
२३ फेब्रुअरी २०२७
ने.सं. ११४७ चिल्लागा तृतीया
शक संवत् १९४८ (पराभव संवत्सर)
अग्नि पञ्चक (आगलागी, दुर्घटना)
अग्निवास पृथ्वी (शुभ)
अयन: उत्तरायण
चन्द्रकला: ९१.५% प्रकाश (कृष्ण पक्ष (१५ कला - चन्द्रकला क्षय))
सूर्योदय: ६:३६ AM, सूर्यास्त: ६:०१ PM
दिनमान: ११ घण्टा २५ मिनेट (२८ घटी ३२ पला), रात्रिमान: १२ घण्टा ३४ मिनेट (३१ घटी २६ पला)
चन्द्रोदय: मंगलबार दिउँसो २:५३ PM, चन्द्रास्त: मंगलबार राति २:०१ AM
ग्रह स्थिति, D1/D9 वर्ग चक्र र षड्बल फल
विस्तृत तिथि, नक्षत्र, चौघडिया र होरा मुहूर्त
परम्परागत नेपाली चिना, ग्रह चक्र र महादशा
प्रत्यक्ष आकाशीय ग्रहहरूको राशि, अंश, नक्षत्र, अवस्था, कारक, मर्यादा (उच्च/नीच/वर्गोत्तम) र उदयास्त स्थिति
| ग्रह (Planet) | राशि (Sign) | अंश (Degree) | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था (Awastha) | कारक (Karaka) | मर्यादा (Dignity) | स्थिति (Condition) |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
🌅लग्न | वृष(२) | २१° ३९' | रोहिणी(४)-चन्द्र | कुमार | -- | लग्न बिन्दु | मार्गी (D) |
☀️सूर्य | कुम्भ(११) | १०° ९' | शतभिषा(२)-राहु | कुमार | PK(पुत्र) | शत्रुदिग्बली | मार्गी (D) |
🌙चन्द्र | कन्या(६) | १०° ४४' | हस्त(१)-चन्द्र | वृद्ध | MK(मातृ) | मित्र | मार्गी (D)उदय |
♂️मङ्गल | सिंह(५) | ५° ६' | मघा(२)-केतु | बाल | GK(ज्ञाति) | मित्र | वक्री (R)उदय |
☿️बुध | कुम्भ(११) | ०° ३८' | धनिष्ठा(३)-मङ्गल | बाल | DK(दारक) | सम | वक्री (R)अस्त |
♃बृहस्पति | कर्कट(४) | २६° १२' | आश्लेषा(३)-बुध | बाल | AmK(अमात्य) | उच्च | वक्री (R)उदय |
♀️शुक्र🪷 | धनु(९) | २८° ३८' | उत्तराषाढा(१)-सूर्य | मृत | AK(आत्म) | समवर्गोत्तम पुष्कर | मार्गी (D)उदय |
🪐शनि | मीन(१२) | १८° १२' | रेवती(१)-बुध | कुमार | BK(भ्रातृ) | सम | मार्गी (D)उदय |
☊राहु | मकर(१०) | २६° १६' | धनिष्ठा(१)-मङ्गल | बाल | -- | मित्र | वक्री (R) |
☋केतु | कर्कट(४) | २६° १६' | आश्लेषा(३)-बुध | बाल | -- | शत्रु | वक्री (R) |
तृतीया तिथिकी स्वामिनी देवी गौरी हुन्। यस दिन गरिएका सत्कर्मको फल अक्षय रहने धार्मिक विश्वास छ। यो तिथि सुख, समृद्धि र दाम्पत्य जीवनको शुभ फल प्राप्तिका लागि प्रसिद्ध छ।