
१३ अक्टोबर २०२६
ने.सं. ११४६ कौलाथ्व तृतीया
शक संवत् १९४८ (पराभव संवत्सर)
पञ्चक छैन
अग्निवास पृथ्वी (शुभ)
अयन: दक्षिणायन
चन्द्रकला: ८.४% प्रकाश (शुक्ल पक्ष (१ कला - चन्द्रकला वृद्धि))
सूर्योदय: ६:०३ AM, सूर्यास्त: ५:३८ PM
दिनमान: ११ घण्टा ३५ मिनेट (२८ घटी ५८ पला), रात्रिमान: १२ घण्टा २५ मिनेट (३१ घटी ३ पला)
चन्द्रोदय: मंगलबार राति २:४० AM, चन्द्रास्त: मंगलबार दिउँसो १:१७ PM
ग्रह स्थिति, D1/D9 वर्ग चक्र र षड्बल फल
विस्तृत तिथि, नक्षत्र, चौघडिया र होरा मुहूर्त
परम्परागत नेपाली चिना, ग्रह चक्र र महादशा
प्रत्यक्ष आकाशीय ग्रहहरूको राशि, अंश, नक्षत्र, अवस्था, कारक, मर्यादा (उच्च/नीच/वर्गोत्तम) र उदयास्त स्थिति
| ग्रह (Planet) | राशि (Sign) | अंश (Degree) | नक्षत्र (पाउ) - स्वामी | अवस्था (Awastha) | कारक (Karaka) | मर्यादा (Dignity) | स्थिति (Condition) |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
🌅लग्न | धनु(९) | १२° ५९' | मूला(४)-केतु | युवा | -- | लग्न बिन्दु | मार्गी (D) |
☀️सूर्य | कन्या(६) | २५° ४२' | चित्रा(१)-मङ्गल | बाल | BK(भ्रातृ) | समदिग्बली | मार्गी (D) |
🌙चन्द्र🪷 | तुला(७) | २६° ९' | विशाखा(२)-बृहस्पति | मृत | AmK(अमात्य) | समपुष्कर | मार्गी (D)उदय |
♂️मङ्गल | कर्कट(४) | १४° २६' | पुष्य(४)-शनि | युवा | GK(ज्ञाति) | नीच | मार्गी (D)उदय |
☿️बुध | तुला(७) | २०° ४०' | विशाखा(१)-बृहस्पति | वृद्ध | MK(मातृ) | मित्र | मार्गी (D)उदय |
♃बृहस्पति | कर्कट(४) | २७° २६' | आश्लेषा(४)-बुध | बाल | AK(आत्म) | उच्च | मार्गी (D)उदय |
♀️शुक्र | तुला(७) | १२° १८' | स्वाति(२)-राहु | युवा | DK(दारक) | मूलत्रिकोण | वक्री (R)उदय |
🪐शनि | मीन(१२) | १६° २३' | उत्तरभाद्रपदा(४)-शनि | युवा | PK(पुत्र) | सम | वक्री (R)उदय |
☊राहु | कुम्भ(११) | ४° १५' | धनिष्ठा(४)-मङ्गल | बाल | -- | मित्र | वक्री (R) |
☋केतु | सिंह(५) | ४° १५' | मघा(२)-केतु | बाल | -- | शत्रु | वक्री (R) |
तृतीया तिथिकी स्वामिनी देवी गौरी हुन्। यस दिन गरिएका सत्कर्मको फल अक्षय रहने धार्मिक विश्वास छ। यो तिथि सुख, समृद्धि र दाम्पत्य जीवनको शुभ फल प्राप्तिका लागि प्रसिद्ध छ।