
१८ अगस्ट २०२३
ने.सं. ११४३ गुंलाथ्व द्वितीया
शक संवत् १९४५ (शोभकृत संवत्सर)
| वार | शुक्रवार |
मायालु र मिलनसार हुने। कला, सौन्दर्य र राम्रा कुराप्रति रुचि रहने तथा सम्बन्धमा मेलमिलापलाई महत्व दिने। | |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
शुक्ल पक्ष (बढ्दो चन्द्रमा) मा जन्म हुनाले, यसले बाह्य विकास, ऊर्जा वृद्धि, सकारात्मकता र प्रगतिको सङ्केत गर्दछ। | |
| तिथि | ![]() |
कुल अवधि: २६ घण्टा २६ मिनेट द्वितीया तिथि बिहीबार दिउँसो १२:०५ PM देखि शुक्रबार दिउँसो २:३१ PM सम्म तपाईंको जन्मको तिथिले तपाईंको भावनात्मक सम्बन्ध, साझेदारी र मानसिक अवस्थालाई मार्गनिर्देशन गर्दछ। | |
| नक्षत्र | पूर्वाफाल्गुनी४ पाउ |
कुल अवधि: २६ घण्टा ५९ मिनेट पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र बिहीबार दिउँसो २:२८ PM देखि शुक्रबार साँझ ५:२७ PM सम्म तपाईंको जन्म नक्षत्र तपाईंको कुण्डलीको सबैभन्दा महत्त्वपूर्ण नक्षत्र हो, जसले तपाईंको गहिरो सोच, व्यक्तित्व र जीवन मार्गलाई आकार दिन्छ। १ पाउ दिउँसो २:२८ PM देखि साँझ ९:१२ PM सम्म (मो) २ पाउ बिहीबार साँझ ९:१२ PM देखि शुक्रबार राति ३:५७ AM सम्म (टा) ३ पाउ राति ३:५७ AM देखि बिहान १०:४२ AM सम्म (टी) ४ पाउ बिहान १०:४२ AM देखि साँझ ५:२७ PM सम्म (टू)हालको पाउ | |
| योग | शिव |
कुल अवधि: २४ घण्टा ५८ मिनेट शिव योग बिहीबार दिउँसो १:५८ PM देखि शुक्रबार दिउँसो २:५५ PM सम्म सूर्य र चन्द्रमाको संयुक्त देशान्तरबाट निकालिने यो योगले तपाईंको स्वास्थ्य, समृद्धि र आपसी सम्बन्धलाई प्रभाव पार्छ। | |
| करण | कौलव |
कुल अवधि: १३ घण्टा १२ मिनेट कौलव करण शुक्रबार राति १:१९ AM देखि शुक्रबार दिउँसो २:३१ PM सम्म करणले तिथिको आधा भाग प्रतिनिधित्व गर्दछ, जसले तपाईंको कार्यक्षमता, कामप्रतिको दृष्टिकोण र व्यावसायिक झुकावलाई सङ्केत गर्छ। | |
| चन्द्र राशि | सिंह |
कुल अवधि: ६० घण्टा ४५ मिनेट सिंह राशि बुधबार राति ३:४९ AM देखि शुक्रबार साँझ ४:३४ PM सम्म सिंह राशिमा चन्द्रमा हुनाले, सूर्यको ऊर्जाले तपाईंलाई नेतृत्व गर्ने क्षमता, आत्मविश्वास, उदार हृदय र स्वाभिमान प्रदान गर्दछ। | |
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | तुला | २४° १६' २८" | विशाखा(२)- बृहस्पति | -- | -- | -- | -- |
सूर्य | सिंह | ०° ५३' २४" | मघा(१)- केतु | बाल | दारककारक | मूलत्रिकोण | मार्गी |
चन्द्र🪷 | सिंह | २१° ०७' २८" | पूर्वाफाल्गुनी(३)- शुक्र | वृद्ध | मातृकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
मङ्गल🪷 | सिंह | २९° ५३' २४" | उत्तराफाल्गुनी(१)- सूर्य | मृत | आत्मकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
बुध | सिंह | २६° १८' ४४" | पूर्वाफाल्गुनी(४)- शुक्र | मृत | अमात्यकारक | मित्र | मार्गीउदय |
बृहस्पति🪷 | मेष | २०° ५४' १९" | भरणी(३)- शुक्र | वृद्ध | पुत्रकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
शुक्र | कर्कट | २३° २२' २९" | आश्लेषा(३)- बुध | कुमार | भ्रातृकारक | शत्रु | वक्रीअस्त |
शनि | कुम्भ | १०° १९' ६०" | शतभिषा(२)- राहु | कुमार | ज्ञातिकारक | मूलत्रिकोण | वक्रीउदय |
राहु | मेष | २° २५' ४८" | अश्विनी(१)- केतु | बाल | -- | शत्रुवर्गोत्तमदिग्बली | वक्री |
केतु | तुला | २° २५' ४८" | चित्रा(३)- मङ्गल | बाल | -- | मित्रवर्गोत्तम | वक्री |