि बुधबार राति १०:०१ PM सम्म करणले तिथिको आधा भाग प्रतिनिधित्व गर्दछ, जसले तपाईंको कार्यक्षमता, कामप्रतिको दृष्टिकोण र व्यावसायिक झुकावलाई सङ्केत गर्छ। | |
| चन्द्र राशि | तुला |
कुल अवधि: ५७ घण्टा ४७ मिनेट तुला राशि सोमबार बिहान ४:३५ AM देखि बुधबार दिउँसो २:२२ PM सम्म तुला राशिमा चन्द्रमा हुनाले, शुक्र ग्रहले तपाईंलाई सन्तुलनप्रिय स्वभाव, मधुर सम्बन्ध बनाउने कला र कलात्मक दृष्टिकोण प्रदान गर्दछ। | |
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | तुला | २८° २९' १९" | विशाखा(३)- बृहस्पति | -- | -- | -- | -- |
सूर्य | सिंह | ५° ४२' १२" | मघा(२)- केतु | बाल | ज्ञातिकारक | मूलत्रिकोण | मार्गी |
चन्द्र | तुला | २१° ५४' ३६" | विशाखा(१)- बृहस्पति | वृद्ध | अमात्यकारक | सम | मार्गीउदय |
मङ्गल | कन्या | ३° ०४' १०" | उत्तराफाल्गुनी(२)- सूर्य | मृत | दारककारक | शत्रु | मार्गीउदय |
बुध🪷 | सिंह | २७° ३९' ०५" | उत्तराफाल्गुनी(१)- सूर्य | मृत | आत्मकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
बृहस्पति🪷 | मेष | २१° ०८' ४६" | भरणी(३)- शुक्र | वृद्ध | भ्रातृकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
शुक्र | कर्कट | २०° ४६' ०३" | आश्लेषा(२)- बुध | कुमार | मातृकारक | शत्रु | वक्रीउदय |
शनि | कुम्भ | ९° ५७' ३२" | शतभिषा(१)- राहु | कुमार | पुत्रकारक | मूलत्रिकोण | वक्रीउदय |
राहु | मेष | २° १५' ०२" | अश्विनी(१)- केतु | बाल | -- | शत्रुवर्गोत्तमदिग्बली | मार्गी |
केतु | तुला | २° १५' ०२" | चित्रा(३)- मङ्गल | बाल | -- | मित्रवर्गोत्तम | मार्गी |