
| वार | बिहीवार |
ज्ञान र नयाँ कुरा सिक्न रुचि रहने। राम्रो सोच, धैर्य र असल कुराप्रतिको सम्मानले सही बाटो रोज्न सहयोग गर्ने। | |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
कृष्ण पक्ष (घट्दो चन्द्रमा) मा जन्म हुनाले, यसले आन्तरिक चिन्तन, विवेक, गम्भीरता र आत्मिक शक्तिलाई अनुकूल बनाउँछ। | |
| तिथि | ![]() |
कुल अवधि: २१ घण्टा २३ मिनेट पञ्चमी तिथि शुक्रबार बिहान ५:०४ AM देखि शनिबार राति २:२७ AM सम्म पञ्चमी तिथिका स्वामी नाग देवता हुन्। यो तिथि विद्या प्राप्ति (सरस्वती पूजा), कला, औषधि सेवन र सम्बन्ध सुधारका लागि निकै राम्रो मानिन्छ। | |
| नक्षत्र | आश्लेषा(२ पाउ) |
कुल अवधि: २२ घण्टा ४ मिनेट आश्लेषा नक्षत्र शुक्रबार राति १:३७ AM देखि शुक्रबार राति ११:४१ PM सम्म तपाईंको जन्म नक्षत्र तपाईंको कुण्डलीको सबैभन्दा महत्त्वपूर्ण नक्षत्र हो, जसले तपाईंको गहिरो सोच, व्यक्तित्व र जीवन मार्गलाई आकार दिन्छ। १ पाउ राति १:३७ AM देखि बिहान ७:०८ AM सम्म (डी) २ पाउ बिहान ७:०८ AM देखि दिउँसो १२:३९ PM सम्म (डू)हालको पाउ ३ पाउ दिउँसो १२:३९ PM देखि साँझ ६:१० PM सम्म (डे) ४ पाउ साँझ ६:१० PM देखि राति ११:४१ PM सम्म (डो) | |
| योग | वैधृति |
कुल अवधि: २० घण्टा ३६ मिनेट वैधृति योग शुक्रबार राति १२:४० AM देखि शुक्रबार साँझ ९:१६ PM सम्म सूर्य र चन्द्रमाको संयुक्त देशान्तरबाट निकालिने यो योगले तपाईंको स्वास्थ्य, समृद्धि र आपसी सम्बन्धलाई प्रभाव पार्छ। | |
| करण | कौलव |
कुल अवधि: १० घण्टा ४० मिनेट कौलव करण शुक्रबार बिहान ५:०४ AM देखि शुक्रबार दिउँसो ३:४४ PM सम्म करणले तिथिको आधा भाग प्रतिनिधित्व गर्दछ, जसले तपाईंको कार्यक्षमता, कामप्रतिको दृष्टिकोण र व्यावसायिक झुकावलाई सङ्केत गर्छ। | |
| चन्द्र राशि | कर्कट |
कुल अवधि: ४९ घण्टा २१ मिनेट कर्कट राशि बुधबार साँझ ४:०४ PM देखि शुक्रबार साँझ ५:२५ PM सम्म कर्कट राशिमा चन्द्रमा हुनाले, चन्द्रमाको प्रभावले तपाईंमा गहिरो संवेदनशीलता, दया, सहृदयता र पारिवारिक स्नेह रहन्छ। | |
समग्र जीवन, शरीर र तात्कालिक आकाशीय ग्रह गोचर फल
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | कुम्भ | २८° १९' ४८" | पूर्वभाद्रपदा(३)- बृहस्पति | -- | -- | -- | -- |
सूर्य | धनु | ०° ४८' ३४" | मूला(१)- केतु | बाल | दारककारक | मित्र | मार्गी |
चन्द्र | कर्कट | १९° २८' ०४" | आश्लेषा(१)- बुध | कुमार | भ्रातृकारक | स्वराशि | मार्गीउदय |
मङ्गल🪷 | धनु | २२° ११' २४" | पूर्वाषाढा(३)- शुक्र | वृद्ध | अमात्यकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
बुध | धनु | ३° ४७' २२" | मूला(२)- केतु | बाल | मातृकारक | सम | मार्गीअस्त |
बृहस्पति | कन्या | २° ११' ५३" | उत्तराफाल्गुनी(२)- सूर्य | मृत | ज्ञातिकारक | शत्रु | मार्गीउदय |
शुक्र | मकर | २° ३८' ५३" | उत्तराषाढा(२)- सूर्य | मृत | पुत्रकारक | मित्रवर्गोत्तम | मार्गीउदय |
शनि | मीन | २६° ४८' ४५" | रेवती(४)- बुध | बाल | आत्मकारक | समवर्गोत्तम | वक्रीउदय |
राहु🪷 | मकर | ८° ३४' ५९" | उत्तराषाढा(४)- सूर्य | वृद्ध | -- | मित्रपुष्कर | मार्गी |
केतु🪷 | कर्कट | ८° ३४' ५९" | पुष्य(२)- शनि | वृद्ध | -- | शत्रुपुष्कर | मार्गी |