
३१ जुलाई २०२६
ने.सं. ११४६ गुंलागा द्वितीया
शक संवत् १९४८ (पराभव संवत्सर)
चोर पञ्चक (चोरी, ठगी)
अग्निवास आकाश/पाताल (अशुभ)
अयन: दक्षिणायन
चन्द्रकला: ९६.५% प्रकाश (कृष्ण पक्ष (१५ कला - चन्द्रकला क्षय))
सूर्योदय: ५:२७ AM, सूर्यास्त: ६:५५ PM
दिनमान: १३ घण्टा २८ मिनेट (३३ घटी ४१ पला), रात्रिमान: १० घण्टा ३२ मिनेट (२६ घटी २० पला)
चन्द्रोदय: शुक्रबार दिउँसो २:१८ PM, चन्द्रास्त: शुक्रबार राति १२:५९ AM
ग्रह स्थिति, D1/D9 वर्ग चक्र र षड्बल फल
विस्तृत तिथि, नक्षत्र, चौघडिया र होरा मुहूर्त
परम्परागत नेपाली चिना, ग्रह चक्र र महादशा
प्रत्यक्ष आकाशीय ग्रहहरूको राशि, अंश, नक्षत्र, अवस्था, कारक, मर्यादा (उच्च/नीच/वर्गोत्तम) र उदयास्त स्थिति
| ग्रह (Planet) | राशि (Sign) | अंश (Degree) | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था (Awastha) | कारक (Karaka) | मर्यादा (Dignity) | स्थिति (Condition) |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
🌅लग्न | तुला(७) | ९° ११' | स्वाति(१)-राहु | कुमार | -- | लग्न बिन्दु | मार्गी (D) |
☀️सूर्य | कर्कट(४) | १३° ५१' | पुष्य(४)-शनि | युवा | PK(पुत्र) | मित्रदिग्बली | मार्गी (D) |
🌙चन्द्र | कुम्भ(११) | २° ३९' | धनिष्ठा(३)-मङ्गल | बाल | DK(दारक) | सम | मार्गी (D)उदय |
♂️मङ्गल | वृष(२) | २८° २०' | मृगशीर्ष(२)-मङ्गल | बाल | AmK(अमात्य) | सम | मार्गी (D)उदय |
☿️बुध🪷 | मिथुन(३) | २४° ४३' | पुनर्वसु(२)-बृहस्पति | मृत | BK(भ्रातृ) | स्वराशिपुष्कर | मार्गी (D)उदय |
♃बृहस्पति | कर्कट(४) | १२° ३४' | पुष्य(३)-शनि | युवा | GK(ज्ञाति) | उच्च | मार्गी (D)अस्त |
♀️शुक्र🪷 | सिंह(५) | २९° ३' | उत्तराफाल्गुनी(१)-सूर्य | मृत | AK(आत्म) | शत्रुपुष्कर | मार्गी (D)उदय |
🪐शनि | मीन(१२) | २०° ३०' | रेवती(२)-बुध | कुमार | MK(मातृ) | सम | वक्री (R)उदय |
☊राहु | कुम्भ(११) | ५° ३५' | धनिष्ठा(४)-मङ्गल | बाल | -- | मित्र | वक्री (R) |
☋केतु | सिंह(५) | ५° ३५' | मघा(२)-केतु | बाल | -- | शत्रु | वक्री (R) |
द्वितीया तिथिका स्वामी सृष्टि कर्ता ब्रह्मा हुन्। विवाह, गृहनिर्माण र लामो यात्रा सुरुवातका लागि यो तिथि निकै उत्तम मानिन्छ। यसले जीवनमा साझेदारी र सहकार्यको विकास गर्दछ।