
| वार | शनिवार |
धैर्य र मेहनतमा विश्वास गर्ने। जिम्मेवारी पूरा गर्न सक्ने र कठिन समयमा पनि हिम्मत नहार्ने। | |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
कृष्ण पक्ष (घट्दो चन्द्रमा) मा जन्म हुनाले, यसले आन्तरिक चिन्तन, विवेक, गम्भीरता र आत्मिक शक्तिलाई अनुकूल बनाउँछ। | |
| तिथि | ![]() |
कुल अवधि: २१ घण्टा ५७ मिनेट सप्तमी तिथि आइतबार राति १२:०६ AM देखि आइतबार राति १०:०३ PM सम्म तपाईंको जन्मको तिथिले तपाईंको भावनात्मक सम्बन्ध, साझेदारी र मानसिक अवस्थालाई मार्गनिर्देशन गर्दछ। | |
| नक्षत्र | पूर्वाफाल्गुनी(३ पाउ) |
कुल अवधि: २२ घण्टा ३७ मिनेट पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र शनिबार साँझ ९:५९ PM देखि आइतबार साँझ ८:३६ PM सम्म तपाईंको जन्म नक्षत्र तपाईंको कुण्डलीको सबैभन्दा महत्त्वपूर्ण नक्षत्र हो, जसले तपाईंको गहिरो सोच, व्यक्तित्व र जीवन मार्गलाई आकार दिन्छ। १ पाउ शनिबार साँझ ९:५९ PM देखि आइतबार राति ३:३९ AM सम्म (मो) २ पाउ राति ३:३९ AM देखि बिहान ९:१८ AM सम्म (टा) ३ पाउ बिहान ९:१८ AM देखि दिउँसो २:५७ PM सम्म (टी)हालको पाउ ४ पाउ दिउँसो २:५७ PM देखि साँझ ८:३६ PM सम्म (टू) | |
| योग | प्रीति |
कुल अवधि: २१ घण्टा २ मिनेट प्रीति योग शनिबार साँझ ६:०४ PM देखि आइतबार दिउँसो ३:०६ PM सम्म सूर्य र चन्द्रमाको संयुक्त देशान्तरबाट निकालिने यो योगले तपाईंको स्वास्थ्य, समृद्धि र आपसी सम्बन्धलाई प्रभाव पार्छ। | |
| करण | बव |
कुल अवधि: ११ घण्टा १ मिनेट बव करण आइतबार बिहान ११:०२ AM देखि आइतबार राति १०:०३ PM सम्म करणले तिथिको आधा भाग प्रतिनिधित्व गर्दछ, जसले तपाईंको कार्यक्षमता, कामप्रतिको दृष्टिकोण र व्यावसायिक झुकावलाई सङ्केत गर्छ। | |
| चन्द्र राशि | सिंह |
कुल अवधि: ५० घण्टा २६ मिनेट सिंह राशि शुक्रबार साँझ ५:२५ PM देखि आइतबार साँझ ७:५१ PM सम्म सिंह राशिमा चन्द्रमा हुनाले, सूर्यको ऊर्जाले तपाईंलाई नेतृत्व गर्ने क्षमता, आत्मविश्वास, उदार हृदय र स्वाभिमान प्रदान गर्दछ। | |
समग्र जीवन, शरीर र तात्कालिक आकाशीय ग्रह गोचर फल
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | मीन | १° ०६' १३" | पूर्वभाद्रपदा(४)- बृहस्पति | -- | -- | -- | -- |
सूर्य | धनु | २° ५०' ४०" | मूला(१)- केतु | बाल | ज्ञातिकारक | मित्रदिग्बली | मार्गी |
चन्द्र | सिंह | १८° १३' ०३" | पूर्वाफाल्गुनी(२)- शुक्र | वृद्ध | भ्रातृकारक | मित्र | मार्गीउदय |
मङ्गल | धनु | २३° ४४' १७" | पूर्वाषाढा(४)- शुक्र | वृद्ध | अमात्यकारक | मित्रदिग्बली | मार्गीउदय |
बुध | धनु | ६° ५७' १९" | मूला(३)- केतु | कुमार | मातृकारक | सम | मार्गीअस्त |
बृहस्पति | कन्या | २° २१' ०५" | उत्तराफाल्गुनी(२)- सूर्य | मृत | दारककारक | शत्रु | मार्गीउदय |
शुक्र | मकर | ५° ०६' ४१" | उत्तराषाढा(३)- सूर्य | मृत | पुत्रकारक | मित्र | मार्गीउदय |
शनि | मीन | २६° ४७' २७" | रेवती(४)- बुध | बाल | आत्मकारक | समवर्गोत्तम | वक्रीउदय |
राहु🪷 | मकर | ८° ३७' ४३" | उत्तराषाढा(४)- सूर्य | वृद्ध | -- | मित्रपुष्कर | मार्गी |
केतु🪷 | कर्कट | ८° ३७' ४३" | पुष्य(२)- शनि | वृद्ध | -- | शत्रुपुष्कर | मार्गी |