
३० अक्टोबर २०२६
ने.सं. ११४७ कछलागा पञ्चमी
शक संवत् १९४८ (पराभव संवत्सर)
राज पञ्चक (उच्च जोखिम)
अग्निवास आकाश/पाताल (अशुभ)
अयन: दक्षिणायन
चन्द्रकला: ७५.८% प्रकाश (कृष्ण पक्ष (१२ कला - चन्द्रकला क्षय))
सूर्योदय: ६:१४ AM, सूर्यास्त: ५:२३ PM
दिनमान: ११ घण्टा ९ मिनेट (२७ घटी ५३ पला), रात्रिमान: १२ घण्टा ५२ मिनेट (३२ घटी ९ पला)
चन्द्रोदय: शुक्रबार दिउँसो ३:१७ PM, चन्द्रास्त: शुक्रबार बिहान ४:५४ AM
ग्रह स्थिति, D1/D9 वर्ग चक्र र षड्बल फल
विस्तृत तिथि, नक्षत्र, चौघडिया र होरा मुहूर्त
परम्परागत नेपाली चिना, ग्रह चक्र र महादशा
प्रत्यक्ष आकाशीय ग्रहहरूको राशि, अंश, नक्षत्र, अवस्था, कारक, मर्यादा (उच्च/नीच/वर्गोत्तम) र उदयास्त स्थिति
| ग्रह (Planet) | राशि (Sign) | अंश (Degree) | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था (Awastha) | कारक (Karaka) | मर्यादा (Dignity) | स्थिति (Condition) |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
🌅लग्न | धनु(९) | २९° ४२' | उत्तराषाढा(१)-सूर्य | मृत | -- | लग्न बिन्दु | मार्गी (D) |
☀️सूर्य | तुला(७) | १२° ३६' | स्वाति(२)-राहु | युवा | PK(पुत्र) | नीच | मार्गी (D) |
🌙चन्द्र | मिथुन(३) | ८° १७' | आर्द्रा(१)-राहु | कुमार | GK(ज्ञाति) | मित्र | मार्गी (D)उदय |
♂️मङ्गल | कर्कट(४) | २३° ३०' | आश्लेषा(३)-बुध | कुमार | BK(भ्रातृ) | नीच | मार्गी (D)उदय |
☿️बुध🪷 | तुला(७) | २४° ९' | विशाखा(२)-बृहस्पति | मृत | AmK(अमात्य) | मित्रपुष्कर | वक्री (R)अस्त |
♃बृहस्पति | कर्कट(४) | २९° ५२' | आश्लेषा(४)-बुध | बाल | AK(आत्म) | उच्च | मार्गी (D)उदय |
♀️शुक्र | तुला(७) | २° ५५' | चित्रा(३)-मङ्गल | बाल | DK(दारक) | मूलत्रिकोणवर्गोत्तम | वक्री (R)उदय |
🪐शनि | मीन(१२) | १५° ९' | उत्तरभाद्रपदा(४)-शनि | युवा | MK(मातृ) | सम | वक्री (R)उदय |
☊राहु | कुम्भ(११) | २° ४७' | धनिष्ठा(३)-मङ्गल | बाल | -- | मित्र | वक्री (R) |
☋केतु | सिंह(५) | २° ४७' | मघा(१)-केतु | बाल | -- | शत्रु | वक्री (R) |
पञ्चमी तिथिका स्वामी नाग देवता हुन्। यो तिथि विद्या प्राप्ति (सरस्वती पूजा), कला, औषधि सेवन र सम्बन्ध सुधारका लागि निकै राम्रो मानिन्छ।