
१ अगस्ट २०२६
ने.सं. ११४६ गुंलागा तृतीया
शक संवत् १९४८ (पराभव संवत्सर)
पञ्चक छैन
अग्निवास पृथ्वी (शुभ)
अयन: दक्षिणायन
चन्द्रकला: ९१.९% प्रकाश (कृष्ण पक्ष (१५ कला - चन्द्रकला क्षय))
सूर्योदय: ५:२७ AM, सूर्यास्त: ६:५४ PM
दिनमान: १३ घण्टा २७ मिनेट (३३ घटी ३८ पला), रात्रिमान: १० घण्टा ३३ मिनेट (२६ घटी २३ पला)
चन्द्रोदय: शनिबार दिउँसो २:४८ PM, चन्द्रास्त: शनिबार राति १:५६ AM
ग्रह स्थिति, D1/D9 वर्ग चक्र र षड्बल फल
विस्तृत तिथि, नक्षत्र, चौघडिया र होरा मुहूर्त
परम्परागत नेपाली चिना, ग्रह चक्र र महादशा
प्रत्यक्ष आकाशीय ग्रहहरूको राशि, अंश, नक्षत्र, अवस्था, कारक, मर्यादा (उच्च/नीच/वर्गोत्तम) र उदयास्त स्थिति
| ग्रह (Planet) | राशि (Sign) | अंश (Degree) | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था (Awastha) | कारक (Karaka) | मर्यादा (Dignity) | स्थिति (Condition) |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
🌅लग्न | तुला(७) | १०° २' | स्वाति(२)-राहु | कुमार | -- | लग्न बिन्दु | मार्गी (D) |
☀️सूर्य | कर्कट(४) | १४° ४८' | पुष्य(४)-शनि | युवा | PK(पुत्र) | मित्रदिग्बली | मार्गी (D) |
🌙चन्द्र | कुम्भ(११) | १५° १३' | शतभिषा(३)-राहु | युवा | MK(मातृ) | समवर्गोत्तम | मार्गी (D)उदय |
♂️मङ्गल | वृष(२) | २९° ०' | मृगशीर्ष(२)-मङ्गल | बाल | AK(आत्म) | सम | मार्गी (D)उदय |
☿️बुध🪷 | मिथुन(३) | २५° ३०' | पुनर्वसु(२)-बृहस्पति | मृत | AmK(अमात्य) | स्वराशिपुष्कर | मार्गी (D)उदय |
♃बृहस्पति | कर्कट(४) | १२° ४७' | पुष्य(३)-शनि | युवा | GK(ज्ञाति) | उच्च | मार्गी (D)अस्त |
♀️शुक्र | कन्या(६) | ०° ५' | उत्तराफाल्गुनी(२)-सूर्य | मृत | DK(दारक) | नीच | मार्गी (D)उदय |
🪐शनि | मीन(१२) | २०° २९' | रेवती(२)-बुध | कुमार | BK(भ्रातृ) | सम | वक्री (R)उदय |
☊राहु | कुम्भ(११) | ५° ३५' | धनिष्ठा(४)-मङ्गल | बाल | -- | मित्र | मार्गी (D) |
☋केतु | सिंह(५) | ५° ३५' | मघा(२)-केतु | बाल | -- | शत्रु | मार्गी (D) |
तृतीया तिथिकी स्वामिनी देवी गौरी हुन्। यस दिन गरिएका सत्कर्मको फल अक्षय रहने धार्मिक विश्वास छ। यो तिथि सुख, समृद्धि र दाम्पत्य जीवनको शुभ फल प्राप्तिका लागि प्रसिद्ध छ।