
२१ अगस्ट २०२३
ने.सं. ११४३ ञंलाथ्व पञ्चमी
शक संवत् १९४५ (शोभकृत संवत्सर)
| वार | सोमवार |
मन कोमल र मायालु हुने। परिवार र आफ्ना मानिसप्रति गहिरो माया रहने र सम्बन्धमा शान्ति तथा आत्मीयता खोज्ने। | |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
शुक्ल पक्ष (बढ्दो चन्द्रमा) मा जन्म हुनाले, यसले बाह्य विकास, ऊर्जा वृद्धि, सकारात्मकता र प्रगतिको सङ्केत गर्दछ। | |
| तिथि | ![]() |
कुल अवधि: २५ घण्टा ३८ मिनेट पञ्चमी तिथि आइतबार साँझ ६:५२ PM देखि सोमबार साँझ ८:३० PM सम्म पञ्चमी तिथिका स्वामी नाग देवता हुन्। यो तिथि विद्या प्राप्ति (सरस्वती पूजा), कला, औषधि सेवन र सम्बन्ध सुधारका लागि निकै राम्रो मानिन्छ। | |
| नक्षत्र | चित्रा३ पाउ |
कुल अवधि: २६ घण्टा १० मिनेट चित्रा नक्षत्र आइतबार राति १०:५१ PM देखि मंगलबार राति १:०१ AM सम्म चित्र नक्षत्रका स्वामी मङ्गल हुन् र यसका देवता विश्वकर्मा हुन्। यसले कला, सृजनात्मकता र वास्तुकलाको क्षेत्रलाई जनाउँछ। १ पाउ आइतबार राति १०:५१ PM देखि सोमबार बिहान ५:२४ AM सम्म (पे) २ पाउ बिहान ५:२४ AM देखि बिहान ११:५६ AM सम्म (पो) ३ पाउ बिहान ११:५६ AM देखि साँझ ६:२९ PM सम्म (रा)हालको पाउ ४ पाउ सोमबार साँझ ६:२९ PM देखि मंगलबार राति १:०१ AM सम्म (री) | |
| योग | शुभ |
कुल अवधि: २४ घण्टा २२ मिनेट शुभ योग आइतबार साँझ ४:२७ PM देखि सोमबार साँझ ४:४८ PM सम्म सूर्य र चन्द्रमाको संयुक्त देशान्तरबाट निकालिने यो योगले तपाईंको स्वास्थ्य, समृद्धि र आपसी सम्बन्धलाई प्रभाव पार्छ। | |
| करण | बालव |
कुल अवधि: १२ घण्टा ४६ मिनेट बालव करण सोमबार बिहान ७:४४ AM देखि सोमबार साँझ ८:३० PM सम्म करणले तिथिको आधा भाग प्रतिनिधित्व गर्दछ, जसले तपाईंको कार्यक्षमता, कामप्रतिको दृष्टिकोण र व्यावसायिक झुकावलाई सङ्केत गर्छ। | |
| चन्द्र राशि | कन्या |
कुल अवधि: ५७ घण्टा ४७ मिनेट कन्या राशि सोमबार बिहान ४:३५ AM देखि बुधबार दिउँसो २:२२ PM सम्म कन्या राशिमा चन्द्रमा हुनाले, बुध ग्रहले तपाईंलाई विश्लेषणात्मक बुद्धि, व्यावहारिक सोच, कर्तव्यपरायणता र सूक्ष्म कुराहरूमा ध्यान दिने बानी दिन्छ। | |
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | तुला | २६° ४८' १३" | विशाखा(३)- बृहस्पति | -- | -- | -- | -- |
सूर्य | सिंह | ३° ४६' ३७" | मघा(२)- केतु | बाल | ज्ञातिकारक | मूलत्रिकोण | मार्गी |
चन्द्र | कन्या | २७° ०४' २४" | चित्रा(२)- मङ्गल | बाल | अमात्यकारक | मित्रवर्गोत्तम | मार्गीउदय |
मङ्गल | कन्या | १° ४७' ४५" | उत्तराफाल्गुनी(२)- सूर्य | मृत | दारककारक | शत्रु | मार्गीउदय |
बुध🪷 | सिंह | २७° २१' ५६" | उत्तराफाल्गुनी(१)- सूर्य | मृत | आत्मकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
बृहस्पति🪷 | मेष | २१° ०३' ३३" | भरणी(३)- शुक्र | वृद्ध | मातृकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
शुक्र | कर्कट | २१° ४३' ५७" | आश्लेषा(२)- बुध | कुमार | भ्रातृकारक | शत्रु | वक्रीउदय |
शनि | कुम्भ | १०° ०६' ३४" | शतभिषा(२)- राहु | कुमार | पुत्रकारक | मूलत्रिकोण | वक्रीउदय |
राहु | मेष | २° १४' ०५" | अश्विनी(१)- केतु | बाल | -- | शत्रुवर्गोत्तमदिग्बली | वक्री |
केतु | तुला | २° १४' ०५" | चित्रा(३)- मङ्गल | बाल | -- | मित्रवर्गोत्तम | वक्री |