
१६ जनवरी २०२५
ने.सं. ११४५ पोहेलागा तृतीया
शक संवत् १९४६ (क्रोधि संवत्सर)
पञ्चक छैन
अग्निवास आकाश/पाताल (अशुभ)
अयन: उत्तरायण
चन्द्रकला: ९२.९% प्रकाश (कृष्ण पक्ष (१५ कला - चन्द्रकला क्षय))
सूर्योदय: ६:५६ AM, सूर्यास्त: ५:३२ PM
दिनमान: १० घण्टा ३५ मिनेट (२६ घटी २८ पला), रात्रिमान: १३ घण्टा २५ मिनेट (३३ घटी ३१ पला)
चन्द्रोदय: बिहीबार दिउँसो २:१० PM, चन्द्रास्त: बिहीबार राति २:५५ AM
ग्रह स्थिति, D1/D9 वर्ग चक्र र षड्बल फल
विस्तृत तिथि, नक्षत्र, चौघडिया र होरा मुहूर्त
परम्परागत नेपाली चिना, ग्रह चक्र र महादशा
प्रत्यक्ष आकाशीय ग्रहहरूको राशि, अंश, नक्षत्र, अवस्था, कारक, मर्यादा (उच्च/नीच/वर्गोत्तम) र उदयास्त स्थिति
| ग्रह (Planet) | राशि (Sign) | अंश (Degree) | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था (Awastha) | कारक (Karaka) | मर्यादा (Dignity) | स्थिति (Condition) |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
🌅लग्न | मेष(१) | ९° ५९' | अश्विनी(३)-केतु | कुमार | -- | लग्न बिन्दु | मार्गी (D) |
☀️सूर्य | मकर(१०) | २° ९' | उत्तराषाढा(२)-सूर्य | मृत | PK(पुत्र) | शत्रुवर्गोत्तमदिग्बली | मार्गी (D) |
🌙चन्द्र | सिंह(५) | ०° १५' | मघा(१)-केतु | बाल | DK(दारक) | मित्र | मार्गी (D)उदय |
♂️मङ्गल🪷 | कर्कट(४) | १° ५६' | पुनर्वसु(४)-बृहस्पति | मृत | GK(ज्ञाति) | नीचवर्गोत्तम पुष्कर | वक्री (R)उदय |
☿️बुध | धनु(९) | १७° १५' | पूर्वाषाढा(२)-शुक्र | युवा | MK(मातृ) | सम | मार्गी (D)उदय |
♃बृहस्पति | वृष(२) | १७° ४१' | रोहिणी(३)-चन्द्र | युवा | BK(भ्रातृ) | शत्रु | वक्री (R)उदय |
♀️शुक्र🪷 | कुम्भ(११) | १९° ११' | शतभिषा(४)-राहु | वृद्ध | AmK(अमात्य) | मित्रपुष्कर | मार्गी (D)उदय |
🪐शनि | कुम्भ(११) | २१° ३६' | पूर्वभाद्रपदा(१)-बृहस्पति | वृद्ध | AK(आत्म) | स्वराशि | मार्गी (D)उदय |
☊राहु | मीन(१२) | ५° ३' | उत्तरभाद्रपदा(१)-शनि | मृत | -- | सम | वक्री (R) |
☋केतु | कन्या(६) | ५° ३' | उत्तराफाल्गुनी(३)-सूर्य | मृत | -- | सम | वक्री (R) |
तृतीया तिथिकी स्वामिनी देवी गौरी हुन्। यस दिन गरिएका सत्कर्मको फल अक्षय रहने धार्मिक विश्वास छ। यो तिथि सुख, समृद्धि र दाम्पत्य जीवनको शुभ फल प्राप्तिका लागि प्रसिद्ध छ।