
| वार | मङ्गलवार |
साहस र जोश राम्रो हुने। दृढ सोचका साथ कठिनाइको सामना गर्ने र लक्ष्यतर्फ निरन्तर अघि बढ्ने। | |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
कृष्ण पक्ष (घट्दो चन्द्रमा) मा जन्म हुनाले, यसले आन्तरिक चिन्तन, विवेक, गम्भीरता र आत्मिक शक्तिलाई अनुकूल बनाउँछ। | |
| तिथि | ![]() |
कुल अवधि: २१ घण्टा ९ मिनेट तृतीया तिथि बुधबार बिहान १०:४३ AM देखि बिहीबार बिहान ७:५१ AM सम्म तपाईंको जन्मको तिथिले तपाईंको भावनात्मक सम्बन्ध, साझेदारी र मानसिक अवस्थालाई मार्गनिर्देशन गर्दछ। | |
| नक्षत्र | पुनर्वसु(२ पाउ) |
कुल अवधि: २१ घण्टा ५२ मिनेट पुनर्वसु नक्षत्र बुधबार बिहान ५:५१ AM देखि बिहीबार राति ३:४३ AM सम्म पुनर्वसु नक्षत्रका स्वामी बृहस्पति हुन् र यसकी देवी अदिति हुन्। यसले सकारात्मकता, नवजीवन र आध्यात्मिक पुनरुत्थानलाई जनाउँछ। १ पाउ बिहान ५:५१ AM देखि बिहान ११:१९ AM सम्म (के) २ पाउ बिहान ११:१९ AM देखि साँझ ४:४७ PM सम्म (को)हालको पाउ ३ पाउ साँझ ४:४७ PM देखि राति १०:१५ PM सम्म (हा) ४ पाउ बुधबार राति १०:१५ PM देखि बिहीबार राति ३:४३ AM सम्म (ही) | |
| योग | ब्रह्म |
कुल अवधि: २० घण्टा २६ मिनेट ब्रह्म योग बुधबार बिहान ७:४४ AM देखि बिहीबार बिहान ४:११ AM सम्म सूर्य र चन्द्रमाको संयुक्त देशान्तरबाट निकालिने यो योगले तपाईंको स्वास्थ्य, समृद्धि र आपसी सम्बन्धलाई प्रभाव पार्छ। | |
| करण | वणिज |
कुल अवधि: १० घण्टा ३४ मिनेट वणिज करण बुधबार बिहान १०:४३ AM देखि बुधबार साँझ ९:१७ PM सम्म करणले तिथिको आधा भाग प्रतिनिधित्व गर्दछ, जसले तपाईंको कार्यक्षमता, कामप्रतिको दृष्टिकोण र व्यावसायिक झुकावलाई सङ्केत गर्छ। | |
| चन्द्र राशि | मिथुन |
कुल अवधि: ४९ घण्टा २९ मिनेट मिथुन राशि सोमबार दिउँसो २:३५ PM देखि बुधबार साँझ ४:०४ PM सम्म मिथुन राशिमा चन्द्रमा हुनाले, बुध ग्रहले तपाईंलाई राम्रो अभिव्यक्ति क्षमता, जिज्ञासा र बौद्धिक क्षमता प्रदान गर्दछ। | |
समग्र जीवन, शरीर र तात्कालिक आकाशीय ग्रह गोचर फल
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | कुम्भ | २५° ३३' ५७" | पूर्वभाद्रपदा(२)- बृहस्पति | -- | -- | -- | -- |
सूर्य | वृश्चिक | २८° ४६' ३२" | ज्येष्ठा(४)- बुध | बाल | आत्मकारक | मित्रदिग्बली | मार्गी |
चन्द्र | मिथुन | २०° १४' १२" | पुनर्वसु(१)- बृहस्पति | वृद्ध | मातृकारक | मित्र | मार्गीउदय |
मङ्गल🪷 | धनु | २०° ३८' ४१" | पूर्वाषाढा(३)- शुक्र | वृद्ध | भ्रातृकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
बुध | धनु | ०° ३७' ५८" | मूला(१)- केतु | बाल | ज्ञातिकारक | सम | मार्गीअस्त |
बृहस्पति | कन्या | २° ०२' ०१" | उत्तराफाल्गुनी(२)- सूर्य | मृत | पुत्रकारक | शत्रु | मार्गीउदय |
शुक्र | मकर | ०° १०' ५९" | उत्तराषाढा(२)- सूर्य | मृत | दारककारक | मित्रवर्गोत्तम | मार्गीउदय |
शनि | मीन | २६° ५०' २९" | रेवती(४)- बुध | बाल | अमात्यकारक | समवर्गोत्तम | वक्रीउदय |
राहु🪷 | मकर | ८° ३६' ०१" | उत्तराषाढा(४)- सूर्य | वृद्ध | -- | मित्रपुष्कर | वक्री |
केतु🪷 | कर्कट | ८° ३६' ०१" | पुष्य(२)- शनि | वृद्ध | -- | शत्रुपुष्कर | वक्री |