
१५ अगस्ट २०२३
ने.सं. ११४३ गुंलागा अमावस्या
शक संवत् १९४५ (शोभकृत संवत्सर)
| वार | मङ्गलवार |
साहस र जोश राम्रो हुने। दृढ सोचका साथ कठिनाइको सामना गर्ने र लक्ष्यतर्फ निरन्तर अघि बढ्ने। | |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
कृष्ण पक्ष (घट्दो चन्द्रमा) मा जन्म हुनाले, यसले आन्तरिक चिन्तन, विवेक, गम्भीरता र आत्मिक शक्तिलाई अनुकूल बनाउँछ। | |
| तिथि | ![]() |
कुल अवधि: २६ घण्टा २४ मिनेट अमावस्या तिथि मंगलबार बिहान ७:१२ AM देखि बुधबार बिहान ९:३७ AM सम्म अमावश्या (औंसी) तिथिका स्वामी पितृहरू हुन्। यो दिन पितृ कार्य, तर्पण, दान र ध्यानका लागि समर्पित छ। नयाँ भौतिक कार्य सुरु गर्न यस दिन निषेध गरिन्छ। | |
| नक्षत्र | आश्लेषा(१ पाउ) |
कुल अवधि: २६ घण्टा ५९ मिनेट आश्लेषा नक्षत्र मंगलबार बिहान ८:२८ AM देखि बुधबार बिहान ११:२७ AM सम्म तपाईंको जन्म नक्षत्र तपाईंको कुण्डलीको सबैभन्दा महत्त्वपूर्ण नक्षत्र हो, जसले तपाईंको गहिरो सोच, व्यक्तित्व र जीवन मार्गलाई आकार दिन्छ। १ पाउ बिहान ८:२८ AM देखि दिउँसो ३:१३ PM सम्म (डी)हालको पाउ २ पाउ दिउँसो ३:१३ PM देखि साँझ ९:५७ PM सम्म (डू) ३ पाउ मंगलबार साँझ ९:५७ PM देखि बुधबार बिहान ४:४२ AM सम्म (डे) ४ पाउ बिहान ४:४२ AM देखि बिहान ११:२७ AM सम्म (डो) | |
| योग | व्यतीपात |
कुल अवधि: २४ घण्टा ५३ मिनेट व्यतीपात योग सोमबार बिहान ११:०८ AM देखि मंगलबार दिउँसो १२:०१ PM सम्म सूर्य र चन्द्रमाको संयुक्त देशान्तरबाट निकालिने यो योगले तपाईंको स्वास्थ्य, समृद्धि र आपसी सम्बन्धलाई प्रभाव पार्छ। | |
| करण | चतुष्पद |
कुल अवधि: १३ घण्टा १२ मिनेट चतुष्पद करण मंगलबार बिहान ७:१२ AM देखि मंगलबार साँझ ८:२४ PM सम्म करणले तिथिको आधा भाग प्रतिनिधित्व गर्दछ, जसले तपाईंको कार्यक्षमता, कामप्रतिको दृष्टिकोण र व्यावसायिक झुकावलाई सङ्केत गर्छ। | |
| चन्द्र राशि | कर्कट |
कुल अवधि: ६० घण्टा २७ मिनेट कर्कट राशि आइतबार दिउँसो ३:२२ PM देखि बुधबार राति ३:४९ AM सम्म कर्कट राशिमा चन्द्रमा हुनाले, चन्द्रमाको प्रभावले तपाईंमा गहिरो संवेदनशीलता, दया, सहृदयता र पारिवारिक स्नेह रहन्छ। | |
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | तुला | २१° ४४' २९" | विशाखा(१)- बृहस्पति | -- | -- | -- | -- |
सूर्य | कर्कट | २८° ००' २१" | आश्लेषा(४)- बुध | बाल | आत्मकारक | मित्रदिग्बली | मार्गी |
चन्द्र | कर्कट | १५° ३३' ४६" | पुष्य(४)- शनि | युवा | ज्ञातिकारक | स्वराशि | मार्गीउदय |
मङ्गल🪷 | सिंह | २७° ५९' २७" | उत्तराफाल्गुनी(१)- सूर्य | मृत | अमात्यकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
बुध | सिंह | २४° ३६' १२" | पूर्वाफाल्गुनी(४)- शुक्र | मृत | मातृकारक | मित्र | मार्गीउदय |
बृहस्पति🪷 | मेष | २०° ४३' २४" | भरणी(३)- शुक्र | वृद्ध | पुत्रकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
शुक्र | कर्कट | २५° १०' ३०" | आश्लेषा(३)- बुध | बाल | भ्रातृकारक | शत्रु | वक्रीअस्त |
शनि | कुम्भ | १०° ३३' १५" | शतभिषा(२)- राहु | कुमार | दारककारक | मूलत्रिकोण | वक्रीउदय |
राहु | मेष | २° ५८' २३" | अश्विनी(१)- केतु | बाल | -- | शत्रुवर्गोत्तमदिग्बली | वक्री |
केतु | तुला | २° ५८' २३" | चित्रा(३)- मङ्गल | बाल | -- | मित्रवर्गोत्तम | वक्री |