
३० अक्टोबर २०२७
ने.सं. ११४८ कछलाथ्व प्रतिपदा
शक संवत् १९४९ (प्लवङ्ग संवत्सर)
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | धनु | २९° २७' ०२" | उत्तराषाढा(१)- सूर्य | -- | -- | -- | -- |
सूर्य | तुला | १२° २०' ५०" | स्वाति(२)- राहु | युवा | ज्ञातिकारक | नीच | मार्गी |
चन्द्र | तुला | २१° ०८' ५०" | विशाखा(१)- बृहस्पति | वृद्ध | मातृकारक | सम | मार्गीअस्त |
मङ्गल | वृश्चिक | १६° ०२' ५६" | अनुराधा(४)- शनि | युवा | पुत्रकारक | स्वराशिवर्गोत्तम | मार्गीउदय |
बुध | कन्या | २५° १९' ०६" | चित्रा(१)- मङ्गल | बाल | भ्रातृकारक | उच्च | मार्गीउदय |
बृहस्पति | सिंह | २५° ४३' ३२" | पूर्वाफाल्गुनी(४)- शुक्र | मृत | अमात्यकारक | मित्र | मार्गीउदय |
शुक्र🪷 | वृश्चिक | ३° ११' ५३" | विशाखा(४)- बृहस्पति | मृत | दारककारक | समपुष्कर | मार्गीउदय |
शनि | मीन | २९° १२' ०३" | रेवती(४)- बुध | बाल | आत्मकारक | समवर्गोत्तम | वक्रीउदय |
राहु | मकर | १२° ४०' १२" | श्रवण(१)- चन्द्र | युवा | -- | मित्र | वक्री |
केतु | कर्कट | १२° ४०' १२" | पुष्य(३)- शनि | युवा | -- | शत्रु | वक्री |