
९ फेब्रुअरी २०२७
ने.सं. ११४७ सिल्लाथ्व तृतीया
शक संवत् १९४८ (पराभव संवत्सर)
रोग पञ्चक (स्वास्थ्य समस्या)
अग्निवास पृथ्वी (शुभ)
अयन: उत्तरायण
चन्द्रकला: ७.६% प्रकाश (शुक्ल पक्ष (१ कला - चन्द्रकला वृद्धि))
सूर्योदय: ६:४७ AM, सूर्यास्त: ५:५१ PM
दिनमान: ११ घण्टा ४ मिनेट (२७ घटी ३९ पला), रात्रिमान: १२ घण्टा ५६ मिनेट (३२ घटी १९ पला)
चन्द्रोदय: मंगलबार राति २:१९ AM, चन्द्रास्त: मंगलबार दिउँसो २:३२ PM
ग्रह स्थिति, D1/D9 वर्ग चक्र र षड्बल फल
विस्तृत तिथि, नक्षत्र, चौघडिया र होरा मुहूर्त
परम्परागत नेपाली चिना, ग्रह चक्र र महादशा
प्रत्यक्ष आकाशीय ग्रहहरूको राशि, अंश, नक्षत्र, अवस्था, कारक, मर्यादा (उच्च/नीच/वर्गोत्तम) र उदयास्त स्थिति
| ग्रह (Planet) | राशि (Sign) | अंश (Degree) | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था (Awastha) | कारक (Karaka) | मर्यादा (Dignity) | स्थिति (Condition) |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
🌅लग्न | वृष(२) | ७° २३' | कृत्तिका(४)-सूर्य | वृद्ध | -- | लग्न बिन्दु | मार्गी (D) |
☀️सूर्य | मकर(१०) | २६° १' | धनिष्ठा(१)-मङ्गल | बाल | AmK(अमात्य) | शत्रु | मार्गी (D) |
🌙चन्द्र🪷 | कुम्भ(११) | २५° ३' | पूर्वभाद्रपदा(२)-बृहस्पति | मृत | BK(भ्रातृ) | समपुष्कर | मार्गी (D)उदय |
♂️मङ्गल | सिंह(५) | १०° ३१' | मघा(४)-केतु | कुमार | DK(दारक) | मित्र | वक्री (R)उदय |
☿️बुध | कुम्भ(११) | ११° ४३' | शतभिषा(२)-राहु | कुमार | GK(ज्ञाति) | सम | मार्गी (D)उदय |
♃बृहस्पति | कर्कट(४) | २८° २' | आश्लेषा(४)-बुध | बाल | AK(आत्म) | उच्च | वक्री (R)उदय |
♀️शुक्र | धनु(९) | १२° १६' | मूला(४)-केतु | युवा | PK(पुत्र) | सम | मार्गी (D)उदय |
🪐शनि | मीन(१२) | १६° ४६' | रेवती(१)-बुध | युवा | MK(मातृ) | सम | मार्गी (D)उदय |
☊राहु | मकर(१०) | २६° १७' | धनिष्ठा(१)-मङ्गल | बाल | -- | मित्र | मार्गी (D) |
☋केतु | कर्कट(४) | २६° १७' | आश्लेषा(३)-बुध | बाल | -- | शत्रु | मार्गी (D) |
तृतीया तिथिकी स्वामिनी देवी गौरी हुन्। यस दिन गरिएका सत्कर्मको फल अक्षय रहने धार्मिक विश्वास छ। यो तिथि सुख, समृद्धि र दाम्पत्य जीवनको शुभ फल प्राप्तिका लागि प्रसिद्ध छ।