
३ फेब्रुअरी २०२६
ने.सं. ११४६ सिल्लागा द्वितीया
शक संवत् १९४७ (विश्ववासु संवत्सर)
अग्नि पञ्चक (आगलागी, दुर्घटना)
अग्निवास आकाश/पाताल (अशुभ)
अयन: उत्तरायण
चन्द्रकला: ९६.९% प्रकाश (कृष्ण पक्ष (१६ कला - चन्द्रकला क्षय))
सूर्योदय: ६:५० AM, सूर्यास्त: ५:४६ PM
दिनमान: १० घण्टा ५६ मिनेट (२७ घटी १९ पला), रात्रिमान: १३ घण्टा ४ मिनेट (३२ घटी ३९ पला)
चन्द्रोदय: मंगलबार दिउँसो १:३५ PM, चन्द्रास्त: मंगलबार राति १:५८ AM
ग्रह स्थिति, D1/D9 वर्ग चक्र र षड्बल फल
विस्तृत तिथि, नक्षत्र, चौघडिया र होरा मुहूर्त
परम्परागत नेपाली चिना, ग्रह चक्र र महादशा
प्रत्यक्ष आकाशीय ग्रहहरूको राशि, अंश, नक्षत्र, अवस्था, कारक, मर्यादा (उच्च/नीच/वर्गोत्तम) र उदयास्त स्थिति
| ग्रह (Planet) | राशि (Sign) | अंश (Degree) | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था (Awastha) | कारक (Karaka) | मर्यादा (Dignity) | स्थिति (Condition) |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
🌅लग्न | वृष(२) | १° ७' | कृत्तिका(२)-सूर्य | मृत | -- | लग्न बिन्दु | मार्गी (D) |
☀️सूर्य | मकर(१०) | २०° ११' | श्रवण(४)-चन्द्र | कुमार | MK(मातृ) | शत्रु | मार्गी (D) |
🌙चन्द्र | सिंह(५) | ७° २५' | मघा(३)-केतु | कुमार | GK(ज्ञाति) | मित्रदिग्बली | मार्गी (D)उदय |
♂️मङ्गल🪷 | मकर(१०) | १४° १६' | श्रवण(२)-चन्द्र | युवा | PK(पुत्र) | उच्चपुष्कर | मार्गी (D)अस्त |
☿️बुध | मकर(१०) | २९° १५' | धनिष्ठा(२)-मङ्गल | बाल | AK(आत्म) | सम | मार्गी (D)अस्त |
♃बृहस्पति | मिथुन(३) | २२° ५३' | पुनर्वसु(१)-बृहस्पति | वृद्ध | BK(भ्रातृ) | शत्रु | वक्री (R)उदय |
♀️शुक्र | मकर(१०) | २६° ४७' | धनिष्ठा(२)-मङ्गल | बाल | AmK(अमात्य) | मित्र | मार्गी (D)अस्त |
🪐शनि | मीन(१२) | ४° ३८' | उत्तरभाद्रपदा(१)-शनि | मृत | DK(दारक) | सम | मार्गी (D)उदय |
☊राहु | कुम्भ(११) | १४° ४८' | शतभिषा(३)-राहु | युवा | -- | मित्रवर्गोत्तम | वक्री (R) |
☋केतु | सिंह(५) | १४° ४८' | पूर्वाफाल्गुनी(१)-शुक्र | युवा | -- | शत्रुवर्गोत्तम | वक्री (R) |
द्वितीया तिथिका स्वामी सृष्टि कर्ता ब्रह्मा हुन्। विवाह, गृहनिर्माण र लामो यात्रा सुरुवातका लागि यो तिथि निकै उत्तम मानिन्छ। यसले जीवनमा साझेदारी र सहकार्यको विकास गर्दछ।