
३१ अक्टोबर २०२७
ने.सं. ११४८ कछलाथ्व तृतीया
शक संवत् १९४९ (प्लवङ्ग संवत्सर)
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | मकर | ०° २९' २४" | उत्तराषाढा(२)- सूर्य | -- | -- | -- | -- |
सूर्य | तुला | १३° २०' ४९" | स्वाति(३)- राहु | युवा | पुत्रकारक | नीचदिग्बली | मार्गी |
चन्द्र | वृश्चिक | ४° ३३' ४७" | अनुराधा(१)- शनि | मृत | ज्ञातिकारक | नीच | मार्गीउदय |
मङ्गल | वृश्चिक | १६° ४६' ४२" | ज्येष्ठा(१)- बुध | युवा | मातृकारक | स्वराशि | मार्गीउदय |
बुध | कन्या | २५° ४२' १६" | चित्रा(१)- मङ्गल | बाल | भ्रातृकारक | उच्च | मार्गीउदय |
बृहस्पति | सिंह | २५° ५४' १३" | पूर्वाफाल्गुनी(४)- शुक्र | मृत | अमात्यकारक | मित्र | मार्गीउदय |
शुक्र | वृश्चिक | ४° २६' २५" | अनुराधा(१)- शनि | मृत | दारककारक | सम | मार्गीउदय |
शनि | मीन | २९° ०७' २९" | रेवती(४)- बुध | बाल | आत्मकारक | समवर्गोत्तम | वक्रीउदय |
राहु | मकर | १२° २७' ४९" | श्रवण(१)- चन्द्र | युवा | -- | मित्र | वक्री |
केतु | कर्कट | १२° २७' ४९" | पुष्य(३)- शनि | युवा | -- | शत्रु | वक्री |