
| वार | सोमवार |
मन कोमल र मायालु हुने। परिवार र आफ्ना मानिसप्रति गहिरो माया रहने र सम्बन्धमा शान्ति तथा आत्मीयता खोज्ने। | |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
कृष्ण पक्ष (घट्दो चन्द्रमा) मा जन्म हुनाले, यसले आन्तरिक चिन्तन, विवेक, गम्भीरता र आत्मिक शक्तिलाई अनुकूल बनाउँछ। | |
| तिथि | ![]() |
कुल अवधि: २१ घण्टा २३ मिनेट प्रतिपदा तिथि सोमबार साँझ ४:०८ PM देखि मंगलबार दिउँसो १:३१ PM सम्म तपाईंको जन्मको तिथिले तपाईंको भावनात्मक सम्बन्ध, साझेदारी र मानसिक अवस्थालाई मार्गनिर्देशन गर्दछ। | |
| नक्षत्र | आर्द्रा(१ पाउ) |
कुल अवधि: २१ घण्टा ५७ मिनेट आर्द्रा नक्षत्र मंगलबार बिहान ७:५४ AM देखि बुधबार बिहान ५:५१ AM सम्म आर्द्रा नक्षत्रका स्वामी राहु हुन् र यसका देवता रुद्र हुन्। यो नक्षत्रले आँधीबेहरी, भावना र जीवनको तीव्र रूपान्तरणलाई बुझाउँछ। १ पाउ बिहान ७:५४ AM देखि दिउँसो १:२३ PM सम्म (कु)हालको पाउ २ पाउ दिउँसो १:२३ PM देखि साँझ ६:५३ PM सम्म (घ) ३ पाउ मंगलबार साँझ ६:५३ PM देखि बुधबार राति १२:२२ AM सम्म (ङ) ४ पाउ राति १२:२२ AM देखि बिहान ५:५१ AM सम्म (छ) | |
| योग | शुक्ल |
कुल अवधि: २० घण्टा ३० मिनेट शुक्ल योग मंगलबार बिहान ११:१४ AM देखि बुधबार बिहान ७:४४ AM सम्म सूर्य र चन्द्रमाको संयुक्त देशान्तरबाट निकालिने यो योगले तपाईंको स्वास्थ्य, समृद्धि र आपसी सम्बन्धलाई प्रभाव पार्छ। | |
| करण | कौलव |
कुल अवधि: १० घण्टा ४० मिनेट कौलव करण मंगलबार राति २:५१ AM देखि मंगलबार दिउँसो १:३१ PM सम्म करणले तिथिको आधा भाग प्रतिनिधित्व गर्दछ, जसले तपाईंको कार्यक्षमता, कामप्रतिको दृष्टिकोण र व्यावसायिक झुकावलाई सङ्केत गर्छ। | |
| चन्द्र राशि | मिथुन |
कुल अवधि: ४९ घण्टा २९ मिनेट मिथुन राशि सोमबार दिउँसो २:३५ PM देखि बुधबार साँझ ४:०४ PM सम्म मिथुन राशिमा चन्द्रमा हुनाले, बुध ग्रहले तपाईंलाई राम्रो अभिव्यक्ति क्षमता, जिज्ञासा र बौद्धिक क्षमता प्रदान गर्दछ। | |
समग्र जीवन, शरीर र तात्कालिक आकाशीय ग्रह गोचर फल
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | कुम्भ | २४° ११' १९" | पूर्वभाद्रपदा(२)- बृहस्पति | -- | -- | -- | -- |
सूर्य | वृश्चिक | २७° ४५' ३२" | ज्येष्ठा(४)- बुध | बाल | भ्रातृकारक | मित्रदिग्बली | मार्गी |
चन्द्र | मिथुन | ५° ३९' २५" | मृगशीर्ष(४)- मङ्गल | बाल | ज्ञातिकारक | मित्र | मार्गीउदय |
मङ्गल | धनु | १९° ५२' २४" | पूर्वाषाढा(२)- शुक्र | वृद्ध | पुत्रकारक | मित्र | मार्गीउदय |
बुध | वृश्चिक | २९° ०३' २७" | ज्येष्ठा(४)- बुध | बाल | आत्मकारक | सम | मार्गीअस्त |
बृहस्पति | कन्या | १° ५६' ५०" | उत्तराफाल्गुनी(२)- सूर्य | मृत | दारककारक | शत्रु | मार्गीउदय |
शुक्र🪷 | धनु | २८° ५६' ६०" | उत्तराषाढा(१)- सूर्य | मृत | अमात्यकारक | समवर्गोत्तम पुष्कर | मार्गीउदय |
शनि | मीन | २६° ५१' ३१" | रेवती(४)- बुध | बाल | मातृकारक | समवर्गोत्तम | वक्रीउदय |
राहु🪷 | मकर | ८° ३९' २५" | उत्तराषाढा(४)- सूर्य | वृद्ध | -- | मित्रपुष्कर | वक्री |
केतु🪷 | कर्कट | ८° ३९' २५" | पुष्य(२)- शनि | वृद्ध | -- | शत्रुपुष्कर | वक्री |