
१९ अगस्ट २०२३
ने.सं. ११४३ ञंलाथ्व तृतीया
शक संवत् १९४५ (शोभकृत संवत्सर)
| वार | शनिवार |
धैर्य र मेहनतमा विश्वास गर्ने। जिम्मेवारी पूरा गर्न सक्ने र कठिन समयमा पनि हिम्मत नहार्ने। | |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
शुक्ल पक्ष (बढ्दो चन्द्रमा) मा जन्म हुनाले, यसले बाह्य विकास, ऊर्जा वृद्धि, सकारात्मकता र प्रगतिको सङ्केत गर्दछ। | |
| तिथि | ![]() |
कुल अवधि: २६ घण्टा १८ मिनेट तृतीया तिथि शुक्रबार दिउँसो २:३१ PM देखि शनिबार साँझ ४:४९ PM सम्म तपाईंको जन्मको तिथिले तपाईंको भावनात्मक सम्बन्ध, साझेदारी र मानसिक अवस्थालाई मार्गनिर्देशन गर्दछ। | |
| नक्षत्र | उत्तराफाल्गुनी३ पाउ |
कुल अवधि: २६ घण्टा ५० मिनेट उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र शुक्रबार साँझ ५:२७ PM देखि शनिबार साँझ ८:१७ PM सम्म तपाईंको जन्म नक्षत्र तपाईंको कुण्डलीको सबैभन्दा महत्त्वपूर्ण नक्षत्र हो, जसले तपाईंको गहिरो सोच, व्यक्तित्व र जीवन मार्गलाई आकार दिन्छ। १ पाउ शुक्रबार साँझ ५:२७ PM देखि शनिबार राति १२:०९ AM सम्म (टे) २ पाउ राति १२:०९ AM देखि बिहान ६:५२ AM सम्म (टो) ३ पाउ बिहान ६:५२ AM देखि दिउँसो १:३४ PM सम्म (पा)हालको पाउ ४ पाउ दिउँसो १:३४ PM देखि साँझ ८:१७ PM सम्म (पी) | |
| योग | सिद्ध |
कुल अवधि: २४ घण्टा ५१ मिनेट सिद्ध योग शुक्रबार दिउँसो २:५६ PM देखि शनिबार दिउँसो ३:४७ PM सम्म सूर्य र चन्द्रमाको संयुक्त देशान्तरबाट निकालिने यो योगले तपाईंको स्वास्थ्य, समृद्धि र आपसी सम्बन्धलाई प्रभाव पार्छ। | |
| करण | गरज |
कुल अवधि: १३ घण्टा ८ मिनेट गरज करण शनिबार राति ३:४२ AM देखि शनिबार साँझ ४:४९ PM सम्म करणले तिथिको आधा भाग प्रतिनिधित्व गर्दछ, जसले तपाईंको कार्यक्षमता, कामप्रतिको दृष्टिकोण र व्यावसायिक झुकावलाई सङ्केत गर्छ। | |
| चन्द्र राशि | कन्या |
कुल अवधि: ६० घण्टा १ मिनेट कन्या राशि शुक्रबार साँझ ४:३४ PM देखि सोमबार बिहान ४:३५ AM सम्म कन्या राशिमा चन्द्रमा हुनाले, बुध ग्रहले तपाईंलाई विश्लेषणात्मक बुद्धि, व्यावहारिक सोच, कर्तव्यपरायणता र सूक्ष्म कुराहरूमा ध्यान दिने बानी दिन्छ। | |
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | तुला | २५° ०७' ०४" | विशाखा(२)- बृहस्पति | -- | -- | -- | -- |
सूर्य | सिंह | १° ५१' ०७" | मघा(१)- केतु | बाल | ज्ञातिकारक | मूलत्रिकोण | मार्गी |
चन्द्र | कन्या | ३° ००' ४२" | उत्तराफाल्गुनी(२)- सूर्य | मृत | पुत्रकारक | मित्र | मार्गीउदय |
मङ्गल | कन्या | ०° ३१' २९" | उत्तराफाल्गुनी(२)- सूर्य | मृत | दारककारक | शत्रु | मार्गीउदय |
बुध🪷 | सिंह | २६° ४४' २९" | उत्तराफाल्गुनी(१)- सूर्य | मृत | आत्मकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
बृहस्पति🪷 | मेष | २०° ५७' ३५" | भरणी(३)- शुक्र | वृद्ध | भ्रातृकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
शुक्र | कर्कट | २२° ४८' १९" | आश्लेषा(२)- बुध | कुमार | अमात्यकारक | शत्रु | वक्रीउदय |
शनि | कुम्भ | १०° १५' ३२" | शतभिषा(२)- राहु | कुमार | मातृकारक | मूलत्रिकोण | वक्रीउदय |
राहु | मेष | २° १९' २३" | अश्विनी(१)- केतु | बाल | -- | शत्रुवर्गोत्तमदिग्बली | वक्री |
केतु | तुला | २° १९' २३" | चित्रा(३)- मङ्गल | बाल | -- | मित्रवर्गोत्तम | वक्री |