
५ डिसेम्बर २०२७
ने.सं. ११४८ थिंलाथ्व सप्तमी
शक संवत् १९४९ (प्लवङ्ग संवत्सर)
| वार | शनिवार |
धैर्य र मेहनतमा विश्वास गर्ने। जिम्मेवारी पूरा गर्न सक्ने र कठिन समयमा पनि हिम्मत नहार्ने। | |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
शुक्ल पक्ष (बढ्दो चन्द्रमा) मा जन्म हुनाले, यसले बाह्य विकास, ऊर्जा वृद्धि, सकारात्मकता र प्रगतिको सङ्केत गर्दछ। | |
| तिथि | ![]() |
कुल अवधि: २६ घण्टा ४१ मिनेट सप्तमी तिथि शनिबार दिउँसो १:२६ PM देखि आइतबार साँझ ४:०७ PM सम्म तपाईंको जन्मको तिथिले तपाईंको भावनात्मक सम्बन्ध, साझेदारी र मानसिक अवस्थालाई मार्गनिर्देशन गर्दछ। | |
| नक्षत्र | शतभिषा२ पाउ |
कुल अवधि: २६ घण्टा ५९ मिनेट शतभिषा नक्षत्र आइतबार राति ३:११ AM देखि सोमबार बिहान ६:१० AM सम्म शतभिषा नक्षत्रका स्वामी राहु हुन् र यसका देवता वरुण हुन्। यसले निको पार्ने क्षमता (आरोग्य), चिकित्सा र रहस्यलाई बुझाउँछ। १ पाउ राति ३:११ AM देखि बिहान ९:५६ AM सम्म (गो) २ पाउ बिहान ९:५६ AM देखि साँझ ४:४१ PM सम्म (सा)हालको पाउ ३ पाउ साँझ ४:४१ PM देखि राति ११:२५ PM सम्म (सी) ४ पाउ आइतबार राति ११:२५ PM देखि सोमबार बिहान ६:१० AM सम्म (सू) | |
| योग | हर्षण |
कुल अवधि: २४ घण्टा ५४ मिनेट हर्षण योग शनिबार राति ११:४५ PM देखि सोमबार राति १२:३९ AM सम्म सूर्य र चन्द्रमाको संयुक्त देशान्तरबाट निकालिने यो योगले तपाईंको स्वास्थ्य, समृद्धि र आपसी सम्बन्धलाई प्रभाव पार्छ। | |
| करण | वणिज |
कुल अवधि: १३ घण्टा १९ मिनेट वणिज करण आइतबार राति २:४७ AM देखि आइतबार साँझ ४:०७ PM सम्म करणले तिथिको आधा भाग प्रतिनिधित्व गर्दछ, जसले तपाईंको कार्यक्षमता, कामप्रतिको दृष्टिकोण र व्यावसायिक झुकावलाई सङ्केत गर्छ। | |
| चन्द्र राशि | कुम्भ |
कुल अवधि: ६० घण्टा ४३ मिनेट कुम्भ राशि शनिबार बिहान ५:५६ AM देखि सोमबार साँझ ६:३९ PM सम्म कुम्भ राशिमा चन्द्रमा हुनाले, तपाईंमा नवीन सोच, सामाजिक हितको चाहना, बौद्धिक स्वतन्त्रता र प्रगतिशील दृष्टिकोण रहन्छ। | |
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | कुम्भ | १२° ००' ०१" | शतभिषा(२)- राहु | -- | -- | -- | -- |
सूर्य | वृश्चिक | १८° ३७' ०८" | ज्येष्ठा(१)- बुध | कुमार | अमात्यकारक | मित्रदिग्बली | मार्गी |
चन्द्र | कुम्भ | ८° १०' ०५" | शतभिषा(१)- राहु | कुमार | ज्ञातिकारक | सम | मार्गीउदय |
मङ्गल | धनु | १२° ५७' ४४" | मूला(४)- केतु | युवा | पुत्रकारक | मित्र | मार्गीउदय |
बुध | वृश्चिक | १४° ५५' ०६" | अनुराधा(४)- शनि | युवा | मातृकारक | समवर्गोत्तम | मार्गीअस्त |
बृहस्पति | कन्या | १° ०३' ११" | उत्तराफाल्गुनी(२)- सूर्य | मृत | दारककारक | शत्रु | मार्गीउदय |
शुक्र | धनु | १७° ५०' ०२" | पूर्वाषाढा(२)- शुक्र | युवा | भ्रातृकारक | सम | मार्गीउदय |
शनि | मीन | २७° ०५' ३३" | रेवती(४)- बुध | बाल | आत्मकारक | समवर्गोत्तम | वक्रीउदय |
राहु🪷 | मकर | ९° २०' ५४" | उत्तराषाढा(४)- सूर्य | वृद्ध | -- | मित्रपुष्कर | मार्गी |
केतु🪷 | कर्कट | ९° २०' ५४" | पुष्य(२)- शनि | वृद्ध | -- | शत्रुपुष्कर | मार्गी |