
४ मे २०२६
ने.सं. ११४६ बछलागा तृतीया
शक संवत् १९४८ (पराभव संवत्सर)
पञ्चक छैन
अग्निवास आकाश/पाताल (अशुभ)
अयन: उत्तरायण
चन्द्रकला: ९२.९% प्रकाश (कृष्ण पक्ष (१५ कला - चन्द्रकला क्षय))
सूर्योदय: ५:२३ AM, सूर्यास्त: ६:४० PM
दिनमान: १३ घण्टा १७ मिनेट (३३ घटी ११ पला), रात्रिमान: १० घण्टा ४३ मिनेट (२६ घटी ४७ पला)
चन्द्रोदय: सोमबार दिउँसो ३:३१ PM, चन्द्रास्त: सोमबार राति १२:५४ AM
ग्रह स्थिति, D1/D9 वर्ग चक्र र षड्बल फल
विस्तृत तिथि, नक्षत्र, चौघडिया र होरा मुहूर्त
परम्परागत नेपाली चिना, ग्रह चक्र र महादशा
प्रत्यक्ष आकाशीय ग्रहहरूको राशि, अंश, नक्षत्र, अवस्था, कारक, मर्यादा (उच्च/नीच/वर्गोत्तम) र उदयास्त स्थिति
| ग्रह (Planet) | राशि (Sign) | अंश (Degree) | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था (Awastha) | कारक (Karaka) | मर्यादा (Dignity) | स्थिति (Condition) |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
🌅लग्न | कर्कट(४) | २३° १' | आश्लेषा(२)-बुध | कुमार | -- | लग्न बिन्दु | मार्गी (D) |
☀️सूर्य | मेष(१) | १९° ३४' | भरणी(२)-शुक्र | वृद्ध | BK(भ्रातृ) | उच्चदिग्बली | मार्गी (D) |
🌙चन्द्र | वृश्चिक(८) | १७° ३३' | ज्येष्ठा(१)-बुध | युवा | PK(पुत्र) | नीच | मार्गी (D)उदय |
♂️मङ्गल | मीन(१२) | २४° ३८' | रेवती(३)-बुध | बाल | AmK(अमात्य) | मित्र | मार्गी (D)उदय |
☿️बुध | मेष(१) | ७° ५९' | अश्विनी(३)-केतु | कुमार | DK(दारक) | सम | मार्गी (D)अस्त |
♃बृहस्पति🪷 | मिथुन(३) | २५° ९' | पुनर्वसु(२)-बृहस्पति | मृत | AK(आत्म) | शत्रुपुष्कर | मार्गी (D)उदय |
♀️शुक्र | वृष(२) | १८° ०' | रोहिणी(३)-चन्द्र | कुमार | MK(मातृ) | स्वराशि | मार्गी (D)उदय |
🪐शनि | मीन(१२) | १५° १७' | उत्तरभाद्रपदा(४)-शनि | युवा | GK(ज्ञाति) | सम | मार्गी (D)उदय |
☊राहु | कुम्भ(११) | १२° ८' | शतभिषा(२)-राहु | युवा | -- | मित्र | वक्री (R) |
☋केतु | सिंह(५) | १२° ८' | मघा(४)-केतु | युवा | -- | शत्रु | वक्री (R) |
तृतीया तिथिकी स्वामिनी देवी गौरी हुन्। यस दिन गरिएका सत्कर्मको फल अक्षय रहने धार्मिक विश्वास छ। यो तिथि सुख, समृद्धि र दाम्पत्य जीवनको शुभ फल प्राप्तिका लागि प्रसिद्ध छ।