
२२ अगस्ट २०२३
ने.सं. ११४३ ञंलाथ्व षष्ठी
शक संवत् १९४५ (शोभकृत संवत्सर)
| वार | मङ्गलवार |
साहस र जोश राम्रो हुने। दृढ सोचका साथ कठिनाइको सामना गर्ने र लक्ष्यतर्फ निरन्तर अघि बढ्ने। | |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
शुक्ल पक्ष (बढ्दो चन्द्रमा) मा जन्म हुनाले, यसले बाह्य विकास, ऊर्जा वृद्धि, सकारात्मकता र प्रगतिको सङ्केत गर्दछ। | |
| तिथि | ![]() |
कुल अवधि: २५ घण्टा ६ मिनेट षष्ठी तिथि सोमबार साँझ ८:३० PM देखि मंगलबार साँझ ९:३६ PM सम्म तपाईंको जन्मको तिथिले तपाईंको भावनात्मक सम्बन्ध, साझेदारी र मानसिक अवस्थालाई मार्गनिर्देशन गर्दछ। | |
| नक्षत्र | स्वाति२ पाउ |
कुल अवधि: २५ घण्टा ३६ मिनेट स्वाति नक्षत्र मंगलबार राति १:०१ AM देखि बुधबार राति २:३७ AM सम्म स्वाती नक्षत्रका स्वामी राहु हुन् र यसका देवता वायु हुन्। यसले स्वतन्त्रता, व्यापारिक चेत र अनुकूलन क्षमतालाई बुझाउँछ। १ पाउ राति १:०१ AM देखि बिहान ७:२५ AM सम्म (रू) २ पाउ बिहान ७:२५ AM देखि दिउँसो १:४९ PM सम्म (रे)हालको पाउ ३ पाउ दिउँसो १:४९ PM देखि साँझ ८:१३ PM सम्म (रो) ४ पाउ मंगलबार साँझ ८:१३ PM देखि बुधबार राति २:३७ AM सम्म (ता) | |
| योग | शुक्ल |
कुल अवधि: २३ घण्टा ५७ मिनेट शुक्ल योग सोमबार साँझ ४:४९ PM देखि मंगलबार साँझ ४:४६ PM सम्म सूर्य र चन्द्रमाको संयुक्त देशान्तरबाट निकालिने यो योगले तपाईंको स्वास्थ्य, समृद्धि र आपसी सम्बन्धलाई प्रभाव पार्छ। | |
| करण | तैतिल |
कुल अवधि: १२ घण्टा २८ मिनेट तैतिल करण मंगलबार बिहान ९:०७ AM देखि मंगलबार साँझ ९:३६ PM सम्म करणले तिथिको आधा भाग प्रतिनिधित्व गर्दछ, जसले तपाईंको कार्यक्षमता, कामप्रतिको दृष्टिकोण र व्यावसायिक झुकावलाई सङ्केत गर्छ। | |
| चन्द्र राशि | तुला |
कुल अवधि: ५७ घण्टा ४७ मिनेट तुला राशि सोमबार बिहान ४:३५ AM देखि बुधबार दिउँसो २:२२ PM सम्म तुला राशिमा चन्द्रमा हुनाले, शुक्र ग्रहले तपाईंलाई सन्तुलनप्रिय स्वभाव, मधुर सम्बन्ध बनाउने कला र कलात्मक दृष्टिकोण प्रदान गर्दछ। | |
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | तुला | २७° ३८' ४७" | विशाखा(३)- बृहस्पति | -- | -- | -- | -- |
सूर्य | सिंह | ४° ४४' २४" | मघा(२)- केतु | बाल | ज्ञातिकारक | मूलत्रिकोण | मार्गी |
चन्द्र | तुला | ९° २१' ३९" | स्वाति(१)- राहु | कुमार | पुत्रकारक | सम | मार्गीउदय |
मङ्गल | कन्या | २° २५' ५६" | उत्तराफाल्गुनी(२)- सूर्य | मृत | दारककारक | शत्रु | मार्गीउदय |
बुध🪷 | सिंह | २७° ३३' १०" | उत्तराफाल्गुनी(१)- सूर्य | मृत | आत्मकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
बृहस्पति🪷 | मेष | २१° ०६' १५" | भरणी(३)- शुक्र | वृद्ध | भ्रातृकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
शुक्र | कर्कट | २१° १४' ०७" | आश्लेषा(२)- बुध | कुमार | अमात्यकारक | शत्रु | वक्रीउदय |
शनि | कुम्भ | १०° ०२' ०३" | शतभिषा(२)- राहु | कुमार | मातृकारक | मूलत्रिकोण | वक्रीउदय |
राहु | मेष | २° १४' ०९" | अश्विनी(१)- केतु | बाल | -- | शत्रुवर्गोत्तमदिग्बली | मार्गी |
केतु | तुला | २° १४' ०९" | चित्रा(३)- मङ्गल | बाल | -- | मित्रवर्गोत्तम | मार्गी |