
१६ नोभेम्बर २०२७
ने.सं. ११४८ कछलागा तृतीया
शक संवत् १९४९ (प्लवङ्ग संवत्सर)
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था | कारक | मर्यादा | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
लग्न | मकर | १८° १०' ५५" | श्रवण(३)- चन्द्र | -- | -- | -- | -- |
सूर्य | तुला | २९° २४' ११" | विशाखा(३)- बृहस्पति | मृत | आत्मकारक | नीचदिग्बली | मार्गी |
चन्द्र | वृष | २६° ४१' ३५" | मृगशीर्ष(२)- मङ्गल | बाल | पुत्रकारक | उच्च | मार्गीउदय |
मङ्गल | वृश्चिक | २८° ३५' ५१" | ज्येष्ठा(४)- बुध | बाल | अमात्यकारक | स्वराशि | मार्गीउदय |
बुध | तुला | १५° ०१' ०६" | स्वाति(३)- राहु | युवा | दारककारक | मित्र | मार्गीउदय |
बृहस्पति🪷 | सिंह | २८° ३२' ३९" | उत्तराफाल्गुनी(१)- सूर्य | मृत | भ्रातृकारक | मित्रपुष्कर | मार्गीउदय |
शुक्र | वृश्चिक | २४° १७' ५२" | ज्येष्ठा(३)- बुध | बाल | ज्ञातिकारक | सम | मार्गीउदय |
शनि | मीन | २८° ००' ४६" | रेवती(४)- बुध | बाल | मातृकारक | समवर्गोत्तम | वक्रीउदय |
राहु | मकर | १०° ४१' ५१" | श्रवण(१)- चन्द्र | वृद्ध | -- | मित्र | वक्री |
केतु | कर्कट | १०° ४१' ५१" | पुष्य(३)- शनि | वृद्ध | -- | शत्रु | वक्री |