
२ मार्च २०२६
ने.सं. ११४६ चिल्लाथ्व चतुर्दशी
शक संवत् १९४७ (विश्ववासु संवत्सर)
पञ्चक छैन
अग्निवास पृथ्वी (शुभ)
अयन: उत्तरायण
चन्द्रकला: ९८.९% प्रकाश (पूर्णिमा (पूर्ण चन्द्र - १६ कला))
सूर्योदय: ६:२९ AM, सूर्यास्त: ६:०५ PM
दिनमान: ११ घण्टा ३७ मिनेट (२९ घटी १ पला), रात्रिमान: १२ घण्टा २२ मिनेट (३० घटी ५६ पला)
चन्द्रोदय: सोमबार बिहान ११:१८ AM, चन्द्रास्त: मंगलबार राति १२:२८ AM
ग्रह स्थिति, D1/D9 वर्ग चक्र र षड्बल फल
विस्तृत तिथि, नक्षत्र, चौघडिया र होरा मुहूर्त
परम्परागत नेपाली चिना, ग्रह चक्र र महादशा
प्रत्यक्ष आकाशीय ग्रहहरूको राशि, अंश, नक्षत्र, अवस्था, कारक, मर्यादा (उच्च/नीच/वर्गोत्तम) र उदयास्त स्थिति
| ग्रह (Planet) | राशि (Sign) | अंश (Degree) | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था (Awastha) | कारक (Karaka) | मर्यादा (Dignity) | स्थिति (Condition) |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
🌅लग्न | वृष(२) | २८° ३५' | मृगशीर्ष(२)-मङ्गल | बाल | -- | लग्न बिन्दु | मार्गी (D) |
☀️सूर्य🪷 | कुम्भ(११) | १७° २६' | शतभिषा(४)-राहु | युवा | BK(भ्रातृ) | शत्रुपुष्करदिग्बली | मार्गी (D) |
🌙चन्द्र | सिंह(५) | २° १२' | मघा(१)-केतु | बाल | GK(ज्ञाति) | मित्रदिग्बली | मार्गी (D)उदय |
♂️मङ्गल | कुम्भ(११) | ५° ३०' | धनिष्ठा(४)-मङ्गल | बाल | PK(पुत्र) | समदिग्बली | मार्गी (D)अस्त |
☿️बुध | कुम्भ(११) | २७° ५' | पूर्वभाद्रपदा(३)-बृहस्पति | मृत | AK(आत्म) | सम | वक्री (R)अस्त |
♃बृहस्पति | मिथुन(३) | २०° ५९' | पुनर्वसु(१)-बृहस्पति | वृद्ध | AmK(अमात्य) | शत्रु | वक्री (R)उदय |
♀️शुक्र🪷 | मीन(१२) | ०° ३३' | पूर्वभाद्रपदा(४)-बृहस्पति | मृत | DK(दारक) | उच्चपुष्कर | मार्गी (D)उदय |
🪐शनि🪷 | मीन(१२) | ७° ३९' | उत्तरभाद्रपदा(२)-शनि | वृद्ध | MK(मातृ) | समपुष्कर | मार्गी (D)उदय |
☊राहु | कुम्भ(११) | १४° ४५' | शतभिषा(३)-राहु | युवा | -- | मित्रवर्गोत्तम | मार्गी (D) |
☋केतु | सिंह(५) | १४° ४५' | पूर्वाफाल्गुनी(१)-शुक्र | युवा | -- | शत्रुवर्गोत्तम | मार्गी (D) |
चतुर्दशी तिथिका स्वामी भगवान शिव र काली हुन्। यो तिथि मन्त्र साधना, आत्म-शुद्धीकरण र ध्यानका लागि फलदायी हुन्छ।