
१७ अगस्ट २०२३
ने.सं. ११४३ गुंलाथ्व प्रतिपदा
शक संवत् १९४५ (शोभकृत संवत्सर)
| वार | बिहीवार |
ज्ञान र नयाँ कुरा सिक्न रुचि रहने। राम्रो सोच, धैर्य र असल कुराप्रतिको सम्मानले सही बाटो रोज्न सहयोग गर्ने। | |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
शुक्ल पक्ष (बढ्दो चन्द्रमा) मा जन्म हुनाले, यसले बाह्य विकास, ऊर्जा वृद्धि, सकारात्मकता र प्रगतिको सङ्केत गर्दछ। | |
| तिथि | ![]() |
कुल अवधि: २६ घण्टा २८ मिनेट प्रतिपदा तिथि बुधबार बिहान ९:३७ AM देखि बिहीबार दिउँसो १२:०५ PM सम्म तपाईंको जन्मको तिथिले तपाईंको भावनात्मक सम्बन्ध, साझेदारी र मानसिक अवस्थालाई मार्गनिर्देशन गर्दछ। | |
| नक्षत्र | मघा(४ पाउ) |
कुल अवधि: २७ घण्टा १ मिनेट मघा नक्षत्र बुधबार बिहान ११:२७ AM देखि बिहीबार दिउँसो २:२८ PM सम्म मघा नक्षत्रका स्वामी केतु हुन् र यसका देवता पितृहरू हुन्। यो नक्षत्रले सम्मान, उच्च पद र पुर्खाको आशीर्वादलाई प्रतिनिधित्व गर्दछ। १ पाउ बिहान ११:२७ AM देखि साँझ ६:१२ PM सम्म (मा) २ पाउ बुधबार साँझ ६:१२ PM देखि बिहीबार राति १२:५७ AM सम्म (मी) ३ पाउ राति १२:५७ AM देखि बिहान ७:४२ AM सम्म (मू) ४ पाउ बिहान ७:४२ AM देखि दिउँसो २:२८ PM सम्म (मे)हालको पाउ | |
| योग | परिघ |
कुल अवधि: २४ घण्टा ५९ मिनेट परिघ योग बुधबार दिउँसो १२:५८ PM देखि बिहीबार दिउँसो १:५८ PM सम्म सूर्य र चन्द्रमाको संयुक्त देशान्तरबाट निकालिने यो योगले तपाईंको स्वास्थ्य, समृद्धि र आपसी सम्बन्धलाई प्रभाव पार्छ। | |
| करण | बव |
कुल अवधि: १३ घण्टा १४ मिनेट बव करण बुधबार राति १०:५१ PM देखि बिहीबार दिउँसो १२:०५ PM सम्म करणले तिथिको आधा भाग प्रतिनिधित्व गर्दछ, जसले तपाईंको कार्यक्षमता, कामप्रतिको दृष्टिकोण र व्यावसायिक झुकावलाई सङ्केत गर्छ। | |
| चन्द्र राशि | सिंह |
कुल अवधि: ६० घण्टा ४५ मिनेट सिंह राशि बुधबार राति ३:४९ AM देखि शुक्रबार साँझ ४:३४ PM सम्म सिंह राशिमा चन्द्रमा हुनाले, सूर्यको ऊर्जाले तपाईंलाई नेतृत्व गर्ने क्षमता, आत्मविश्वास, उदार हृदय र स्वाभिमान प्रदान गर्दछ। | |
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | तुला | २३° २५' ५०" | विशाखा(२)- बृहस्पति | -- | -- | -- | -- |
सूर्य | कर्कट | २९° ५५' ४१" | आश्लेषा(४)- बुध | बाल | आत्मकारक | मित्रदिग्बली | मार्गी |
चन्द्र | सिंह | ९° १६' २९" | मघा(३)- केतु | कुमार | दारककारक | मित्र | मार्गीअस्त |
मङ्गल🪷 | सिंह | २९° १५' २३" | उत्तराफाल्गुनी(१)- सूर्य | मृत | अमात्यकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
बुध | सिंह | २५° ४८' ३७" | पूर्वाफाल्गुनी(४)- शुक्र | मृत | भ्रातृकारक | मित्र | मार्गीउदय |
बृहस्पति🪷 | मेष | २०° ५०' ५२" | भरणी(३)- शुक्र | वृद्ध | पुत्रकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
शुक्र | कर्कट | २३° ५७' ४३" | आश्लेषा(३)- बुध | कुमार | मातृकारक | शत्रु | वक्रीअस्त |
शनि | कुम्भ | १०° २४' २६" | शतभिषा(२)- राहु | कुमार | ज्ञातिकारक | मूलत्रिकोण | वक्रीउदय |
राहु | मेष | २° ३४' ५७" | अश्विनी(१)- केतु | बाल | -- | शत्रुवर्गोत्तमदिग्बली | वक्री |
केतु | तुला | २° ३४' ५७" | चित्रा(३)- मङ्गल | बाल | -- | मित्रवर्गोत्तम | वक्री |