
१२ डिसेम्बर २०२७
ने.सं. ११४८ थिंलाथ्व चतुर्दशी
शक संवत् १९४९ (प्लवङ्ग संवत्सर)
| वार | शनिवार |
धैर्य र मेहनतमा विश्वास गर्ने। जिम्मेवारी पूरा गर्न सक्ने र कठिन समयमा पनि हिम्मत नहार्ने। | |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
शुक्ल पक्ष (बढ्दो चन्द्रमा) मा जन्म हुनाले, यसले बाह्य विकास, ऊर्जा वृद्धि, सकारात्मकता र प्रगतिको सङ्केत गर्दछ। | |
| तिथि | ![]() |
कुल अवधि: २२ घण्टा १२ मिनेट चतुर्दशी तिथि शनिबार साँझ ८:१२ PM देखि आइतबार साँझ ६:२५ PM सम्म तपाईंको जन्मको तिथिले तपाईंको भावनात्मक सम्बन्ध, साझेदारी र मानसिक अवस्थालाई मार्गनिर्देशन गर्दछ। | |
| नक्षत्र | रोहिणी(१ पाउ) |
कुल अवधि: २२ घण्टा ३३ मिनेट रोहिणी नक्षत्र आइतबार बिहान ११:११ AM देखि सोमबार बिहान ९:४४ AM सम्म रोहिणी नक्षत्रका स्वामी चन्द्रमा हुन् र यसका देवता ब्रह्मा हुन्। यस नक्षत्रमा जन्मिएका व्यक्तिहरू कलात्मक, आकर्षक र पारिवारिक स्वभावका हुन्छन्। १ पाउ बिहान ११:११ AM देखि साँझ ४:५० PM सम्म (ओ)हालको पाउ २ पाउ साँझ ४:५० PM देखि राति १०:२८ PM सम्म (वा) ३ पाउ आइतबार राति १०:२८ PM देखि सोमबार बिहान ४:०६ AM सम्म (वी) ४ पाउ बिहान ४:०६ AM देखि बिहान ९:४४ AM सम्म (वू) | |
| योग | सिद्ध |
कुल अवधि: २१ घण्टा २० मिनेट सिद्ध योग शनिबार साँझ ८:१८ PM देखि आइतबार साँझ ५:३८ PM सम्म सूर्य र चन्द्रमाको संयुक्त देशान्तरबाट निकालिने यो योगले तपाईंको स्वास्थ्य, समृद्धि र आपसी सम्बन्धलाई प्रभाव पार्छ। | |
| करण | वणिज |
कुल अवधि: ११ घण्टा २ मिनेट वणिज करण आइतबार बिहान ७:२३ AM देखि आइतबार साँझ ६:२५ PM सम्म करणले तिथिको आधा भाग प्रतिनिधित्व गर्दछ, जसले तपाईंको कार्यक्षमता, कामप्रतिको दृष्टिकोण र व्यावसायिक झुकावलाई सङ्केत गर्छ। | |
| चन्द्र राशि | वृष |
कुल अवधि: ५१ घण्टा १३ मिनेट वृष राशि शनिबार बिहान ११:२१ AM देखि सोमबार दिउँसो २:३५ PM सम्म वृष राशिमा चन्द्रमा हुनाले, शुक्र ग्रहले तपाईंलाई स्थिरता, कलात्मक दृष्टिकोण, धैर्यता र एउटा भरपर्दो व्यक्तित्व प्रदान गर्दछ। | |
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | कुम्भ | २१° २६' ४२" | पूर्वभाद्रपदा(१)- बृहस्पति | -- | -- | -- | -- |
सूर्य | वृश्चिक | २५° ४३' ३५" | ज्येष्ठा(३)- बुध | बाल | मातृकारक | मित्रदिग्बली | मार्गी |
चन्द्र🪷 | वृष | ७° ०६' ३०" | कृत्तिका(४)- सूर्य | वृद्ध | ज्ञातिकारक | उच्चपुष्करदिग्बली | मार्गीउदय |
मङ्गल | धनु | १८° १९' ५७" | पूर्वाषाढा(२)- शुक्र | वृद्ध | पुत्रकारक | मित्र | मार्गीउदय |
बुध | वृश्चिक | २५° ५४' ३९" | ज्येष्ठा(३)- बुध | बाल | भ्रातृकारक | सम | मार्गीअस्त |
बृहस्पति | कन्या | १° ४५' ६०" | उत्तराफाल्गुनी(२)- सूर्य | मृत | दारककारक | शत्रु | मार्गीउदय |
शुक्र | धनु | २६° २८' ५७" | पूर्वाषाढा(४)- शुक्र | मृत | अमात्यकारक | सम | मार्गीउदय |
शनि | मीन | २६° ५३' ५४" | रेवती(४)- बुध | बाल | आत्मकारक | समवर्गोत्तम | वक्रीउदय |
राहु🪷 | मकर | ८° ५१' ३८" | उत्तराषाढा(४)- सूर्य | वृद्ध | -- | मित्रपुष्कर | वक्री |
केतु🪷 | कर्कट | ८° ५१' ३८" | पुष्य(२)- शनि | वृद्ध | -- | शत्रुपुष्कर | वक्री |